रवीश कुमार
44 वर्ष पत्रकार
क्योंकि वे हाल ही में प्रतिष्ठित रैमन मैग्सेसे अवॉर्ड से सम्मानित हुए हैं. उनका टीवी शो उनके विरोधी और प्रशंसक दोनों देखते हैं. मोदी और भाजपा के कटु आलोचक माने जाते हैं. व्यवस्था विरोधी लाइन लेने के लिए सोशल मीडिया पर कोसे जाते हैं और कई बार जान से मारने की धमकी के बाद भी अपनी टेक नहीं छोड़ी
क्योंकि टीवी पर खबर की उम्मीद लगाकर आए दर्शकों का खास तबका उनके शो में करीबन 10 मिनट के एकालाप पर रीझ जाता है
क्योंकि वे यूपीए सरकार के समय भी रवीश की रिपोर्ट के जरिए सरकार की खबर लेते थे.
मनीला में रैमन मैग्सेसे पुरस्कार ग्रहण करते हुए रवीश ने कहा, ''हर जंग जीतने के लिए नहीं लड़ी जाती, कुछ जंग इसलिए भी लड़ी जाती हैं ताकि दुनिया को बताया जा सके कि कोई है, जो लड़ रहा है.'' शहर बनाम गांव की ज्ञान की असमानता पर भी उनकी वाजिब चिंता है.ॉ
***

