गुजरात के शेर और बाघ
एशियाई शेरों के आखिरी गढ़ को बचाने का गौरव होने के बावजूद गुजरात ने राजस्थान, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के विपरीत यहां के मूल निवासी बाघों की आबादी स्थिर न होने की पीड़ा भुगती है. लेकिन डांग जिले में 28.96 हेक्टेयर में टाइगर सफारी पार्क बनाने की घोषणा के साथ अब यह सब बदल जाएगा.
इस पार्क में चिड़ियाघर में जन्मी आठ बड़ी बिल्लियों को रखा जाएगा. ये बिल्लियां नई आजादी का आनंद लेंगी तो इस कदम से गुजरात के अधिकारियों से करीब 500 शेरों में से उन कुछ को अभयारण्यों में छोड़ने की मांग फिर से उठ सकती है जिन्हें प्रजनन के लिए एमपी, राजस्थान और यूपी भेजा जाना है.
एक शुरुआत
कभी-कभी 'छोटा कश्मीर’ कहे जाने वाले पिथौरागढ़ की सीमाएं पूर्व में नेपाल और उत्तर में तिब्बत से मिलती हैं. मिलम ग्लेशियर और दारमा घाटी जाने के इच्छुक ट्रेकर हों या कैलाश-मानसरोवर जाने वाले तीर्थयात्री, इस जिले में यात्राओं की शुरुआत हमेशा बढिय़ा साबित होती है.
भारत-चीन सीमा पर स्थित गांवों में और अधिक पर्यटकों को आकर्षित करने की नई शुरुआत के लिए उत्तराखंड सरकार ने पिथौरागढ़ को चुना है. मई के दूसरे सप्ताह में यहां साहसिक साइकिल रैली का आयोजन किया जाएगा. रैली में भाग लेने वाले साइकिल सवार गुंजी से आदि कैलाश तक 36 किमी की दूरी तय करेंगे. अधिकारियों को उम्मीद है कि ''इस तरह के कार्यक्रमों के साथ सीमावर्ती कस्बों को पुनर्जीवन दिया जा सकेगा.’’
फास्ट ट्रैक पर
शताब्दी ट्रेनों की तुलना में कुल 30 किमी प्रति घंटे तेज रफ्तार से चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस के बारे में दावा है कि उसमें अधिक आकर्षक खूबियां हैं—जैसे कि यूरोपीय शैली की घूमने वाली सीटें, डिफ्यूज्ड एलईडी लाइटें, स्वचालित दरवाजे, मॉड्यूलर बायो-वैक्यूम शौचालय और सीलबंद धूल रहित गैंगवे आदि. इस सेमी-हाइ-स्पीड ट्रेन से खुश केंद्र सरकार ने रेलवे के बेड़े में 400 नई वंदे भारत ट्रेनें जोडऩे का फैसला किया है.
अभी ये ट्रेनें वाराणसी, दिल्ली और कटरा के बीच उपलब्ध हैं. वंदे भारत एक्सप्रेस (इसे 'ट्रेन 18’ भी कहा जाता है) जल्द ही नई दिल्ली और खजुराहो को भी जोड़ेगी. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने हाल ही में कहा है कि इसके लिए ''छतरपुर और खजुराहो में दो रैक पॉइंट स्वीकृत किए गए हैं. इससे यात्रा के टिकट अब देश के 45,000 डाकघरों से प्राप्त किए जा सकते हैं.’’
नासाज मौसम
बीते 122 साल में मार्च इतना गर्म कभी नहीं रहा जितना कि इस साल था. देश भर में 33.1 डिग्री सेल्सियस के औसत अधिकतम तापमान के बीच साफ पता चल रहा था कि वसंत जलवायु परिवर्तन की भेंट चढ़ गया है. मौसम के बारे में सभी पूर्वानुमानों में कहा जा रहा है कि हमें गर्म मौसम के कई और थपेड़ों के लिए तैयार रहना होगा.
ऐसे में राहत की राह सिर्फ बादलों में नजर आ रही है. मौसम विज्ञान विभाग का अनुमान है कि जून से सितंबर तक देश में बारिश 'सामान्य’ रहेगी. कोविड और जलवायु परिवर्तन के असर से सब कुछ अप्रत्याशित होने के इस दौर में शायद यही बेहतर होगा कि इस 'सामान्य’ पर संदेह बनाए रखते हुए मौसम को ही हमारे यात्रा कार्यक्रम तय करने दें.
पहली उड़ान
अलायंस एयर के पिछले महीने डिब्रूगढ़-पासीघाट रूट पर शुरू हुए 17 सीटों वाले डोर्नियर 288 (फोटो ऊपर) विमान की उड़ान का अरुणाचल प्रदेश के लोगों ने स्वागत किया है. यह राज्य में नागरिक विमान सेवाओं के फिर शुरू होने का एक और संकेत है. गुवाहाटी को मिशमी हिल्स के गेटवे तेजू से जोडऩे वाली एक अन्य फ्लाइट का संचालन हो रहा है और जिरो के लिए भी फ्लाइट शुरू होने की उम्मीद है.
