● मारिया कैरी, निकी मिनाज, बेयोंसे और अब मिंडी केलिंग—गौरव गुप्ता लेबल आखिर कैसे हॉलीवुड सेलिब्रिटीज के सिर चढ़कर बोलने लगा है?
मेरे ख्याल से वे लोग हमारे डिजाइनों में झलकने वाले अवांगार्द अप्रोच और इनोवेटिव नजरिए को पसंद करते हैं. हल्के बैकड्रॉप पर वास्तुशिल्पीय डिजाइन, बारीक ड्रेपिंग और गहरी डीटेलिंग के साथ हमारे डिजाइन आम चलन को चैलेंज करते हैं. हर पहनावे को हम कला के एक नमूने में तब्दील कर दे रहे हैं.
● ये खास किस्म के गाउन बनाने में कितना समय लगता है?
कस्टम गाउन गढ़ना बहुत शिद्दत और सब्र की मांग करता है. जित्ती जटिल डिजाइन, उत्ते ही सब्र की दरकार. एक-एक क्रिएशन को जामा पहनाने में कई हफ्तों से महीनों लग जाते हैं. यह पक्का किया जाता है कि डिजाइन का हर डीटेल क्लाइंट की सोच के एकदम माकूल बैठे.
● आपका रुझान लीक से हटकर सोचने का रहा है जो कि आपकी डिजाइन में भी दिखता है...
जिंदगी और डिजाइन दोनों में ही मेरा हमेशा से ढर्रे से हटकर सोचने का रुझान रहा है. चलन से थोड़ा हटकर चलने पर मुझे क्रिएटिविटी के नए गली-कूचों को खंगालने का मौका मिलता है. मेरी अपनी स्टाइल भी मेरी डिजाइन फिलोसफी: 'बोल्ड, एक्सपेरिमेंटल और हद दर्जे की इंडिविजुअलिस्टिक' का ही विस्तार है.
● अपने कुछ आगे के प्रोजेक्ट के बारे में बताइए.
ये अच्छा पूछा आपने. इस वक्त तो हम सब 27 जून को होने वाले चौथे पेरिस कुतूर शो के लिए पूरी तरह से जुटे हुए हैं. उसमें बिखेरे जाने वाले जादू से रू-ब-रू होने के लिए खुद को तैयार रखिए.
—गीतिका सचदेव

