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गोरखपुर: बदलने लगी शहर की सूरत

गोरखपुर में रियल एस्टेट बिजनेस उफान पर. राप्तीनगर और तारामंडल गढ़ रहे हैं विकास की नई परिभाषा.

अपडेटेड 24 नवंबर , 2012

जमीन और शेयर कारोबार में विशेषज्ञता के चलते 'प्रापर्टी गुरु' उपनाम से मशहूर गोरखपुर के कपड़ा कारोबारी संदीप जायसवाल आज तक अपनी 'चूक' पर पछताते हैं. 13 साल पहले उन्होंने शहर के उत्तरी छोर पर बसी राप्तीनगर कॉलोनी के पास की अपनी 5,000 वर्गफुट की जमीन 90 रु. वर्ग फुट की दर से इसलिए बेच दी क्योंकि उस समय शहर को इस इलाके से जोडऩे वाले धर्मशाला पुल पर बरसात के दिनों में घुटनों तक पानी जमा हो जाता था. संदीप के जमीन बेचने के दो साल बाद जैसे ही उस इलाके में ओवरब्रिज बनना शुरू हुआ, जमीन की कीमत को जैसे पंख लग गए. संदीप बताते हैं, ''मैंने अपने जिस दोस्त को जमीन बेची थी, उसने पिछले साल वही जमीन बारह गुना से ज्यादा मुनाफे पर बेची है. ''

वे गलत नहीं कह रहे. शहर के मुख्य बाजार और हृदयस्थल कहे जाने वाले इलाके गोलघर से बमुश्किल छह किमी दूर बसे राप्तीनगर इलाके में पिछले 4 साल में ही जमीन के दाम तीन गुना से ज्यादा बढ़े हैं. गोरखपुर शहर को भारत-नेपाल के सीमावर्ती जिले महाराजगंज से जोडऩे वाली सड़क पर यों तो यहां का मशîर और एकमात्र बी.आर.डी. मेडिकल कॉलेज भी स्थित है, लेकिन ओवरब्रिज बनने से पहले तक यहां की जमीन के लिए आज सरीखी मारामारी नहीं थी. इसकी वजह? इलाके की सबसे बड़ी रियल एस्टेट कंपनी जेमिनी डेवलपर्स के पार्टनर शोभित दास कहते हैं, ''गोरखपुर में पिछले दो दशक में बड़ी संख्या में बाहरी लोगों ने जमीन खरीदी है. ''

राप्तीनगर में रिहाइशी जमीन के दाम 1,000 से 1,500 रु. वर्गफुट तक पहुंच गए हैं जबकि कॉमर्शियल जमीन 2,000 से 2,500 रु. वर्गफुट में बिक रही है. आने वाले दिनों में यहां बड़े पैमाने पर आवासीय और कारोबारी निर्माण की शृंखलाएं नजर आने वाली हैं. राप्तीनगर इलाके में जेमिनी टॉवर्स बनवा चुकी जेमिनी डेवलपर्स अब मिड्ल सेगमेंट की 350 आवासीय इकाइयों वाली इंटीग्रेटेड टाउनशिप  पैराडाइज का निर्माण शुरू कर चुकी है जिसमें 90 फीसदी इकाइयां बिक चुकी हैं.

जीडीए भी तारामंडल इलाके में 1,200 इकाइयों वाली सैटेलाइट टाउनशिप अशोक विहार की शुरुआत करने जा रही है. इसके अलावा भी कई छोटी-बड़ी बहुमंजिला आवासीय इकाइयों का निर्माण जोरों पर है. गोरखपुर विकास प्राधिकरण पहले ही राप्तीनगर आवासीय कॉलोनी के चार चरणों का निर्माण कर चुका है. विशेषज्ञों का मानना है कि इस इलाके में रियल एस्टेट कारोबार में आई तेजी के अगले 4-5 साल तक यूं ही कायम रहने के आसार हैं.

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