● बतौर ऐक्टर और डायरेक्टर अच्छे-खासे अंतराल के बाद वापसी करते हुए कैसा लग रहा है? इतना लंबा गैप क्यों लिया आपने?
लंबे अंतराल के बाद टिप्सी सरीखी फिल्म का प्रीमियर करते हुए रोमांच भी हो रहा है और अंदेशा भी. यह दरअसल एक अलग भूमिका में अपना काम पेश करने और ऑडियंस के साथ जुड़ने का मौका है. जिंदगी भी कभी-कभी अप्रत्याशित मोड़ लेती है. फिल्ममेकर्स को नए आइडियाज खंगालने, रीचार्ज और निजी प्राथमिकताएं तय करने के लिए वक्त चाहिए होता है.
● टिप्सी बनाने में सबसे बड़ी चुनौती क्या पेश आई?
टिप्सी एक थ्रिलर है जो बैचलर्स की एक पार्टी में धीरे-धीरे खुलती है. कहानी तान्या, आइरिश, पोनी, सेलीन और यामी (संक्षेप में ‘Tipppsy’) के इर्द-गिर्द घूमती है जो अपने ड्रिंक में ड्रग मिला दिए जाने के कारण खतरनाक हालात में फंस जाते हैं. सबसे चैलेंजिंग था ऑडियंस से जुड़ पाने वाली एंगेजिंग थ्रिलर गढ़ने के लिए एक अदद नई कास्ट और क्रू जुटाना. इसके अलावा एक ऐसा ग्रिपिंग नैरेटिव रचने का क्रिएटिव चैलेंज था जो जिम्मेदारी के साथ पार्टीबाजी करने के संदेश दे सके.
● आप अपनी पहचान ऐक्टर के रूप में ज्यादा देखते हैं या डायरेक्टर के रूप में?
बतौर ऐक्टर मैंने किरदारों में जान डालने के जादू का आनंद लिया. लेकिन मैं क्रिएटिव हदों को फैलाते हुए कहानियों को एक बड़े परिप्रेक्ष्य में पेश करना चाहता था. डायरेक्शन मुझे फिल्म के हर पहलू पर काम करने की छूट देता है: उसका नैरेटिव गढऩे और ऐक्टर्स के साथ काम करने से लेकर स्टोरीटेलिंग को बेहतर बनाने के लिए विजुअल और स्टाइलिस्टिक विकल्पों का चुनाव करने तक.
● आगे अब आप किस पर काम कर रहे हैं?
मैं एक नए प्रोजेक्ट पर काम करते हुए किस्सागोई की अलग-अलग शैलियों और टेक्नीक की थाह ले रहा हूं. बतौर फिल्मकार ‘Tipppsy’) को चुभोने वाले नए आइडियाज और नैरेटिव्स को लेकर मैं हमेशा बहुत उत्साहित रहता हूं. वह चाहे एक और थ्रिलर हो, ड्रामा हो या कि कॉमेडी, नए कामों में मैं अपने दायरों को बढ़ाने अलग-अलग तरह की थीम आजमाने को बेताब हूं. बस इंतजार कीजिए आप, नए अपडेट का!
—रूपाली डीन

