अपराजिता शर्मा
आपके बच्चे ने अपने सपनों के कॉलेज में दाखिला पाने के लिए कड़ी मेहनत की. उसे कॉलेज से दाखिले का प्रस्ताव पत्र भी मिल गया है और अब उसके लिए धन की व्यवस्था करने का समय है. लेकिन अगर पैसे कम पड़ जाएं तो क्या होगा? आपको एजुकेशन लोन (शिक्षा ऋण) के विकल्प देखने होंगे या छात्रवृत्ति की तलाश में जुटना होगा. सरकार ने शिक्षा ऋण के लिए समर्पित ऑनलाइन पोर्टल्स-vi
dyalakshmi.com और छात्रवृत्ति के लिए समर्पित पोर्टल्स vidyasaarathi.com और scholarships.gov.in के माध्यम से इस प्रक्रिया को सरल बना दिया है. आइए इनके बारे में कुछ जानते हैं:
ऋण के लिए आवेदन कैसे करें
वित्तीय सेवाओं के विभाग (डीएफएस), उच्च शिक्षा विभाग और इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (आइबीए) के मार्गदर्शन में एनएसडीएल (नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड) ने ई-गवर्नेंस इन्फ्रास्ट्रक्चर के तहत एक सामान्य पोर्टल, विद्यालक्ष्मी को विकसित किया. डीएफएस निर्देश कहते हैं, सभी शिक्षा ऋणों को इस पोर्टल के माध्यम से दिया जाना चाहिए.
पोर्टल पर साइन अप करके कॉमन एजुकेशन लोन एप्लीकेशन फॉर्म भरने के बाद, लोकेशन, कोर्स और ऋण की राशि के लिए फिल्टर दिखाई देते हैं. विवरण भरने के बाद, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों, सहकारी बैंकों और यहां तक कि निजी बैंकों से ऋण योजनाओं की सूची दिखाई जाएगी. ऋण का चयन करने से पहले, योजना के विवरण और पात्रता मानदंड अच्छी तरह से जांच लें. आप एक ही समय में तीन बैंकों में आवेदन कर सकते हैं. कहने की जरूरत नहीं है कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक अधिकतम संख्या में शिक्षा ऋण को मंजूरी देते हैं. बैंक ऑफ बड़ौदा में मार्गेजेज ऐंड अदर रिटेल एसेट्स के प्रमुख वीरेंद्र सेठी बताते हैं, ''हमें विद्यालक्ष्मी पोर्टल पर प्रतिमाह लगभग 1,000 आवेदन मिलते हैं. हमसे जो छात्र सीधे संपर्क करते हैं हम उनसे भी पोर्टल के माध्यम से आवेदन करने के लिए कहते हैं.''
ऋण मंजूरी को कैसे सुनिश्चित करें
आपको बैंकों द्वारा निर्धारित मानदंडों के अनुसार पात्र होने की आवश्यकता है. यदि आप जिस बैंक से लोन के लिए आवेदन कर रहे हैं उस बैंक में यदि पहले से ही आपका खाता है तो यह प्रक्रिया सरल हो जाती है. फॉर्म भरते और दस्तावेज जमा करते समय सावधान रहें. सेठी का कहना है कि आवेदन फॉर्म अधिकतर पूरे भरे होते हैं, लेकिन छात्र शुरुआत में सटीक विवरण नहीं देते हैं. वे कहते हैं, ''आवश्यक दस्तावेजों के साथ सही और पूरी जानकारी प्रदान करना अनुमोदन दर और उसकी गति दोनों को बढाता है.''
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सुनिश्चित करें कि आपने एप्लिकेशन के बारे में अपडेट के लिए डैशबोर्ड और पंजीकृत ई-मेल की बार-बार जांच की है. अधिक जानकारी की जरूरत होने पर बैंक आपके ऋण आवेदन को रोक सकता है. यदि ऋण राशि 7.5 लाख रु. या इससे से कम है तो पोर्टल पर 15 दिनों के भीतर बैंक के प्रश्नों का जवाब दें और यदि इससे अधिक है तो 30 दिनों के भीतर जवाब दें अन्यथा बैंक आवेदन को बंद कर सकते हैं.
