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"इस चुनाव में मोदी एकमात्र मुद्दा हैं"

केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल मुंबई उत्तर निर्वाचन क्षेत्र से लोकसभा चुनाव लड़ रहे हैं. अपने प्रचार अभियान के दौरान उन्होंने ग्रुप एडिटोरियल डायरेक्टर राज चेंगप्पा और सीनियर एसोसिएट एडिटर धवल कुलकर्णी के साथ कई मुद्दों पर बात की. पेश हैं इंटरव्यू के संपादित अंश:

पीयूष गोयल को बीजेपी ने उत्‍तर मुंबई से टिकट दिया है
पीयूष गोयल को बीजेपी ने उत्‍तर मुंबई से टिकट दिया है

चुनाव लड़ने के बारे में

यह बेहद खुशगवार अनुभव है. इस तरह का चुनाव स्थानीय लोगों के साथ जुड़ने, अपनी जगह से जुड़ा होने और पैर जमीन पर होने के एहसास को गहरा करने का जबरदस्त मौका देता है. मैं यह मौका देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हमेशा आभारी रहूंगा.

अपने निर्वाचन क्षेत्र में झुग्गी बस्ती विकास के बारे में

मोदी की गारंटी में पहला अध्याय गरीब का कल्याण ही है, जिसमें हमने झुग्गी बस्तियों के पुनर्विकास की बात की है. हम उन्हें उत्तर मुंबई में उसी जगह मकान देंगे. आदरणीय प्रधानमंत्री जी के आशीर्वाद से मैं यह पक्का करूंगा कि यह पहला इलाका हो जिसमें हरेक को घर मिले और जीवन की गुणवत्ता अच्छी हो.

महाराष्ट्र में महायुति गठजोड़ के संभावित नतीजों के बारे में

उद्धव ठाकरे और शरद पवार दोनों अपने लिए सहानुभूति की कहानी गढ़ने की कोशिश कर रहे हैं. लेकिन लोग पहचान गए हैं कि दोनों सिर्फ अपने बच्चों को सत्ता में लाना चाहते हैं. दोनों ही राज्य के लिए काम करने में नाकाम रहे हैं. तभी तो आप देखते हैं उनके सारे विधायक और उनकी पार्टियां अगर वे शिवसेना के हैं तो एकनाथ शिंदे के साथ और अगर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के हैं तो अजित पवार के साथ चले गए.

भाजपा के पार्टियों में तोड़फोड़ करवाने के बारे में

हमने कोई तोड़फोड़ नहीं करवाई. सेना के सारे विधायक जानते हैं कि उन्होंने मोदी जी के नेतृत्व और मुख्यमंत्री के रूप में (देवेंद्र) फड़नवीस की वजह से विधानसभा चुनाव जीता. ये उद्धव ही हैं जिन्होंने विश्वासघात करके फड़नवीस और मोदी की पीठ में छुरा घोंपा. हमने फड़नवीस को तभी अगला मुख्यमंत्री घोषित कर दिया था जब उद्धव मंच पर बैठे थे. इससे हटकर सोचना उनकी सत्ता के प्रति लालच की उपज है. वे पूरी तरह बेनकाब हो गए हैं और लोगों का उद्धव ठाकरे और शरद पवार से पूरा भरोसा उठ गया है. यही कारण है कि पूरी शिवसेना ने आकर हमसे हाथ मिला लिया, राज ठाकरे हमारे साथ आए हैं क्योंकि सभी मानते हैं कि मोदी ही देश के लिए अच्छे हैं.

चुनाव के मुख्य मुद्दे के बारे में

हर तरफ मोदी ही तो हैं—दूसरा कोई मुद्दा ही नहीं है. सबसे बड़ा मुद्दा विश्वास है और जब हम कहते हैं कि 'मोदी है तो मुमकिन है' तो यह इस तथ्य से निकलकर आता है कि वे जो भी कहते हैं, उसे पूरा करते हैं. मैंने कभी नहीं सोचा था कि मेरे जीवनकाल में, मैं 40 साल से राजनीति में हूं, अनुच्छेद 370 संविधान से बाहर हो जाएगा. राम मंदिर के बारे में विश्व हिंदू परिषद के वरिष्ठ नेता कहा करते थे कि 'प्रभु की इच्छा है, बनेगा', लेकिन मोदी ने कर दिखाया. मैंने 2014 और 2019 के घोषणापत्र देखे हैं. हरेक बिंदु पर कार्रवाई हुई है. वे दृढ़ विश्वास वाले व्यक्ति हैं, झूठे वादे करने वाले नहीं. यही बात लोगों को अच्छी लगती है. महिलाएं और युवा पूरी तरह मोदी के पीछे हैं. यही स्विंग फैक्टर होने जा रहा है, जो हमें 400 सीटों के पार ले जाएगा.

संपत्ति के पुनर्वितरण पर कांग्रेस की टिप्पणी के बारे में

यह खतरनाक रुझान है. यह पुरातन युग में वापस जाने जैसा है. हम सबको याद है कि कैसे एस्टेट टैक्स 90 फीसद था. कांग्रेस लोगों से लेकर संपत्ति के पुनर्वितरण की बात कर रही है, हम पूरे देश की आमदनी बढ़ाने और इस राह पर हरेक को साथ लेकर चलने की बात कर रहे हैं.

जातिगत आरक्षण की विपक्ष की मांग के बारे में

विपक्ष मुस्लिम आरक्षण को लेकर काफी उत्सुक दिखाई दे रहा है. संविधान इसकी इजाजत ही नहीं देता. वे अपनी तुष्टीकरण की नीति के तहत इस असंवैधानिक कृत्य को थोपना चाहते हैं. वे एससी, एसटी और ओबीसी का आरक्षण छीन लेना चाहते हैं, जो भाजपा और एनडीए कभी होने नहीं देंगे.

मुसलमानों को 'घुसपैठिया' कहने के बारे में

सीएए किसी भारतीय की नागरिकता नहीं छीनता. वे समुदाय जो हमारे पड़ोसी देशों में अल्पसंख्यक हैं, जैसे जैन, बौद्ध, हिंदू, उन्हें हम नागरिकता दे रहे हैं, उन्हें नहीं जो इस्लामी देशों में बहुसंख्यक समुदायों के हैं. भारतीय मुसलमान हमारा ही अंग हैं और रहेंगे.

मुस्लिम वोट के बारे में

वे पहले कभी इतनी बड़ी तादाद में हमारी रैलियों में नहीं आए. इससे मैं चकित हूं. वे जानते हैं कि मोदी उन सभी के लिए काम कर रहे हैं और यह नहीं पूछ रहे कि उनकी भाषा, जाति या धर्म क्या है.

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