scorecardresearch

क्लासिक खेल बिल्लियों का

वेस्ट एंड के बहुचर्चित म्यूजिकल नाटक कैट्स के मंचन के लिए मुंबई का नीता मुकेश अंबानी कल्चरल सेंटर तैयार.

Leisure: Theatre
कभी ग्लैमरस रही लेकिन अब किनारे कर दी गई बूढ़ी बिल्ली ग्रिजाबेला के लिए भी आया सबकी नजरों में चढ़ने का मौका
अपडेटेड 16 जून , 2026

नब्बे साल पहले टी.एस. इलियट ने अपने नाती-पोतों के लिए मस्ती भरी कविताओं का मनमौजी संकलन तैयार किया और उसका नाम रखा ओल्ड पोसम्स बुक ऑफ प्रैक्टिकल कैट्स. 1977 में संगीत के जीनियस एंड्रर्यू लॉयड वेबर ने उनमें संभावना देखी और उनकी धुनें तैयार करने में लग गए.

फिर प्रोड्यूसर कैमरून मैकिंटोश, डायरेक्टर ट्रैवर नुन और कोरियोग्राफर गिलियन लिन और कई अदाकारों ने मिलकर भरी-पूरी म्यूजिकल प्रस्तुति तैयार की. यह 1981 में लंदन के वेस्ट एंड और 1982 में न्यूयॉर्क में ब्रॉडवे के दर्शकों के सामने मंचित की गई.

पूरे 45 साल बाद यही लाजवाब म्यूजिकल नाटक आखिरकार मुंबई के नीता मुकेश अंबानी कल्चरल सेंटर (एनएमएसीसी) के ग्रैंड थिएटर में आ रहा है.

इस म्यूजिकल ने खूब अवॉर्ड और शोहरत बटोरी है और ढेर सारा पैसा भी. इसकी पृष्ठभूमि में है एक कबाड़खाना, जहां अपनी-अपनी अनोखी चाल से चलकर आ रही तरह-तरह की बेघर और आवारा बिल्लियों का परिचय दर्शकों से करवाया जाता है. ये सभी जेलिकल बॉल में जाने की तैयारी कर रही हैं.

यह दरअसल एक सालाना जलसा है जहां 'हैवीसाइड लेयर’ पर चढ़ने के लिए 'जेलिकल बिल्लियों’ में से एक का चयन किया जाता है. इस पर चढ़ने के बाद उसे नया जन्म मिल जाता है. यह म्यूजिकल इतना जाना-पहचाना और इतना प्यारा है कि इसे कालजयी माना जाता है. फिर भी इसे खेलने वाले कलाकारों के जरिए यह दशकों से कुछ न कुछ नए आयाम जोड़ता आया है.

रेजिडेंट डायरेक्टर मैट कर्जन कहते हैं, ''कैट्स 40 से भी ज्यादा साल से चल रहा है तो इसकी एक वजह यह है कि इसने अपने में रच-बस गए कलाकारों के जरिए लगातार खुद को नए सिरे से ईजाद करता रहा.’’ उन्होंने बताया कि मूल प्रस्तुति ने अपने वक्त में भी सरहदें तोड़ दी थीं और आज भी ''हम जिस तरह कंपनी को ढालते और बनाते हैं, उसमें समावेशिता की बहुत ज्यादा भूमिका है.’’

वे यह भी कहते हैं, ''इस नाटक की आधुनिक प्रस्तुतियों में दशकों पहले के मुकाबले ज्यादा अलग-अलग तरह के, भिन्न-भिन्न भूभागों के और विभिन्न दैहिक रचना वाले कलाकारों और मूवमेंट स्टाइल की झलक मिलती है.

ग्रिजाबेला का किरदार निभा रहीं सिंडी ऐन अब्राहम्स

पुराने समय की प्रस्तुतियां देख चुके दर्शकों ने इनके बारे में सोचा भी न होगा. हमारी जड़ें अब भी मूल शास्त्रीय रंगमच में हैं, लेकिन रंगमंच हमेशा अपने आसपास की दुनिया से संवाद भी करता है. इस लगातार हो रहे विकास की बदौलत भी कैट्स की नौ जिदगियां हैं.’’

