मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव का पक्का मानना है कि इस खतरनाक वायरस से मुकाबला करने का एकमात्र रास्ता सोशल डिस्टेंसिंग है. वे कहते हैं, ''हमने सुविधाएं बढ़ा दी हैं ताकि हम कोविड-19 के 60,000 मामलों को एक साथ संभाल सकें...लेकिन लोग अगर सहयोग नहीं करेंगे तो सरकार की सारी कोशिशें व्यर्थ हो जाएंगी.
इसीलिए तेलंगाना सरकार पूरी सख्ती से लॉकडाउन लागू कर रही है. परिवार के एक सदस्य को ही एक बार में घर से बाहर निकलने की इजाजत है और वह भी सुबह घर का जरूरी सामान खरीदने के लिए. शाम 7 बजे से सुबह 7 बजे के बीच कर्फ्यू लग जाता है जिसमें सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को छोड़कर किसी को भी जिलों के बीच आवाजाही की अनुमति नहीं है. केसीआर स्वयं लॉकडाउन नियमों का पूरी तरह पालन कर रहे हैं.

हालांकि प्रगति भवन जहां उनका दफ्तर व निवास दोनों है, में कैद रहकर वे बैठकें करते रहते हैं. इन दिनों मीडिया के साथ उनका रिश्ता थोड़ा बेहतर हो गया है और हफ्ते में कम से कम दो बार पत्रकारों से बात करते हैं (जिसे टीवी पर सीधा प्रसारित किया जाता है). सभी अवसरों पर सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा ध्यान रखा जाता है, चाहे अधिकारियों के साथ बैठक हो या मुख्यमंत्री राहत कोष में आर्थिक सहयोग ग्रहण करने जैसा कोई सार्वजनिक कार्यक्रम.
''अर्थव्यवस्था को हो रहे नुक्सान की भरपाई तो हम कर लेंगे लेकिन लोगों की जिंदगी हम वापस नहीं ला सकते. लॉकडाउन एकमात्र अस्त्र है''
—के. चंद्रशेखर राव
खूबी
पहले के विपरीत केसीआर अब हफ्ते में दो बार मीडिया के साथ बात करते हैं और इसे टीवी पर सीधा प्रसारित भी किया जाता है.
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