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सुर्खियों के सरताज: सबसे विवादास्पद रहा भोपाल एनकाउंटर

भोपाल का कथित एनकाउंटर क्यों रहा 2016 का सबसे विवादास्पद एनकाउंटर है.

भोपाल में मुठभेड़ के बाद पुलिसकर्मी
भोपाल में मुठभेड़ के बाद पुलिसकर्मी
अपडेटेड 6 जनवरी , 2017

मध्य प्रदेश की पुलिस ने 31 अक्तूबर की दोपहर को सिमी के आठ कार्यकर्ताओं को कथित मुठभेड़ में मार गिराने का दावा किया कि इससे जुड़े कुछ वीडियो वायरल हो गए और उसकी जबरदस्त किरकिरी हो गई. दरअसल एक वीडियो में पुलिस का एक जवान अधमरे पड़े सिमी कार्यकर्ता पर गोली चला रहा था तो दूसरे पुलिसवाले चिल्लाते सुनाई दे रहे थे कि ''यह हमें मुश्किल में डाल सकता है.'' एक अन्य वीडियो में एक जवान पुलिसकर्मियों की ओर हाथ हिला रहे सिमी कार्यकर्ताओं पर गोली चलाते हुए दिखाई दे रहा था. पुलिस ने दावा किया था कि आधी रात के बाद करीब 2-3 बजे आइएसओ प्रमाणित भोपाल जेल से सिमी से जुड़े आठ विचाराधीन कैदी जेल प्रहरी रमाशंकर यादव की हत्या करके फरार हो गए. इसके सात घंटे के भीतर पुलिस ने शहर से करीब 10 किमी दूर अचारपुरा गांव के पास पहाड़ी पर उन्हें कथित एनकाउंटर में मार गिराया. लेकिन इसके कुछ वीडियो जारी होने और प्रशासन तथा गृह मंत्री के विरोधाभाषी बयानों से इस एनकाउंटर पर सवाल उठने लगे. मध्य प्रदेश हाइकोर्ट ने मारे गए एक आरोपी खालिद की मां की याचिका पर सुनवाई को तैयार हो गई हालांकि सरकार ने इसे खारिज करने की मांग की. फिलहाल राज्य सरकार की जांच जारी है.

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