आपकी घोषणा ''मैं 43 वर्ष का नहीं हूं, मैं 43वें लेवल पर हूं” ने ध्यान आकर्षित किया है. लेवल 43 दुनिया के टॉप पर होने जैसा महसूस होता है?
मैं दुनिया में टॉप पर हूं क्योंकि मैं दुनिया में नंबर एक पर हूं (पुरुष युगल रैंकिंग में). मुझे यह उपलब्धि हासिल करने पर गर्व है.
पहला पुरुष युगल ग्रैंड स्लैम टाइटल जीतने के पहले आपको 61 प्रयास करने पड़े. रास्ते में कई कठिनाइयां आईं. कौन-सी चीज आपको प्रेरित करती रही?
मेरी यात्रा में मेरी दृढ़ता एक बड़ी ताकत रही है. मैंने अपनी पत्नी से कहा था कि मैं आगे नहीं बढ़ना चाहता क्योंकि मैं मैच नहीं जीत रहा था और कोर्ट पर खुश नहीं था. अपने मन की बात कहने से मदद मिली. मुझे धीरे-धीरे फिर से विश्वास होने लगा.... मेरे पास मैथ्यू एबडेन के रूप में एक अद्भुत साथी है जिसने पिछले साल हमारी सभी सफलताओं में एक अहम भूमिका निभाई है.
एबडेन ने उम्र से जुड़े भेदभाव के बारे में बात की है. क्या आपने उसका सामना किया?
बेशक, मैं अपने से आधी उम्र के युवाओं को देखता हूं, लेकिन लॉकर रूम में आपसी सम्मान होता है. उन्हें मेरी यात्रा के बारे में पता है. बहुत से लड़के इससे प्रेरित भी होते हैं. उन्हें एहसास है कि यह सिर्फ फिट रहने के बारे में नहीं बल्कि मानसिक ताकत के बारे में भी है.
आपका सपना ओलंपिक पदक हासिल करना है. आपकी हालिया सफलता के बाद और पेरिस से कुछ महीनों पहले, क्या वह सपना फिर से जाग उठा है?
ग्रैंड स्लैम जीतना यह सुनिश्चित करता है कि मैं रैंकिंग के शीर्ष 10 में एक बना रहूं— जिसका मतलब है कि हमारे पास निश्चित रूप से पेरिस जाने वाली एक पुरुष युगल टीम है. वहां यह एकसमान मौका है. हमारे पास साथी चुनने के लिए खिलाड़ियों का अच्छा समूह भी है.
— निखिल नाज

