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"उस रात कोई सोया न था"

हॉलीवुड फिल्म 'द व्हाइट टाइगर' में अपने दमदार अभिनय से सिनेमा की दुनिया में पहचान हासिल कर चुके ऐक्टर आदर्श गौरव अपनी शुरुआत, किरदारों के चुनाव और हालिया रिलीज वेब सीरीज 'गन्स ऐंड गुलाब्स' पर

आदर्श गौरव
आदर्श गौरव
अपडेटेड 11 सितंबर , 2023
  • दर्शक क्या नया देखेंगे गन्स ऐंड गुलाब्स में? किन वजहों से यह सीरीज बाकियों से अलग होगी?

इसमें वे किरदार दिखेंगे जिन्हें आपने अस्सी-नब्बे के दशक में पर्दे पर देखा होगा. वह धुंधली याद जब 360 डिग्री टर्न के साथ सामने आकर खड़ी होती है तब वह दिखता है जिसकी आपको उम्मीद बिल्कुल नहीं होती. कॉमेडी, क्राइम, ड्रामा और रोमांस से एंटरटेनमेंट की जो डिश तैयार हुई है, उसका स्वाद दिमाग में बरकरार रहेगा.

  • राजकुमार राव के साथ आपको दोबारा काम का मौका मिला है गन्स ऐंड गुलाब्स के जरिए, कैसा अनुभव रहा उनके साथ काम का?

मेरे लिए राजकुमार बड़े भाई जैसे हैं. हमेशा सही रास्ता बताते हैं. उनके काम का स्टाइल बेहद कमाल का है. अपने किरदार को वे राइटर की सोच से कई गुना आगे लेकर चले जाते हैं. जब मैंने ऐक्टर बनने का फैसला किया था तभी से उनको देखकर सीख रहा हूं. मुझे याद है पहली मुलाकात में हमारे बीच ज्यादा बातें नहीं हुई थीं, मैं बहुत भावुक था. अब खुलकर बात होती है. अभी तो यह शुरुआत है, आगे और अपने मन के रोल करना चाहता हूं. जो एक जैसे न हों और जिन किरदारों में अपने भीतर से कुछ जोड़ा जा सके. ठीक वैसा, जैसा कि राजकुमार राव का तरीका है.

  • आपकी पहली फिल्म थी माइ नेम इज खान. इसका क्या किस्सा है?

जब 14 साल का था तबसे टूथपेस्ट से लेकर बल्ब तक के विज्ञापनों में काम शुरू कर दिया था. मम्मी अलग-अलग जगहों पर ऑडिशन के लिए लेकर जाती थीं. ऐक्टिंग हमारे लिए नई ही चीज थी. घर से पूरा सपोर्ट मिला. मेरी पढ़ाई किसी ने प्रभावित नहीं होने दी. आज भी वह दिन याद है जब पता चला था कि माइ नेम इज खान में रोल मिला है. घर में हलचल मच गई, उस रात कोई नहीं सोया था. रोल तो छोटा था लेकिन बात सबके लिए बहुत बड़ी थी.

  • राज ऐंड डीके के साथ पहली बार काम कर रहे हैं. उनके साथ किस तरह की केमिस्ट्री रही?

शोर इन द सिटी से उनके काम का फैन रहा हूं. हमारे यहां सटायर और डार्क कॉमेडी वाले स्पेस को एक्सप्लोर नहीं किया गया. अब तो राज ऐंड डीके इस जॉनर के मास्टर हैं. उनकी द फैमिली मैन, फर्जी, गो गोवा गॉन के बाद उन्हें ओटीटी का किंग माना जाता है.

  • आप पिछले 15 साल से काम कर रहे हैं. काम चुनने का क्या पैमाना रखते हैं?

सभी प्रोजेक्टस वैसे चुनता हूं, जो मैं खुद देख सकूं. क्योंकि वह काम ऐसे लोगों के साथ है, जो काबिल हैं. मुझे उन पर भरोसा है. पिछले काम से यह काम कितना और कैसे अलग होगा, यह जरूर ध्यान रखता हूं. अपनी जवाबदेही आखिरकार मुझे ही तय करनी होती है.

—  श्वेतांक शेखर

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