ब्याज दर और ऋण राशि
आईबीए मॉडल के तहत, छात्र घरेलू संस्थानों के लिए 10 लाख रुपये तक और विदेशी संस्थानों के लिए 20 लाख रुपये तक के शिक्षा ऋण का लाभ उठा सकते हैं. माइमनीमंत्रडॉटकॉम के एमडी राज खोसला कहते हैं, ''ब्याज की दर ऋण राशि और ऋण अवधि के अलावा कॉलेज/ विश्वविद्यालय की रैंकिंग, कोलेट्रल/गारंटर की वैल्यू सह-आवेदक के क्रेडिट स्कोर पर निर्भर करती है.''
महिला आवेदक 0.5 प्रतिशत रियायत की पात्र हैं. कुछ बैंक भारत और विदेशों के प्रतिष्ठित कॉलेजों के लिए 40-80 लाख रुपये तक के बड़े ऋण की पेशकश कर सकते हैं. खोसला कहते हैं, ''विदेशों में अध्ययनों के लिए ऋण पर ब्याज की दरें 9.5-14 प्रतिशत तक हैं जो सामान्य दरों से थोड़ा अधिक है.''
आइबीए मॉडल को 7.5 लाख रुपये से अधिक की ऋण राशि के लिए कोलेटरल की आवश्यकता होती है. कोलेटरल सिक्योरिटी भूमि/भवन/सरकारी प्रतिभूतियों/सार्वजनिक क्षेत्र के बॉन्ड्स/यूटीआइ, एनएससी, केवीपी, एलआइसी पॉलिसी, गोल्ड, शेयर्स/म्यूचुअल फंड यूनिट्स/ डिबेंचर, छात्र/ अभिभावक / संरक्षक या किसी अन्य तीसरे पक्ष के नाम पर उपयुक्त मार्जिन के साथ बैंक डिपॉजिट के रूप हो सकती है. कुछ बैंक उच्च राशि के लिए भी जमानत-मुक्त ऋण की पेशकश कर सकते हैं.
छात्रवृत्ति (स्कॉलरशिप) के लिए आवेदन
विद्यासारथी पोर्टल पर साइन अप करने से कॉर्पोरेट्स की ओर से दी जाने वाली विभिन्न छात्रवृत्ति तक पहुंच हासिल होती है. विद्यासारथी अपनी सेवाओं के लिए शुल्क नहीं लेते हैं. एक बार जब आप पाठ्यक्रम स्तर का चयन कर लेते हैं तो आप कई छात्रवृत्ति योजनाओं के लिए ब्राउज और आवेदन कर सकते हैं. विद्यार्थियों को मिलने वाली छात्रवृत्ति की रकम प्रवेश प्रमाणपत्र या शुल्क रसीद में दर्ज शैक्षिक पाठ्यक्रम की अधिकतम फीस से कम या बराबर होगी. एनएसडीएल ई-गवर्नेंस इन्फ्रास्ट्रक्चर के प्रबंध निदेशक और सीईओ, गगन राय कहते हैं, ''प्रत्येक कॉलेज का अपना अलग फीस ढांचा होता है. 2019 में औसतन छात्रों को छात्रवृत्ति के रूप में लगभग 30,000 रुपए मिले.''
वे आगे जोड़ते हैं, ''अब तक, छात्रवृत्ति इंजीनियरिंग पाठ्यक्रम, आइटीआइ पाठ्यक्रम, स्नातक और स्नातकोत्तर कार्यक्रमों के लिए दी जाती रही हैं. कुछ छात्रवृत्ति डिप्लोमा और 11वीं और 12वीं कक्षा के लिए भी उपलब्ध हैं.''
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय एक सामान्य राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल, scholarships.gov.in का संचालन करता है, जिसमें प्री-मैट्रिक, पोस्ट-मैट्रिक और तकनीकी और पेशेवर कोर्स के लिए केंद्र / राज्य सरकारों की योजनाओं की जानकारी है.
अधिस्थगन (मॉरटोरियम) के दौरान ब्याज सब्सिडी
जब 24 वर्षीय अभिषेक तिवारी ने गुजरात में सरदार वल्लभभाई पटेल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से दो वर्षीय एमसीए की पढ़ाई के लिए ऋण के लिए भारतीय स्टेट बैंक से संपर्क किया तो उनके ऋण सलाहकार ने न केवल उन्हें ऋण प्रक्रिया पूरी करने में सहायता की बल्कि उन्हें ब्याज सबवेंशन स्कीम के बारे में भी बताया जिसने उन्हें अपने कर्ज के बोझ को कम करने में मदद की. वे कहते हैं, ''बैंक प्रबंधक और ऋण सलाहकार काफी मददगार थे. उन्होंने मुझे गरीब छात्रों के लिए सरकारी छात्रवृत्ति संबंधित सारी जानकारी के लिए विद्यालक्ष्मी पोर्टल देखने का सुझाव दिया.''
