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ऑनर किलिंग: वे हमें जिंदा नहीं छोड़ेंगे

परिवार की मर्जी के खिलाफ भागकर शादी करने वाले जोड़ों को डर है कि उन्हें इसकी कीमत अपनी जान देकर चुकानी होगी.

अपडेटेड 10 दिसंबर , 2012

गत सप्ताह बुलंदशहर में परिवार की इच्छा के विरुद्ध विवाह करने के कारण एक व्यक्ति को मार दिया गया. अब उसकी सुरक्षा करने वाले समूह को डर है कि उनके संरक्षण में रहने वाले दूसरे लोगों के साथ भी ऐसा ही हो सकता है.

अब्दुल हकीम 3 जून को प्रसारित आमिर खान के शो सत्यमेव जयते में आए थे. एपिसोड खाप पंचायत पर था—जाति और धर्म से बाहर या परिवार की इच्छा के विरुद्ध विवाह करने वाले लोगों पर लगाम लगाने वाली अपने आप में एक अलग तरह की भारतीय व्यवस्था. शो के लिए खान ने लव कमांडो के नाम से पुकारे जाने वाले समूह के सदस्यों को बुलाया था, जो हकीम और उसकी पत्नी मेहविश जैसे पीड़ित विवाहित जोड़ों की सुरक्षा करते रहे हैं. खान ने हकीम से बात की, जिसने स्वीकार किया कि उसकी पत्नी खतरे में है. 24 नवंबर को हकीम का पूर्वाभास सही साबित हुआ. बुलंदशहर के बाहर उसके गांव में ही उसकी गोली मारकर हत्या कर दी गई.

प्रेमियों के लिए सचमुच एक दु:स्वप्न है भारत. अगर आप दूसरी जाति, समुदाय या धर्म से अपना साथी चुनते हैं तो बेहतर है कि आप सतर्क रहें. खाप के अंदर शादी करने वालों पर भी खतरा है. न केवल आपके भावी ससुराल वाले आपके खून के प्यासे बन जाएंगे बल्कि पुलिस भी मदद करने नहीं आएगी.

लव कमांडो के अध्यक्ष संजय सचदेव कहते हैं, ''पूरी राज्य मशीनरी, पुलिस और सरकार का इरादा संविधान के अनुरूप विवाहित दंपत्तियों की सुरक्षा या अपने चाहने वाले साथी के चुनाव और प्यार करने की स्वतंत्रता देने का बिल्कुल नहीं होता. हकीम के परिवार ने पुलिस को 48 बार शिकायत की थी, लेकिन उसे सुरक्षा नहीं दी गई.” वे आगे जोड़ते हैं, ''वहां एक पुरुष सिपाही और एक महिला सिपाही लाठियों के साथ थे. अगर कोई हमला करता तो दंपती के बजाए सिपाहियों पर ज्यादा संकट होता.”

मध्य दिल्ली में किसी अज्ञात जगह पर लव कमांडो ने विवाहित पीडि़त दंपतियों के लिए आश्रय बनाया है. हम दिल्ली की बजाए मुंबई की धारावी जैसी दिखने वाली गलियों से गुजर कर एक मकान में बड़ी मुश्किल से सीढिय़ों पर चढ़े और फिर तीन जोड़ों से मिले, जिन्होंने हाल ही में लव कमांडो से मदद मांगी थी.

मेरठ से एक जोड़ा बस अभी आया है. सचदेव और उनके सहयोगी हर्ष मल्होत्रा स्थिति का जायजा लेते हैं. पुरुष और स्त्री त्यागी समुदाय से हैं, हालांकि उनके गोत्र अलग हैं. लड़की के परिवार वाले शादी के खिलाफ हैं. कुछ साल साथ रहने के बाद जनवरी में इस जोड़े ने विवाह किया. लड़की को सात महीने का गर्भ है. 25 वर्षीय पुरुष ने सचदेव और मल्होत्रा को बताया कि उसने आइजी, डीआइजी, एसएसपी और कई अन्य अधिकारी से शिकायत की है. एक पुलिस अधिकारी ने उसे कहा, ''समस्या का हल तभी निकलेगा, जब तुम दोनों मरोगे.” लड़के की मां मामला सुलझने लड़की के घर भी गई लेकिन सिर पर घाव लेकर लौटना पड़ा.

रमेश और उसकी पत्नी रत्ना पिछले चार दिनों से कमांडो की देखरेख में हैं. वे पड़ोसी थे और एक दूसरे से प्यार करने लगे. ससुराल के किराए के गुंडों ने कुछ महीने पहले हमला कर रमेश का दायां हाथ तोड़ दिया था, जिसमें टांके लगे थे. रमेश कहते हैं, ''मैंने कई बार रत्ना के अभिभावकों से बात करने की कोशिश की लेकिन उन्होंने हमेशा मुझे डराया-धमकाया.” रत्ना के साथ तो और भी बुरा हुआ. वे बताती हैं, ''मेरी चाची ने कहा कि अगर तुमने रमेश से विवाह किया तो हम तुम्हें रांड समझेंगे,” रत्ना गर्भवती है. उसके चाचा ने सलाह दी थी कि वह बच्चे को गिरवा दे और परिवार की ओर से चुने गए लड़के से शादी कर ले.

चटाई पर बैठा एक दूसरा जोड़ा दिनेश (27) और यास्मीन (27) का है. ये दोनों मुरादाबाद में एक कंपनी में काम करते थे. उन्हें प्यार हो गया. दिनेश तो इस्लाम कबूल करने तक को तैयार था पर यास्मीन के परिजन नहीं माने. तीन दिन पहले ही वे दोनों लव कमांडो के आश्रय में आए हैं. यास्मीन के घरवालों ने किराए पर गुंडे लिए हैं और दिल्ली में भी उन्हें ढूंढ़ रहे हैं. यास्मीन बताती हैं, ''मुरादाबाद की मस्जिदों में ऐलान हुआ है कि दिनेश और मुझे मार डाला जाए.” दिनेश की बहन को बदले की धमकी तक दी गई है.

अब्दुल हकीम के कत्ल के बाद लव कमांडो आश्रय के सभी जोड़े हिल गए हैं. दिनेश बहुत दिनों से ठीक से सो नहीं पाया है और उसकी आंखों में इतनी चुभन हो रही है कि वह अपने चेहरे को हर आधे घंटे में धोता है. ये सभी एक बात पर सहमत हैं. ''हम सब अब्दुल हकीम जैसे हैं.” दिनेश का सवाल है, ''क्या प्यार और मृत्यु एक सिक्ïके के दो पहलू हैं? प्रेमी जोड़ों के साथ समाज का व्यवहार तो इसे सच ही साबित करता है. कब खत्म होंगी ये पुरानी रूढिय़ां? 

(सुरक्षा की दृष्टि से कुछ नाम बदल दिए गए हैं)

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