राजस्थान के अधिकांश होटलों में परंपरागत राजस्थानी आवभगत की उम्मीद की जाती है, लेकिन वनाश्रय का पूरा डिजाइन ही किसी जंगल का एहसास देता है. पहाडिय़ों से घिरी यहां की 12 एकड़ जमीन को एक रहस्यमय किस्म की खामोशी ढके रहती है.
भूमिगत जल यहां काफी मात्रा में उपलब्ध है. इस जल के कारण यहां हरियाली है और उसी जल से नहर और झड़ने भी बनाए गए हैं. यहां बने हुए एक कुएं से वातावरण में बिलकुल गांव जैसी अनुभूति होती है, लेकिन तंबुओं की साज-सज्जा में लक्जरी का एहसास साफ नजर आती है.
यह रिसॉर्ट सरिस्का टाइगर रिजर्व के एक कम चर्चित प्रवेश द्वार तहला गेट से 5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. वनाश्रय बाघों के दर्शन कराने वाले भीड़ भरे सफारियों जैसा नहीं है. यहां की अपनी आहिस्ता और मंझी हुई रफ्तार है.
भूमिगत जल यहां काफी मात्रा में उपलब्ध है. इस जल के कारण यहां हरियाली है और उसी जल से नहर और झड़ने भी बनाए गए हैं. यहां बने हुए एक कुएं से वातावरण में बिलकुल गांव जैसी अनुभूति होती है, लेकिन तंबुओं की साज-सज्जा में लक्जरी का एहसास साफ नजर आती है.
यह रिसॉर्ट सरिस्का टाइगर रिजर्व के एक कम चर्चित प्रवेश द्वार तहला गेट से 5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. वनाश्रय बाघों के दर्शन कराने वाले भीड़ भरे सफारियों जैसा नहीं है. यहां की अपनी आहिस्ता और मंझी हुई रफ्तार है.

