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महामहिम बनाकर बढ़ाया मान

प्रदेश के भाजपा नेता भगत सिंह कोश्यारी को तवज्जो मिलने से गदगद.

उत्तराखंड के भगत सिंह कोश्यारी बने राज्यपाल
उत्तराखंड के भगत सिंह कोश्यारी बने राज्यपाल
अपडेटेड 12 सितंबर , 2019

उत्तराखंड से वरिष्ठ भाजपा नेता पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी को महाराष्ट्र का राज्यपाल बनाने से उत्तराखंड में पक्ष और विपक्ष दोनों में खुशी दिखी है. सादा जीवन जीने वाले कोश्यारी का महाराष्ट्र जैसे राज्य का राज्यपाल बनना उत्तराखंड में उनके समर्थकों को अपना सम्मान लग रहा है. कोश्यारी की उत्तराखंड की जनता और पार्टी कार्यकर्ताओं मंत खासी लोकप्रियता है.

उत्तराखंड गठन के बाद से ही सूबे की राजनीति उनके इर्दगिर्द घूमती रही है. जब 2016 में कांग्रेस छोड़कर कुछ विधायक रातो-रात भाजपा की तरफ चले गए तब राज्य सरकार को भंग कर राष्ट्रपति शासन लगाए जाने के दौरान एक बात कही जा रही थी कि कोश्यारी के नेतृत्व में सूबे में भाजपा शीघ्र सरकार बना लेगी. भाजपा में जा रहे विधायकों की शर्त यही थी कि मुख्यमंत्री कोशियारी रहें. लेकिन इस राष्ट्रपति शासन को हाइ कोर्ट ने सही नहीं माना और हरीश रावत सरकार को बहाल कर दिया.

इसके बाद जब चुनाव के बाद प्रचंड बहुमत से राज्य में भाजपा सरकार आई तो आलाकमान ने अपने हिसाब से मुख्यमंत्री बना दिया. तब एक बात जोर शोर से कही जाती थी कि भगत दा को अंतरिम सरकार में मुख्यमंत्री तो कुछ दिन के लिए बनाया लेकिन निर्वाचित सरकार में उन्हें मुख्यमंत्री बनने का सौभाग्य नहीं मिला. मुख्यमंत्री के तौर पर उत्तराखंड में उनके समर्थक उनकी ताजपोशी का इंतजार करते ही रह गए और इसी बीच सक्रिय राजनीति से उनकी चुपचाप विदाई हो गई. अब भाजपा हाइकमान ने उत्तराखंड से अलग उनका नया कद तय कर उनके समर्थकों में जोश भरने के साथ विपक्ष के नेताओं को भी खुश कर दिया है जो उनके बयानों से जाहिर भी हो रहा है.

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष किशोर उपाध्याय का कहना है कि मराठा भूमि पर भगत दा उत्तराखंड का गौरव बढ़ाएंगे. उत्तराखंड में एकमात्र राजनैतिक दल यूकेडी के शीर्ष नेता काशी सिंह एरी ने भी कोश्यारी के राज्यपाल मनोनीत किए जाने पर हर्ष करते हुए कहा कि कोश्यारी महाराष्ट्र की धरती के पहाड़ का मान बढ़ाएंगे. अल्मोड़ा छात्र संघ के महासचिव से लेकर उनके महामहिम बनने तक के सफर की संघर्षगाथा इन दिनों सभी की जुबान पर है.

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने उनके राज्यपाल के रूप में नियुक्त होने पर कहा कि कोश्यारी वरिष्ठ और अनुभवी राजनेता हैं. बतौर मुख्यमंत्री, सांसद व विधायक उत्तराखंड के विकास में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है.

17 जून, 1942 को उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में कोश्यारी का जन्म किसान परिवार में हुआ था. वे 11 भाई-बहनों में नौवें नंबर की संतान हैं. भारी आर्थिक संकट के बीच कोश्यारी ने अल्मोड़ा महाविद्यालय से बीए और एमए की पढ़ाई की. 1964 में यूपी के एटा में वे राजा रामपुर इंटर कॉलेज में बतौर प्रवक्ता नियुक्त हुए थे. 1966 में वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संपर्क में आए. उन्होंने 1977 में पिथौरागढ़ सरस्वती शिशु मंदिर की भी स्थापना की. उन्होंने खुद सरस्वती शिशु मंदिर में लंबे समय तक अध्यापन का काम किया. उत्तराखंड राज्य बनने के बाद वे नित्यानंद स्वामी सरकार में ऊर्जा मंत्री बने. आपातकाल में कोश्यारी करीब दो साल तक जेल में रहे.

11 भाई-बहनों के बीच नौवें नंबर के हैं कोश्यारी. शुरुआत में उन्होंने काफी संघर्ष किया.

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