
इस साल सितंबर में किशोर और 20-30 वर्ष के सैकड़ों युवा मुंबई के एक विशाल रेस्तरां द नाइन्स में जुटे, जो दरअसल यह जानना चाहते थे कि बेली कॉन्क्लिन फिशर ब्रदर्स में से किसे अपना जीवनसाथी बनाना चाहेगी. दर्शकों के सामने बैठे और अपनी चॉकलेटी आभा बिखेरते ये तीनों द समर आई टर्न्ड प्रेटी (टीएसआइटीपी) के मुख्य कलाकार हैं, जो स्कूल क्रश, प्रेम त्रिकोण, दिल टूटने और ऐसे ही अन्य किशोर अनुभवों पर आधारित एक शो है जो हर युवा को बरबस आकर्षित कर लेता है.
इसका 75 मिनट का अंतिम एपिसोड बहुत धूमधाम के साथ प्रदर्शित किया गया. शो की मुख्य सेटिंग दर्शाने के लिए जगह को समुद्र तट की तरह सजाया गया और बेली को मां की तरह प्यारी एक महिला के दिए ब्रेसलेट की याद दिलाने के लिए एक डीआइवाइ चार्म ब्रेसलेट स्टॉल लगाया गया. मुख्य आकर्षण था एक टू-टीयर डार्क चॉकलेट केक.

यह एक ऐसे वेडिंग केक की तरह था जिसे फिशर ब्रदर्स में से एक जेरेमिया अपने लिए चाहता था. कुछ दर्शकों को उम्मीद थी कि बेली उसे ही चुनेगी (#जेलीफिशर्स/टीम जेरेमिया) तो कुछ को उम्मीद थी कि वह कॉनराड (#बोनराड/टीम कॉनराड) को चुनेगी. पूरा एपिसोड शूट किए जाने के दौरान रेस्तरां युवा वयस्क दर्शकों की उत्साह भरी चीखों से गूंजता रहा. अंत में ये युवा इस विश्वास के साथ लौटे कि ये किरदार एक नई फिल्म में काम करते रहेंगे, सो उन्हें अलविदा कहने की जरूरत नहीं है.
ये युवा वयस्क (Y/A) शो हाल में लोकप्रिय होने वाला अकेला शो नहीं है. युवाओं और युवावस्था के समय की उनकी उम्मीदों और चुनौतियों पर केंद्रित इस शैली के शो खासी लोकप्रियता हासिल करते रहे हैं और तमाम स्टूडियो इस शैली में हाथ आजमाने में जुटे हैं. दो अजीबो-गरीब युवाओं के अपने रिश्ते को कामयाब बनाने की कोशिश को दर्शाती सय्यारा और कलपा ट्रिलॉजी (जो सौतेले भाई-बहनों के प्रेमी बनने पर केंद्रित स्पैनिश ड्रामा है) जैसी फिल्मों ने इस क्रेज को बढ़ावा दिया है.

मैक्सटन हॉल (एक जर्मन पब्लिक स्कूल में क्लासमेट संग रोमांस पर आधारित), वेन्सडे (एक युवा मनोवैज्ञानिक की हॉरर कॉमेडी), हार्टस्टॉपर (दो किशोर लड़कों के बीच क्लासिक रोमांस) और कोटा फैक्टरी (आइआइटी/नीट के उम्मीदवारों पर केंद्रित) जैसे शो भी इसमें मददगार साबित हुए हैं. नेटफ्लिक्स ने मिसमैच्ड (जयपुर पर आधारित एक रोमांटिक ड्रामा) और क्लास (तीन स्कूली छात्रों पर केंद्रित एक क्राइम थ्रिलर) के नए सीजन की घोषणा की है. अमेजन प्राइम ने अनन्या पांडे अभिनीत कॉल मी बे (अमीर लड़की के सड़क पर आ जाने की कहानी) के दूसरे सीजन को हरी झंडी दे दी है और युवाओं को लुभाने के लिए दो और शो लाने की तैयारी में भी है. इसमें लुक्खा भी शामिल है जिसमें इनमें रैपर और गीतकार किंग ('तू मान मेरी जान’ फेम) नजर आएंगे.
ये शो इतने लोकप्रिय क्यों?
युवा वयस्क शैली लोकप्रिय होने की एक बड़ी वजह यह है कि इन्हें अक्सर हल्के-फुल्के और सुखद एहसास वाले रोमांस की चाशनी में डुबोया जाता है जो दर्शकों को इसका दीवाना बना देती है. मिसमैच्ड के तीन सीजन सफलतापूर्वक प्रसारित हो चुके हैं और एक और आने वाला है, जो इस तरह की कहानी के इर्द-गिर्द ही घूमता है. नेटफ्लिक्स इंडिया की सीरीज हेड तान्या बामी कहती हैं, ''यह उन दुर्लभ शो में से एक है जिसने नई पीढ़ी के मूड को समझा और खुद को प्रासंगिक बनाए रखा.’’ इसने प्राजक्ता कोली और रोहित सराफ को स्टार बना दिया है, जो अब अपने किरदारों के पर्याय बन गए हैं, यह शो की स्थाई अपील का प्रमाण है.
