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राज्यों की दशा-दिशा 2014: उपभोक्ता बाजार में अव्वल पंजाब

19% वृद्धि पंजाब में पंजीकृत वाहनों की संख्या में 2011 से 2012 के बीच हुई, जो देश में सबसे ज्यादा है.

अपडेटेड 4 नवंबर , 2014
पंजाबी शान से जीना जानते हैं और वे ही बाजार में आने वाली हर नई चीज को आजमाने में सबसे आगे भी नजर आते हैं. केरल के साथ पंजाब में भी ग्रामीण परिवारों के पास खुलकर खर्च करने लायक आमदनी सबसे अधिक है.

उपभोक्ता बाजार में अव्वल पंजाबइस साल के शुरू में पंजाब को फ्लिपकार्ट ने मोबाइल की सबसे अधिक बिक्री वाले 10 प्रमुख राज्यों में से एक माना तो जबोंग ने गांवों और कस्बों में बिक्री बढ़ाने की कोशिश शुरू कर दी. इस दृष्टि से ‘‘बी’’ कैटगरी के राज्य पंजाब में मोबाइल फोन की प्रति व्यक्ति उपस्थिति ‘‘ए’’ श्रेणी के दूरसंचार सर्किलों में से कई गुणा ज्यादा है. यहां लगभग शत-प्रतिशत लोगों के पास मोबाइल फोन हैं.

बढ़ती अतिरिक्त आमदनी और उसे खर्च करने की इच्छा का सबसे बड़ा प्रमाण पूरे पंजाब में वाहनों की निरंतर बढ़ती बिक्री है. राज्य में पिछले एक साल में कुल पंजीकृत वाहनों में 19 फीसदी बढ़ोतरी हुई है. लुधियाना आज भी राज्य की मोटर राजधानी है. 12 लाख से ज्यादा पंजीकृत वाहनों के साथ यह पहले स्थान पर है उसके बाद जालंधर और अमृतसर हैं. पंजाब के कई शहरों में महंगी और विदेशी कारों को बड़ी संख्या में देखा जा सकता है.

इस साल के शुरू में प्रोग्रेसिव पंजाब समिट में राज्य सरकार ने बताया कि 2007 और 2012 के बीच शिरोमणि अकाली दल (एसएडी) और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) गठबंधन सरकार के पहले कार्यकाल में वैट से आमदनी 121 फीसदी बढ़ी. इसी अवधि में आबकारी शुल्क से आमदनी 47 फीसदी बढ़ी.
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