पवन अग्रवाल
46 वर्ष डिप्टी एमडी, डीबी कॉर्प
क्योंकि वे देश में प्रिंट मीडिया के भविष्य को लेकर बेहद आशावान हैं. अखबारों के विश्वसनीय होने के साथ ही सस्ता होने को वे इसकी वजह मानते हैं. दैनिक भास्कर समूह के अखबार देश के 14 राज्यों में अगुआ हैं. समूह ने सूचनाओं की अफरातफरी के इस दौर में खबरों से आगे जाकर संपूर्ण विश्लेषण को तरजीह दी है.
हर सोमवार को सकारात्मक खबरें प्रकाशित करने की शुरुआत एक नया चलन है, जिसकी तारीफ प्रधानमंत्री मोदी ने भी की. सूखी और तिलक वाली होली के साथ पीओपी की बजाए गणेश की मिट्टी की मूर्तियां बनाने जैसे अभियान कामयाबी से चलाए
क्योंकि उन्हें भरोसा है कि पाठकों का भरोसा अब भी छपे हुए शब्दों पर अधिक है. अग्रवाल डिजिटल माध्यम से स्पर्धा के दौर में भी प्रिंट माध्यम में रीडरशिप और सर्कुलेशन दोनों में भविष्य में बढ़ोतरी की दिशा में काम कर रहे हैं
क्योंकि देश के 30 शहरों में समूह के माइ एफएम की सशक्त और कामयाब मौजूदगी है. पर एफएम पर खबरों के प्रसारण की अनुमति के जबरदस्त पैरोकार. उनका तर्क है कि जिम्मेदार कंपनियों की अनुमति दी जाए तो फेक न्यूज और अफवाहों पर लगाम लग सकती है
दिलचस्पी
खाने के शौकीन हैं. पर खाने में हमेशा बड़े रेस्तरां की बजाए राज्यों के स्थानीय और खास व्यंजनों को तरजीह देते हैं.
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