खबर पर ट्विटर में इस बात को लेकर दिलचस्प झगड़ा शुरू हो गया कि जर्मन डिजाइन वाला डोर्नियर पहला भारत निर्मित वाणिज्यिक एयरक्राफ्ट है. ऐसा नहीं है. जानकारों ने बताया कि यह तमगा ब्रिटिश एचएस एवरो 748 (फोटो नीचे) को मिला है जिसे एचएएल ने पहली दफा इंडियन एयरलाइंस के लिए 1960 के दशक में बनाया था.
गर्मी में क्या होंगे आपके राज्य में प्रमुख पर्यटन आकर्षण?
''एडवेंचर टूरिज्म पर बड़ा जोर दिया जा रहा है. 30 से अधिक साइटें विकसित की जा रही हैं—प्रत्येक में कैंम्पिंग, एडवेंचर गतिविधियां, नेचर ट्रेल्स, बर्डवॉचिंग, स्टारगेजिंग, बोट राइड्स और वाटर स्पोट्र्स की सुविधा होगी. इसमें कोल्ली हिल्स और जवधु हिल्स जैसे कम प्रसिद्ध गंतव्य शामिल हैं. हाल ही में तूतीकोरिन में अपनी तरह की पहली राष्ट्रीय काइट सर्फिंग चैंपियनशिप आयोजित की गई थी.
मन्नार की खाड़ी और रामेश्वरम में अब स्नार्कलिंग और स्कूबा डाइविंग की पेशकश की जा रही है. महाबलीपुरम में अर्जुन की तपस्या पर एक अत्याधुनिक 3-डी मैपिंग साउंड-ऐंड-लाइट शो इस गर्मी में एक नया आकर्षण होगा. विभिन्न समुद्र तटीय गतिविधियों और पानी के खेलों के साथ, मुदलियारकुप्पम द्वीप भी गर्मियों का आकर्षण है.’’
डॉ. बी. चंद्र मोहन, पर्यटन सचिव, तमिलनाडु
''हमारा ध्यान पूरे साल पर्यटन सुविधाओं और पर्यटन स्थलों को विकसित करने पर रहा है, फिर भी कुछ ऐसी गतिविधियां हैं जो एक विशेष समय में अधिक रोमांचकारी होती हैं. गर्मी के मौसम के लिए ओंकारेश्वर के सैलानी द्वीप में एक स्कूबा डाइविंग सुविधा विकसित की गई है. पचमढ़ी और उसके आसपास के स्थान जैसे चूर्णा और तवा बांध जैसे गंतव्य भीषण गर्मी से राहत देते हैं.
मॉनसून के लिए, मध्य प्रदेश में 'बफ़र में सफ़र’ का आनंद उपलब्ध है, जिसमें बाघ अभयारण्यों के बफर क्षेत्रों में सफारी पर जाने का मौका मिलता है. इन अभयारण्यों के मुख्य क्षेत्र मॉनसून के महीनों के दौरान बंद रहते हैं.’’
शिव शेखर शुक्ला, पर्यटन सचिव, मध्य प्रदेश
''हमारा नारा है 'जम्मू-कश्मीर आएं, हम आपको दुनिया दिखाएंगे.’ हेरिटेज वॉक के माध्यम से हम पर्यटकों को स्थानीय संस्कृति, हस्तशिल्प और इतिहास की जानकारी प्रदान करने जा रहे हैं. हमें उम्मीद है कि पर्यटक मंदिरों तक ही नहीं, चेरी और सेब के बागों में भी जाना चाहेंगे.
साथ ही, स्वतंत्रता के 75वें वर्ष में हम जम्मू और कश्मीर में 75 एकदम नए स्थलों को पर्यटकों के लिए खोल रहे हैं. इनमें गुरेज़, बंगस घाटी, बसोली और बानी शामिल हैं. हम इन सभी जगहों पर उत्सवों का आयोजन करेंगे.’’
सरमद हफीज, पर्यटन सचिव, जम्मू और कश्मीर
''पिछले दो साल पर्यटन के लिए बड़ी चुनौती रहे हैं. हाल ही में हमने कई नए पर्यटन रुझान देखे हैं और उन्हें ध्यान में रखते हुए कई योजनाएं बनाई हैं. इनमें महाबलेश्वर जैसे मौजूदा गंतव्यों में अधिक स्थान और सुविधाएं बनाने से लेकर जावहर जैसे हरे-भरे और कम ज्ञात स्थानों को खोलना शामिल है. हम अब जिम्मेदार और पर्यावरण-अनुकूल पर्यटन पर जोर दे रहे हैं.’’
वलसा नायर सिंह, पर्यटन सचिव, महाराष्ट्र

