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राज्यों की दशा-दिशा: गोवा में जमकर हो रहा खर्च

जनसंख्या सघनता प्रति किलोमीटर सिर्फ 394 व्यक्ति होने का अर्थ यह हुआ कि 1990 के दशक में शॉपिंग मॉल की धूम से गोवा एकदम अछूता रहा. गोवा का पहला मॉल 2011 में पणजी में खुला.

अपडेटेड 4 नवंबर , 2014
जनगणना-2011 के अध्ययन से पता चला कि गोवा परिवार जीवन गुणवत्ता के मामले में सबसे आगे 16.2 फीसदी पर है, जबकि गुजरात का आंकड़ा 13.2 है. इसके लिए बुनियादी सुविधाएं, आवास की गुणवत्ता और संपत्ति के स्वामित्व जैसे मानक भी बखूबी देखे जाते हैं. जनगणना से साबित हुआ कि गोवा में सबसे अधिक बिजली उपभोक्ता (96.9 फीसदी) एलपीजी उपभोक्ता (89.9 फीसदी) और कंप्यूटर मालिक (31.1 फीसदी) हैं.

जनसंख्या सघनता प्रति किलोमीटर सिर्फ 394 व्यक्ति होने का अर्थ यह हुआ कि 1990 के दशक में शॉपिंग मॉल की धूम से गोवा एकदम अछूता रहा. गोवा का पहला मॉल 2011 में पणजी में खुला. स्थानीय लोगों की संख्या में कमी की भरपाई संपन्नता ने कर दी. भारत के इस सबसे अमीर राज्य में प्रति व्यक्ति आय 1.9 लाख रु. है, जो राष्ट्रीय औसत से ढाई गुना है. यह बात भी राज्य के लोगों की संपन्नता की ओर इशारा करती है.
उपभोक्ता बाजार में अव्वल और फिसड्डी राज्य
पिछले दो साल में गोवा में परिवारों की बचत में सबसे ज्यादा इजाफा देखने को मिला है और यह देश के उन गिने-चुने राज्यों में से एक है, जहां महंगाई घटी है. अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों में प्रति व्यक्ति जमा राशि 2011 और 2013 के बीच आठ फीसदी बढ़ी है जबकि छोटे राज्यों में औसत वृद्धि सिर्फ चार फीसदी रही. संपन्न शहरी परिवारों की संख्या 2009 और 2012 के बीच 10 फीसदी बढ़ी, जबकि छोटे राज्यों में यह औसत वृद्धि पांच फीसदी से कम रही.

पोर्वोरिम और वॉस्को में निर्माणाधीन दो और मॉल बताते हैं कि राज्य में रिटेल व्यापार की कितनी गुंजाइश है. राज्य में जेवरों के तीन शोरूम के मालिक आनंद पालन ने बताया, ‘‘घरेलू पर्यटकों की संख्या बढऩे और आसपास के राज्यों के बहुत से लोगों के यहां घर बनाने से रिटेल क्रांति को बढ़ावा मिला है.’’

पिछले कुछ वर्षों में खनन कारोबार बढऩे से भी लग्जरी कारों की मांग बढ़ी है, जो अब कुछ शांत हो गई लगती है. लेकिन गोवा खर्च के मामले में बढ़त बनाए हुए है.
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