इस समय जब दुनिया के ज्यादातर देश धरती के तापमान में बढ़त को 2 डिग्री से नीचे बनाए रखने के मकसद को लेकर एकजुट हो रहे हैं, ऐसे में सभी का ध्यान ऊर्जा संरक्षण पर बना हुआ है. ऊर्जा की बचत में स्मार्ट ग्रिड महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर रही हैं, खास तौर पर अमेरिका और यूरोप में. इसे एक किस्म का इलेक्ट्रिकल नक्शा कहा जा सकता है जिसमें लोगों तक बिजली पहुंचाने के लिए कंप्यूटर आधारित रिमोट कंट्रोल और स्वचालित मशीनों की मदद से आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जाता है.
भारत में वर्तमान में जिस इलेक्ट्रिक प्रणाली का इस्तेमाल किया जा रहा है वह बेहद पुरानी है. स्मार्ट ग्रिड बिजली वितरण और उसके इस्तेमाल के तरीके में महत्वपूर्ण बदलाव ला सकती है. यह स्मार्ट मीटर, स्मार्ट उपकरणों और अक्षय ऊर्जा स्रोतों के जरिए लोगों को बिजली का बेहतर तरीके से इस्तेमाल करने में मदद देती है. इंडिया स्मार्ट ग्रिड फोरम के प्रेसिडेंट रेजी कुमार पिल्लै कहते हैं, “भारत के पास स्मार्ट ग्रिड भले न हो लेकिन पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन और उसकी अनुषंगी पोस्कोको के पास एक्स्ट्रा हाइ वोल्टेज ग्रिड हैं. वह दुनिया की सर्वश्रेष्ठ संचार प्रणालियों की तुलना में बेहद इंटेलिजेंट ग्रिड है. जहां तक वितरण की बात है तो कुछ निजी वितरण कंपनियां स्मार्ट मीटर, मांग के अनुरूप वितरण और ऊर्जा की कमी जैसे आधुनिक उपाय आजमा रही हैं.

