कहते हैं कि पूंजी बढ़ती है तो अपने आप विशाखा मुले के पास आती है. विशाखा फंड मैनेजमेंट कंपनी आइसीआइसीआइ वेंचर की मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ हैं. 2005 से लेकर 2007 तक वे आइसीआइसीआइ बैंक में मुख्य वित्तीय अधिकारी (सीएफओ) के पद पर थीं.
उनके नेतृत्व में बैंक के इक्विटी शेयर में 7 अरब डॉलर का इजाफा हुआ और डेट फायनेंसिंग में कई अरब डॉलर की बढ़ोतरी हुई. 44 वर्षीया मुले के लिए मंदी के दौर के बाद की दुनिया में पूंजी इकट्ठा करना ''चुनौतीपूर्ण, लेकिन संतोषजनक” है.
वे कहती हैं कि प्राइवेट इक्विटी इन्वेस्टमेंट लंबी रेस का घोड़ा है. 2012-13 में उनके नेतृत्व में रियल एस्टेट सेक्टर समेत कुल 10 करोड़ डॉलर का निवेश हुआ. पूंजी के निर्माण और निवेश, दोनों ही मामलों में पिछले साल से ही काफी मुश्किल का दौर चल रहा है. इसके बावजूद मुले ने 50 करोड़ डॉलर का शानदार फंड इकट्ठा किया और उसी वर्ष 12.5 करोड़ डॉलर का बेहतरीन निवेश भी किया.
उनके नेतृत्व में बैंक के इक्विटी शेयर में 7 अरब डॉलर का इजाफा हुआ और डेट फायनेंसिंग में कई अरब डॉलर की बढ़ोतरी हुई. 44 वर्षीया मुले के लिए मंदी के दौर के बाद की दुनिया में पूंजी इकट्ठा करना ''चुनौतीपूर्ण, लेकिन संतोषजनक” है.
वे कहती हैं कि प्राइवेट इक्विटी इन्वेस्टमेंट लंबी रेस का घोड़ा है. 2012-13 में उनके नेतृत्व में रियल एस्टेट सेक्टर समेत कुल 10 करोड़ डॉलर का निवेश हुआ. पूंजी के निर्माण और निवेश, दोनों ही मामलों में पिछले साल से ही काफी मुश्किल का दौर चल रहा है. इसके बावजूद मुले ने 50 करोड़ डॉलर का शानदार फंड इकट्ठा किया और उसी वर्ष 12.5 करोड़ डॉलर का बेहतरीन निवेश भी किया.