कर्जन बताते हैं कि कोरियोग्राफी अब भी गिलियन लिन के शानदार मूल काम पर ही आधारित है, जो वाकई कैट्स की धड़कन है. यह सांगीतिक रंगमंच के इतिहास की सबसे पहचानी जा सकने वाली गति भाषाओं में से एक है—चपल, बिल्ली जैसी, और अविश्वसनीय रूप से विशिष्ट. फिर भी हरेक नई संगत नई ऊर्जा और नई अर्थछटाएं लेकर आती है.

चुनौती यह है कि उसकी शुद्धता बनाए रखी जाए और साथ ही कलाकारों को भूमिकाएं अपने ढंग से ढालने दी जाएं. वे कहते हैं, ''कैट्स की खूबसूरती यह है कि हर अदाकार इस कबीले में अपनी बिल्लीनुमा शख्सियत और जिया हुआ अनुभव लेकर आता है.’’

इस म्यूजिकल के सबसे ज्यादा दिल को छू लेने वाले किरदारों में से एक ग्रिजाबेला का किरदार सिंडी एन अब्राहम्स ने निभाया है. वे बताती हैं, ''यह वाकई बहुत कुव्वत और मेहनत की मांग करता है, लेकिन बहुत सुकून देने वाला भी है. इस किरदार का गहरा भावनात्मक इतिहास है.

उसके हर काम में, यहां तक कि दो पलों के बीच की खामोशी में भी, आप उसे महसूस करते हैं. वह बहुत कुछ समेटे है और यह बोझ मंच पर हमेशा मौजूद रहता है.’’ इस किरदार की आंतरिक दृढ़ता अब्राहम को सबसे दमदार लगती है.

वे कहती हैं, ''वह आसानी से टूटकर बिखर नहीं जाती. यहां तक कि अपने सबसे बेबस लम्हों में भी उसके भीतर कुछ बेहद मजबूत है. यही वह जटिलता है जिसकी वजह से इसे निभाना इतनी खुशकिस्मती की बात है. लेकिन इसका यह भी मतलब है कि हर रात आपको अपना पूरा का पूरा देना पड़ता है.’’

कैट्स के देखने वालों के लिए अदाकारों की विशाल फौज और नेपथ्य मंडली के हर सदस्य के अलावा सबसे यादगार हिस्सा कबाड़खाने का सेट है. एनएमएसीसी के ग्रैंड थिएटर में हमें क्या देखने को मिल सकता है? कर्जन कहते हैं, ''सेट अब भी शानदार ढंग से बहुत बड़ा और पूरी तरह बांध लेने वाला है.

बिल्लियों के मंच पर आते ही दर्शकों को लगना चाहिए कि मानो वे बिल्ली के आकार में सिमट गए हैं. तकनीकी तौर पर मंच सामग्री और स्टेज पर संचालन में लगातार चीजें बेहतर की जाती रहती हैं जिससे कि प्रोडक्शन को ज्यादा प्रभावी और ट्रैवलिंग के लिहाज से व्यावहारिक बनाए रखा जा सके. मगर विजुअली यह उतना ही समृद्ध और जटिलताओं से बुनी गई दुनिया वाला है जिसे दर्शक जानते और प्यार करते हैं. यह अब भी रंगमंच का सबसे ग्लैमरस कबाड़ का ढेर है!’’

कैट्स के मुरीद शो की पहचान बन चुके और ग्रिजाबेला के गाए गाने 'मेमोरी’ से खासे मोहित रहे हैं. अब्राहम्स कभी ग्लैमरस रही और अब ठुकरा दी गई उस बुढ़ाती बिल्ली की देह भाषा की व्याख्या कैसे करती हैं जिसे आखिरकार चकाचौंध में आने का मौका मिल ही गया? वे कहती हैं, ''सब कुछ उसके डीटेल्स में है.

आप किसी ऐसे को देखते हैं जिसने समय के साथ अपने को महफूज रखना सीख लिया है, इसलिए उसकी चाल-ढाल में एक निश्चित संयम और सतर्कता है. मानो अब वह जगह घेरने की अभयस्त नहीं रह गई है. फिर भी पहले की ग्रिजाबेला के निशान अब भी साफ दिखते हैं.

वह जो पहले हुआ करती थी, उसकी छोटी-मोटी झलकियां आपको जब-तब देखने को मिलती रहती हैं. थोड़ा-सा उठाव, थोड़ी-सी मौजूदगी, कुछ ऐसा जो उसके अतीत की झलक दे.’’ और ज्यों-ज्यों यादों का पिटारा खुलता है, वे 'परतें धीरे-धीरे खुलने लगती हैं.’. 

Advertisement
Advertisement