बात 31 जुलाई की है. मनमोहन सिंह ने अपनी कैबिनेट में मामूली फेरबदल को अंजाम दिया. इस फव्रबदल की चर्चा तो बहुत थी, लेकिन इसमें कोई बड़ा बदलाव देखने को नहीं मिला. हाल ही में पार्टी और सरकार में बड़ी जिम्मेदारी निभाने की इच्छा जताने वाले राहुल गांधी इस बार भी मंत्रिमंडल में शामिल नहीं हुए.
बहरहाल, जब देश अपने सबसे बड़े बिजली संकट के दौर से गुजर रहा था, ठीक उसी वक्त ऊर्जा मंत्री सुशील कुमार शिंदे का कद बढ़ाते हुए उन्हें बेहद अहम गृह मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंप दी गई जबकि पी. चिदंबरम की वित्त मंत्रालय में वापसी हो गई.
प्रणब मुखर्जी के बाद मनमोहन सिंह ने जब वित्त मंत्रालय का प्रभार संभाला था तब पीएमओ के सूत्रों से मीडिया में इस बात को खूब चर्चा मिली थी कि प्रधानमंत्री वित्तीय मामलों में काफी दिलचस्पी ले रहे हैं और उन्होंने अधिकारियों के साथ बैठक में निवेशकों के भरोसे को बहाल करने के लिए रास्ते निकालने का निर्देश भी दिया है, जिसमें म्युचुअल फंडों की स्थिति को बेहतर बनाने और जनरल एंटी एवॉयडेंस रूल (जीएएआर) और रेट्रोस्पेक्टिव टैक्स के प्रस्तावों पर पुनर्विचार करने की बात शामिल थी. लेकिन जब प्रधानमंत्री को यह महसूस हुआ कि वे बहुत कुछ नहीं कर सकते तो यह सारा उत्साह हवा हो गया. चिदंबरम कौन-सी जादुई छड़ी का इस्तेमाल करेंगे, यह देखना अभी बाकी है.
कॉर्पोरेट मामलों के मंत्री वीरप्पा मोइली को ऊर्जा मंत्रालय का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है. जुलाई, 2011 में हुए पिछले फव्रबदल में ढीले कामकाज के चलते मोइली से कानून मंत्रालय ले लिया गया था. तब मोइली ने कहा था, ''प्रशासनिक व्यवस्था की गलतियों के चलते मुझे बलि का बकरा नहीं बनाया जाना चाहिए.'' जब दो कैबिनेट मंत्रियों से पूछा गया कि प्रधानमंत्री ने ऊर्जा जैसे अहम मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपने के लिए मोइली को क्यों चुना, तो उन दोनों ने कंधे उचकाकर सवाल को टाल दिया.
कांग्रेस के अंदर इस बात की चर्चा है कि राहुल गांधी सरकार में शामिल नहीं होंगे. राहुल के आधिकारिक सलाहकार और कांग्रेस के महासचिव दिग्विजय सिंह ने हाल ही में कहा, ''मैं चाहता हूं कि राहुल बड़ी जिम्मेदारी निभाएं और पार्टी को 2014 के चुनाव के लिए तैयार करें. मैं नहीं चाहता कि वे सरकार में शामिल हों.''
पिछले दिनों राहुल अपनी मां सोनिया गांधी के साथ राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को उनकी चुनावी जीत पर बधाई देते नजर आए, वे कांग्रेसी मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चौहान और अशोक गहलोत से मिले हैं. दिल्ली के एक अत्याधुनिक थियेटर में कॉकटेल फिल्म का देर रात का शो देखने के लिए भी राहुल ने वक्त निकाला है. कांग्रेस को उम्मीद है कि राहुल गांधी का अपना शो भी जल्द ही शुरू होगा.

