जब दवा कंपनियों की हालत खराब है ऐसे समय में ल्यूपिन फार्मास्यूटिकल्स की ग्रुप प्रेसिडेंट और सीईओ विनीता गुप्ता अपनी कंपनी के परफॉर्मेंस के बारे में कहती हैं कि ''यह साल अच्छा बीता है.”
ल्यूपिन ने दुनियाभर में 35.9 फीसदी और भारत में 24 फीसदी की दर से विकास किया. बाजार में नए प्रोडक्ट उतारने की वजह से इसकी जेनरिक दवा का कारोबार 52 फीसदी बढ़ गया, जिससे यह बाजार पूंजीकरण के मामले में दुनिया की छठी सबसे बड़ी जेनरिक फार्मास्यूटिकल्स कंपनी और राजस्व के मामले में भारत की तीसरी सबसे बड़ी दवा कंपनी बन गई.
44 वर्षीया गुप्ता कहती हैं, ''पिछले वित्त वर्ष में मुझे कोई ऐसी चुनौती नहीं याद रही है जिसने ल्यूपिन के परफॉर्मेंस को प्रभावित किया.” जेनरिक दवा के बाद कंपनी अब दुनियाभर में ब्रांडेड बिजनेस पर ध्यान दे रही है.
ल्यूपिन ने दुनियाभर में 35.9 फीसदी और भारत में 24 फीसदी की दर से विकास किया. बाजार में नए प्रोडक्ट उतारने की वजह से इसकी जेनरिक दवा का कारोबार 52 फीसदी बढ़ गया, जिससे यह बाजार पूंजीकरण के मामले में दुनिया की छठी सबसे बड़ी जेनरिक फार्मास्यूटिकल्स कंपनी और राजस्व के मामले में भारत की तीसरी सबसे बड़ी दवा कंपनी बन गई.
44 वर्षीया गुप्ता कहती हैं, ''पिछले वित्त वर्ष में मुझे कोई ऐसी चुनौती नहीं याद रही है जिसने ल्यूपिन के परफॉर्मेंस को प्रभावित किया.” जेनरिक दवा के बाद कंपनी अब दुनियाभर में ब्रांडेड बिजनेस पर ध्यान दे रही है.

