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आंकड़ों में सचः रैली की कूटनीति

इस जबरिया मेलमिलाप से ट्रंप शायद यह दिखाने की कोशिश कर रहे हों कि कश्मीर के मामले में मध्यस्थता के लिए वे कितने योग्य शख्स हैं. इस आयोजन से व्यापार को लेकर हालिया तनावों पर भी पर्दा पड़ा.

मोदी-ट्रंप
मोदी-ट्रंप
अपडेटेड 2 अक्टूबर , 2019

इंडिया टुडे

पिछले हफ्ते ह्यूस्टन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली 'हाउडी, मोदी' नाटकीय रही. मोदी ने आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान पर निशाना साधा तो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप उनके साथ खड़े रहे. (अगले दिन ट्रंप पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान के साथ भी खड़े रहे और उनमें अपना भरोसा जताया.) इस जबरिया मेलमिलाप से ट्रंप शायद यह दिखाने की कोशिश कर रहे हों कि कश्मीर के मामले में मध्यस्थता के लिए वे कितने योग्य शख्स हैं. इस आयोजन से व्यापार को लेकर हालिया तनावों पर भी पर्दा पड़ा—ट्रंप ने भारत को 'टैरिफ किंग' कहा तो दक्षिण एशियाई मामलों में ट्रंप के भरोसमंद सलाहकार, अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने भारत के शुल्कों को 'सबसे बदतरीन' करार दिया. फिर भी तमाशे की अपनी महत्ता है, खासकर अगर उससे भारत का आत्मविश्वास और वैश्विक अहमियत उभरकर आती हो.

142 अरब डॉलर

का माल और सेवा व्यापार 2018 में भारत और अमेरिका के बीच था, जो 2017 के 126.2 अरब डॉलर और 2014 से 104.6 अरब डॉलर से ज्यादा था

34.3 अरब डॉलर

मूल्य के निर्यात भारत से अमेरिका का (जनवरी-जुलाई 2019); आयात: 20.9 अरब डॉलर. 2018 में, निर्यात: 54.4 अरब डॉलर, आयात: 33.5  अरब डॉलर

#9

रैंक है भारत का अमेरिका के माल व्यापार भागीदारों में; भारत अमेरिकी माल का 13वां सबसे बड़ा बाजार और अमेरिकी बाजारों को 10वां सबसे सप्लायर है; अमेरिका भारत का दूसरा सबसे बड़ा व्यापार भागीदार है

197,000

अमेरिकी नौकरियों को 2015 में भारत के साथ व्यापार से सहारा मिला, और करीब 60 लाख भारतीय नौकरियों को; अमेरिकी कंपनियां में 13 लाख भारतीयों को सीधे नौकरी मिली है

4,402,362

भारतीय-अमेरिकी थे 2017 में, अमेरिकी सेंसस ब्यूरो के मुताबिक, जो कुल एशियाई-अमेरिकी आबादी के 19.6% थे

309,986

भारतीय एच1बी वीजा पर अमेरिका में काम कर रहे हैं, अक्तूबर, 2018 तक. कुल 4,19,637एच1बी वीजा धारकों में 74% भारतीय हैं

49%

की गिरावट भारत से अमेरिका को होने वाले इस्पात निर्यात में 2018 में और वे 37.2 करोड़ डॉलर पर आ गए; ट्रंप ने २३ मार्च, 2018 से इस्पात पर 25% शुल्क लगाया था

28

अमेरिकी वस्तुओं पर भारत ने जून, 2019 में 70% तक शुल्क बढ़ा दिए, इस्पात और अल्युमीनियम पर अमेरिकी शुल्क में बढ़ोतरी के बाद

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