मार्च की 25 तारीख को राष्ट्रीय लॉकडाउन के ऐलान के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी मुश्किल कभी घर पर रही हैं. दरअसल, वे घर के अलावा हर जगह हैं—बाजार से लेकर अस्पतालों तक और बैंकों से लेकर थोक गोदामों तक—और कोविड-19 के खिलाफ प्रशासन की जंग पर सीधी और करीबी नजर रख रही हैं.
इसी सिलसिले में कोलकाता के जांबाजार मार्केट में जब वे पहुंचीं, तो उन्होंने एक ईंट उठाई और सड़क पर कुछ सब्जी वालों के नजदीक गोल घेरे बना दिए, यह दिखाने के लिए कि रोजमर्रा की जरूरत का सामान खरीदते हुए लोगों को सामाजिक दूरी कैसे कायम रखनी चाहिए. उन्हें देखने के लिए जब भीड़ जुटी तो बनर्जी ने फटकार लगाई और कहा कि आप लोग दूरी बनाकर रखो.
उनकी इन कोशिशों की तारीफ हुई तो कइयों को चिंता में डाल दिया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें दो बार फोन किया और खुले में निकलने पर सावधानी बरतने की गुजारिश की.
खुद करके दिखाने का उनका तरीका हाथ से बने मास्क में भी दिखाई देता है. यह मूलत: बड़ा सफेद तिकोना रुमाल है जो स्कार्फ की तरह उनके गले में झूलता रहता है. ममता ने प्रदर्शन करके दिखाया भी कि घर पर (इस्तेमाल की हुई बनियान से) मास्क कैसे बनाएं.
वे कुछ घरेलू नुस्खों की सलाह भी दे रही हैं, मसलन ऐसी चप्पलें पहनें जो धोकर पहनी जा सकें. वे अपने सारे काम खुद ही करती हैं और खाना खुद बनाती हैं. लॉकडाउन सृजन के लिए अच्छा समय है. ममता ने कविता लिखी है, एक गीत के बोल लिखे और संगीत तैयार किया है.
''अच्छा और सादा, मगर स्वस्थ खाओ—मुरमुरे, दाल, प्याज और मिर्ची के साथ कुचले हुए आलू''
खूबी
लॉकडाउन के दौरान ममता बनर्जी अपने काम खुद कर रही हैं और अपना खाना खुद ही बनाती हैं जो ज्यादातर मुरमुरे और आलू को मिलाकर बना होता है.
***

