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मध्‍य प्रदेश: यहां संत भी सुरक्षित नहीं अब

जैन साध्ची के साथ दुराचार की कोशिश की घटना के बाद कांग्रेस हमले के मूड में, तो बीजेपी बचाव की कोशिश में.

अपडेटेड 20 अप्रैल , 2013

चंबल अंचल में 20 मार्च को जैन साध्वी के साथ हुई दुराचार की कोशिश और मारपीट की घटना से मध्य प्रदेश की राजनीति में उबाल आ गया है. यह मामला राजनैतिक दलों के लिए इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि ग्वालियर-चंबल सहित बुंदेलखंड में भी जैन समुदाय की संख्या अच्छी-खासी है. अकेले भिंड जिले में इस समुदाय की करीब तीन लाख की आबादी है. इतने बड़े वोट बैंक को कोई खोना नहीं चाहता, वह भी ऐसे समय में जब विधानसभा चुनाव इतने नजदीक हों. यही कारण है कि ग्वालियर मेडिकल कॉलेज में भर्ती साध्वी का हालचाल पूछने के लिए विभिन्न दलों के नेताओं का तांता लगा रहता है.

चंबल के मौ कस्बे की रहने वाली और ढाई साल पहले साध्वी बनीं युवती कोमल जैन (नाम बदला हुआ) 20 मार्च को परिजनों से मिलने पहुंची थीं. उसी दौरान रात के वक्त पड़ोसी अशोक धोबी की मदद से कस्बे के हिस्ट्रीशीटर प्रदीप यादव ने साध्वी का अपहरण कर लिया और दुष्कर्म की कोशिश की. साध्वी ने बराबर प्रतिकार किया.

बदमाश जब अपने इरादों में सफल न हो पाए तो उन्होंने साध्वी के साथ बुरी तरह से मारपीट की और उन्हें निर्वस्त्र कर मरणासन्न दशा में घर के बाहर फेंक गए. पुलिस मुख्य आरोपी को अब तक गिरफ्तार नहीं कर पाई है. घटना के बाद से भिंड, ग्वालियर समेत भोपाल में भी जैन समुदाय के लोग लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. साध्वी के ताऊ का आरोप है कि यह कोई बड़ा षड्यंत्र है और इसमें कुछ दबंग लोग भी शामिल हैं.

इस हादसे ने कांग्रेस को सूबे की बीजेपी सरकार पर निशाना साधने का मौका दे दिया है. केंद्रीय र्ग्रामीण विकास राज्यमंत्री प्रदीप जैन ने साध्वी के साथ हुए हादसे को लेकर राज्य सरकार को जमकर कोसा. पुलिस और प्रशासन को भी आड़े हाथों लेते हुए वे कहते हैं, ‘‘वैसे तो पुलिस अज्ञात अपराधियों को भी पकड़ लेती है लेकिन इस मामले में तो नामजद बदमाश को भी नहीं पकड़ पाई है. यह केवल एक समाज का नहीं, बल्कि सभी संतों का अपमान है.’’ कांग्रेसी नेता डॉ. गोविंद सिंह भी प्रदेश सरकार पर सवाल उठाते हुए पूछते हैं, ‘‘अब तो प्रदेश में साधु-संत भी सुरक्षित नहीं हैं. ऐसे में राज्य की सरकार और पुलिस से आम जनता क्या उम्मीद करे?’’

इस मामले में कांग्रेस के हमले बढ़ते देख बीजेपी सरकार और अधिक सतर्क हो गई. अब प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री अनूप मिश्र व्यक्तिगत रूप से साध्वी की सेहत की जानकारी ले रहे हैं. उनके अलावा बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर सहित दूसरे नेता भी साध्वी का हालचाल जानने के लिए आ रहे हैं.

जैन समुदाय बीजेपी के लिए कितना महत्वपूर्ण है, इसका अंदाजा इससे भी लगाया जा सकता है कि 2008 के विधानसभा चुनाव के दौरान भिंड के एक नेता रविसेन जैन ने पार्टी से विद्रोह कर दिया था. केंद्रीय नेतृत्व ने तब जैन को मनाने के लिए राजीव प्रताप रूड़ी को भेजा था.

पुलिस को भी अंदाजा नहीं था कि मामला इतना तूल पकड़ लेगा, इसीलिए उसने पहले मारपीट का ही मामला दर्ज किया था. जब चौतरफा दबाव बना तो अपहरण और दुराचार की कोशिश का मामला भी दर्ज हुआ. बदमाशों ने साध्वी को  इतनी बेरहमी से पीटा कि उनके हाथ और पैर की हड्डी टूट गई है. फिलहाल पुलिस ने साध्वी के पड़ोसी सहित दो महिलाओं को गिरफ्तार किया है. चंबल रेंज के आइजी मोहम्मद अफजल कहते हैं, ‘मुख्य आरोपी प्रदीप यादव की तलाश जारी है.’ चुनावी साल होने से यह घटना बीजेपी सरकार के लिए बड़ा सिरदर्द बन सकती है.

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