सोने की चाल हाल के दिनों में शानदार रही है. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) में 17 अप्रैल को इसकी कीमत प्रति 10 ग्राम 31,641 रुपए थी और वहां से छलांग लगाकर 4 सितंबर को यह 39,823 रुपए पर पहुंच गई. अलबत्ता 17 सितंबर को गिरावट के साथ यह 37,855 रुपए पर आ गई. इसकी कीमत में तीव्र उछाल से कई निवेशक सोच में पड़ गए कि वे अपने स्वर्ण निवेशों को अभी रोके रखें या उछाल का लाभ उठाने के लिए बेच दें. जो लोग सोने से दूर रहे हैं, वे भी सोचने लगे कि क्या वे इस खेल में उतरें? सोने में निवेश के मामले में आपको रास्ता दिखाने के लिए कुछ रणनीतियां:
उछाल क्यों
आर्थिक उथल-पुथल के दौरान पारंपरिक तौर पर निवेशक सोने पर ही भरोसा करते हैं. कमोडिटी पार्टिसिपेंट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के प्रेसिडेंट नरिंदर वाधवा कहते हैं, ''दुनिया भर में आर्थिक अनिश्चितता को देखते हुए सोने सरीखी वैकल्पिक परिसंपत्तियों की मांग बढ़ती रही है.'' जब बड़े खिलाड़ी भी अपने निवेश दूसरी चीजों से हटाकर सोने में लगाना शुरू कर देते हैं, तब वे मांग और आपूर्ति पर असर डालते हैं और कीमतों में तेज उछाल का सबब बनते हैं.
इक्काइरस वेल्थ मैनेजमेंट के सीईओ अंकुर माहेश्वरी कहते हैं, ''वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के आंकड़े बताते हैं कि केंद्रीय बैंकों ने 2019 की अप्रैल-जून तिमाही में 224.4 टन और इस साल की पहली छमाही में 374 टन सोना खरीदा. यह बीते 19 साल में साल की पहली छमाही में उनकी सबसे बड़ी खरीद है.'' खुदरा निवेशकों ने बड़े बैंकों का इशारा समझा और सोना खरीद लिया, जिससे मांग और ज्यादा बढ़ गई.
बेचें या रखें?
विशेषज्ञ छोटे या मध्यम वक्त में सोने से कुछ और फायदे की संभावना से इनकार नहीं करते. वालिडस वेल्थ के चीफ इंवेस्टमेंट ऑफिसर राजेश चेरुवु कहते हैं, ''नकदी की स्थिति और पूंजी की लागत में आसानी के साथ सोने की कीमतों में अच्छी रफ्तार बनी रहनी चाहिए. यह रफ्तार अभी और ऊपर जाएगी.'' अगर आपके पोर्टफोलियो में सोने का मूल्य अच्छा-खासा बढ़ गया है, तो कुछ फायदे हासिल करने के लिए आप आंशिक तौर पर इसे बेच सकते हैं. अगर आप अपने वित्तीय लक्ष्यों के नजदीक पहुंच रहे हैं तो आप इस थोड़े से वक्त का इस्तेमाल अपने स्वर्ण निवेश का एक हिस्सा बेचने के लिए कर सकते हैं.
खरीदने का अच्छा वक्त?
वाधवा कहते हैं, ''अमेरिका-चीन व्यापार युद्ध से लेकर ईरान और ब्रेलिग्जट तक बढ़ती भूराजनैतिक अनिश्चितता के बीच सोने की कीमतें और ऊपर जा सकती हैं.''
पांच या उससे ज्यादा साल को ध्यान में रखते हुए लंबे वक्त के निवेश के तौर सोना खरीदें. गुप्ता कहते हैं, ''कम समय में ही सोना 1,600-1,650 डॉलर को छू सकता है. घरेलू बाजार में कीमत प्रति 10 ग्राम 40,000-42,000 रुपए तक जा सकती है.''
बहुत ज्यादा आगे न जाएं
सोने का इस्तेमाल कोर निवेश नहीं बल्कि हेज निवेश के तौर पर करना चाहिए. टाटा कैपिटल के वेल्थ मैनेजमेंट के हेड सौरव बसु कहते हैं, ''सोने में सिर्फ छोटा-सा हिस्सा, फर्ज कीजिए 5-10 फीसदी, ही रखना चाहिए ताकि पोर्टफोलियो को संतुलित रखा जा सके.'' कीमतों में उतार-चढ़ाव से बेहतर ढंग से निपटने के लिए सोना एकमुश्त के बजाए हमेशा टुकड़ों में खरीदें. शेयरों में सुधार से मायूस कई निवेशकों की नजर सोने पर है. वैसे जब बाजार में उथल-पुथल हो तब परिसंपत्तियों का विनियोजन बदलना अच्छा नहीं है.
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