एसबीआइ के ऋण सलाहकार ने उन्हें सेंट्रल सेक्टर इंटरेस्ट सब्सिडी योजना के बारे में बताया, जो उन छात्रों को मदद करता है जिनके माता-पिता सालाना 4.5 लाख रुपए से कम कमाते हैं. आईबीए मॉडल के अनुसार, सभी उधारकर्ताओं को 1 प्रतिशत की रियायत मिलती है यदि वे अधिस्थगन अवधि के दौरान ब्याज चुकाते हैं. इसमें अध्ययन की अवधि और आमतौर पर उसके एक साल बाद या नौकरी मिलने के छह महीने बाद की अवधि शामिल है. आदर्श रूप से, आपको इस 'अवकाश अवधि' के दौरान ब्याज या मूल का भुगतान करने की आवश्यकता नहीं है.
हालांकि, साधारण ब्याज अधिस्थगन के दौरान अर्जित होता है और पुनर्भुगतान शुरू होने के बाद मूल राशि में जुड़ जाता है. इसलिए, यदि आप अधिस्थगन के दौरान ब्याज का भुगतान करते हैं, तो यह ऋण के बोझ को कम करता है. सेंट्रल सेक्टर इंटरेस्ट सब्सिडी स्कीम के तहत, सरकार आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के छात्रों की ओर से ब्याज का बोझ वहन करती है. यह योजना 7.5 लाख रुपए तक की ऋण राशि और 2 लाख रुपए से कम की ब्याज राशि के लिए लागू है.
अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय के तहत एक और योजना पढ़ो परदेश, अधिसूचित अल्पसंख्यक समुदायों के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों (माता-पिता की आय 6 लाख रुपए से कम हो) के मेधावी छात्रों को विदेश में उच्च शिक्षा हासिल करने के लिए ब्याज पर सब्सिडी प्रदान करती है.
सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय अन्य पिछड़े वर्गों (ईबीसी) और आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गों (ईबीसी) के छात्रों को विदेश में पढऩे में सहायता के लिए डॉ. अंबेडकर सेंट्रल सेक्टर स्कीम ऑफ इंटरेस्ट सब्सिडी प्रदान करता है. यह क्रमश: 8 लाख और 2.5 लाख से कम पारिवारिक आय वाले छात्रों के लिए मान्यता प्राप्त संस्थानों से मास्टर्स, एम.फिल और पीएचडी स्तर पर विदेश में अध्ययन के लिए लागू है. अधिस्थगन के दौरान ब्याज सब्सिडी 75,000 रुपये प्रति तिमाही तक हो सकती है. हालांकि, 90 प्रतिशत शिक्षा ऋण सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के माध्यम से संसाधित होते हैं, खोसला कहते हैं कि अवनसे, टाटा कैपिटल और एचडीएफसी क्रेडिला जैसे एनबीएफसी का चयन करने से पाठ्यक्रमों और विश्वविद्यालयों के लिए अधिक लचीले ऋण का लाभ मिल सकता है.
किसी भी मामले में, माता-पिता को अपनी सेवानिवृत्ति निधि को दांव पर लगाने से बचना चाहिए. खोसला कहते हैं, ''शिक्षा ऋण विकल्प हर किसी के लिए संभव नहीं हो सकता है, विशेष रूप से सेवानिवृत्ति के करीब वालों के लिए. ऐसे उधारकर्ताओं के लिए, एक बेहतर विकल्प किसी परिसंपत्ति (जैसे संपत्ति) के एवज में ऋण लेना होगा. उदाहरण के लिए, एचडीएफसी क्रेडिला अचल संपत्ति के एवज में ऋण देता है. चूंकि यह कोलैटरल ऋण है, इसलिए ब्याज दर कम होगी.'' अपनी बचत और फंड की आवश्यकताओं के आधार पर सभी विकल्पों को तोलें और अपने बच्चे के भविष्य के लिए सबसे अच्छा विकल्प चुनें.
—अपराजिता शर्मा

