अब तक क्या किया गया
'सबके लिए घर' और किफायती आवास के लक्ष्य को समझते हुए, किफायती आवास बनाने वाले डेवलपर को पहले ही उनके मुनाफे पर कर से छूट दी गई है. अपने स्वामित्व वाली संपत्ति के मामले में हाउसिंग लोन पर 2 लाख रुपए तक के ब्याज को आयकर अधिनियम की धारा 24 बी के तहत कर में कटौती की अनुमति दी गई है
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जुलाई में अपने बजट में 45 लाख रुपए तक के मकान के लिए 31 मार्च, 2020 तक लिए गए ऋण पर दिए गए ब्याज पर 1,50,000 रुपए तक की अतिरिक्त छूट की अनुमति दी. कुल मिलाकर, एक किफायती घर खरीदने वाला व्यक्ति 3.5 लाख रुपए तक की छूट का पात्र है
23 अगस्त को सीतारमण ने बाजार के सेंटिमेंट और मांग को बढ़ाने तथा इसके लिए ऋण को और अधिक स्वतंत्र रूप से उपलब्ध कराने के उद्देश्य से एक वित्तीय पैकेज की घोषणा की
70,000 करोड़ रुपए से सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का पुनर्पूंजीकरण और एनबीएफसी फंड चैनल को फिर से खोलने की घोषणा हुई जो फिर से उधार के प्रबंध के नए द्वार खोल सकता है और घरों की मांग को बढ़ा सकता है
सरकार ने आरबीआइ की कई दरों में कटौती के लाभों को ग्राहकों तक बेहतर तरीके से पहुंचाने के लिए होम लोन को सीधे रेपो दर से जोडऩे का भी फैसला किया है
क्या यह पर्याप्त है?
120 अरब डॉलर का भारतीय रियल एस्टेट सेक्टर एक दशक से चली आ रही बड़े पैमाने की मंदी के बीच है. रियल्टी कंसल्टेंट नाइट फ्रैंक इंडिया के जुलाई, 2019 के एक अध्ययन में कहा गया है कि मुंबई, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर), बेंगलूरू, चेन्नै, हैदराबाद, अहमदाबाद, पुणे और कोलकाता जैसे आठ प्रमुख शहरों में इस साल की पहली छमाही में 4,50,263 यूनिट होम इन्वेंट्री थी.
हालांकि इन शहरों में नए घरों की लॉन्चिंग 21 प्रतिशत बढ़कर 1,11,155 यूनिट हो गई, लेकिन 2018 की तुलना में बिक्री में सिर्फ 4 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी. इसलिए, इस क्षेत्र के पुनरुद्धार के लिए कुछ कठोर कदमों की आवश्यकता है. किफायती घरों पर बजट में जोर ने थोड़ी मदद की है; नई शुरू हुई परियोजना में से 85 प्रतिशत घरों के 60 मीटर से कम कॉपेट एरिया वाले किफायती श्रेणी में होने का अनुमान है. लेकिन खरीदार इस उम्मीद में खरीद के अपने फैसले को टाल रहे हैं कि कीमतों में अभी और कमी आएगी.
और क्या करने की जरूरत है
विकास के लिए इस क्षेत्र में आर्थिक पुनरुद्धार अत्यावश्यक है. सेंटिमेंट में सार्थक बदलाव के लिए अर्थव्यवस्था को 8 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि की रफ्तार देने की जरूरत है
नौकरी के निर्माण पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता है, क्योंकि केवल इसी तरह विवेकपूर्ण व्यय प्रवृत्ति में सुधार किए जा सकते हैं
हालांकि निर्माणाधीन घरों के लिए जीएसटी को घटाकर 5 प्रतिशत और किफायती आवास खंड में 1 प्रतिशत कर दिया गया है, लेकिन इस क्षेत्र में आवश्यक सीमेंट जैसी सामग्रियों पर यह 28 प्रतिशत है जिसे घटाकर 18 फीसदी करने की जरूरत है
व्यवसाय की लागत के साथ-साथ व्यवसाय में आसानी होनी चाहिए. उच्च लागत से लाभ कम हो जाता है. इसमें वैसे ही मार्जिन 10-15 प्रतिशत है
कारोबारी समुदाय की मांग है कि डेवलपर को बाजार की अनिश्चितताओं को दूर करने में मदद करने के लिए कॉर्पोरेट टैक्स को मौजूदा 33 प्रतिशत से घटाकर 25 प्रतिशत किया जाए
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