सवाल+जवाब
●तेरे इश्क में के डायरेक्टर आनंद एल. राय का मानना है कि पिछले पांचेक साल में बतौर ऐक्टर आप में निखार आया है. अब क्या अभिनय में आप ज्यादा आश्वस्त महसूस करती हैं?
अपनी हर फिल्म से सीखने की कोशिश करने पर ही आपका क्राफ्ट निखरेगा. मैं कुछ दमदार करना और मुख्य भूमिका में आना चाहती थी पर मुझे कुछ मिल ही नहीं रहा था. फिर मिमी (2021) आई और सब कुछ बदल गया.
●स्त्रीद्वेषी भाव और गालियों को रूमानियत में ढालने के लिए तेरे इश्क में की आलोचना हुई है. आपके विचार?
एकांगी विचार और बहस अच्छी बात है—आप किसी चीज पर बहस कर रहे हैं, इसका अर्थ है कि उसने आपको प्रभावित किया है. फिल्म देखने से उठती अतिरेकी भावनाओं को देखकर अच्छा लग रहा है. यह कोई सोशल मैसेज देने के लिए नहीं बनाई गई है. इश्क में कोई किस हद तक जा सकता है, जहां वह अपने को लगभग खत्म ही कर ले, और प्रेम को सही वक्त पर मौका न देने पर क्या होता है, मेरे लिए तो यह इसी की कहानी है.
● किसी कैरेक्टर की मंशा पर, खासकर अगर वह भेद पैदा करने वाला हो, कोई धारणा न बना लेना आपकी आर्टिस्टिक प्रोसेस के लिए कितना मायने रखता है?
आप जज नहीं कर सकते. जिंदगी में भी ऐसा होता है जब हम गलतियां करते हैं या अनजाने में किसी को चोट पहुंचा देते हैं और ऐसा कुछ कर डालते हैं जो हमें नहीं करना चाहिए था. लेकिन हमारे पास उसे करने की अपनी वजहें होती हैं. इसी नजरिए के साथ मैंने इस फिल्म में अपने कैरेक्टर को अप्रोच किया.
● 2026 में आपसे क्या उम्मीद की जाए?
मैं हर बार खुद को चैलेंज करना चाहती हूं और अपनी ऑडियंस को थोड़ा हट के, अलग-सा कंटेंट देना चाहती हूं. तेरे इश्क में की शूटिंग जज्बाती तौर पर खासी निचोड़ डालने वाली थी तो मैं चाहती थी कि अब कोई फन वाली और हल्की-फुल्की फिल्म मिले. कॉकटेल 2 उस लिहाज से परफेक्ट फिल्म थी. अपने ब्रांड हाइफन के साथ आंत्रप्रेन्योर होने को भी एन्जॉय कर रही हूं.