व्यापक मीडिया परिदृश्य भी इसमें बड़ी भूमिका निभा रहा है. प्राइम वीडियो, इंडिया के निर्देशक और ओरिजिनल्स प्रमुख, निखिल मधोक कहते हैं कि उन्हें कतई अंदाजा नहीं था कि टीएसआइटीपी में 21 साल की एक युवती और दो भाइयों के बीच का प्रेम त्रिकोण भारत में इतना लोकप्रिय हो जाएगा. लेकिन जब शो ने धूम मचाई तो समझ आया कि दर्शक, खासकर जेन ज़ी और मिलेनियल्स महिलाएं इसे क्यों पसंद कर रहे हैं.
वे कहते हैं, ''अगर आप युवा दर्शकों के सामने मौजूद विकल्पों पर गौर करें तो हमारी फिल्में ज्यादातर पुरुषों पर केंद्रित अति-पुरुषोचित कहानियों पर केंद्रित रही हैं. टीवी शो आमतौर पर पारिवारिक ड्रामा और शादी के बाद महिलाओं के साथ होने वाले व्यवहार पर केंद्रित होते हैं. 16-25 आयु वर्ग के लिए पर्याप्त कहानियां नहीं बनाई जा रहीं. सबसे जरूरी है कि वे किससे अपना जुड़ाव महसूस करें. क्या ये उनके अनुभव के अनुरूप है? क्या कहानियां उन्हीं दिक्कतों और चुनौतियों को दर्शाती हैं जिनका वे सामना कर रहे हैं?’’
भारतीय कहानियों की जरूरत
यह ऐसा क्षेत्र है जहां भारतीय कहानियों की भारी कमी रही है. हालांकि मिसमैच्ड , खो गए हम कहां (सोशल मीडिया-केंद्रित रोमांटिक ड्रामा) और सीटीआरएल (एक प्रभावशाली जोड़े और उनके ब्रेकअप पर केंद्रित) जैसे कुछ सफल शो आए लेकिन विदेशी कहानियों की जबरदस्त सफलता के बीच बहुत कम उद्यम आगे बढ़ पाए.
प्राइम वीडियो, इंडिया की निदेशक और मार्केटिंग प्रमुख, सोनल कबी कहती हैं कि भारतीय युवाओं के लिए ''युवा वयस्क कंटेंट मनोरंजन से कहीं बढ़कर है, यह वैश्विक युवा संस्कृति की एक झलक है, जिसे न सिर्फ वे जी रहे हैं बल्कि खुद उसका हिस्सा भी हैं. जब युवा दर्शक जुड़ते हैं, तो वे सिर्फ देखते ही नहीं हैं, वे इसमें हिस्सा लेते हैं, साझा करते हैं और इसे अपना बना लेते हैं. हमने यह बात प्रत्यक्ष रूप से देखी भी है- 'टीम कॉनराड बनाम टीम जेरेमिया’ का जोश केवल समापन के साथ ठंडा नहीं हुआ, बल्कि इसने बढ़ते प्रशंसक वर्गों को जन्म दिया.’’
समस्या का एक पहलू यह भी है कि दर्शकों के बीच मांग तो है, लेकिन भारतीय पटकथा लेखक इसकी पूर्ति नहीं कर पा रहे हैं. मधोक कहते हैं, ''हम बेसब्री से विचारों की तलाश में हैं लेकिन हमें पर्याप्त युवा वयस्क कहानियां नहीं मिल रहीं. क्राइम और थ्रिलर के लिए कहीं ज्यादा कहानियां उपलब्ध होती हैं क्योंकि शायद उन्हें सुरक्षित विकल्प माना जाता है.’’ ऐसी पटकथाएं लिखने में एक जोखिम यह भी है कि वे बेमेल होती हैं.
वे यह भी कहते हैं, ''हमें तय करना होगा कि जब कहानियां हमारे पास आएं तो वे किसी 40 वर्षीय व्यक्ति की जेन ज़ी कल्पना पर केंद्रित न हों. नजरिया ऐसा नहीं होना चाहिए जैसे हम उनकी कमियां देखने के आदी बन गए हैं. ये उनके लिए उबाऊ और थकाऊ साबित हो सकता है.’’ इस कमी को पूरा करने का एक तरीका यह हो सकता है कि भारत युवा वयस्क लेखिका जेनी हान का अपना विकल्प तलाशे, जिनकी किताबों को बेहद सफलता के साथ पर्दे पर उतारा गया है, और टीएसआइटीपी भी उनमें से ही एक है.
जब तक कोई यह अनुमान लगाए कि टीवी और फिल्मों में युवा वयस्क शैली में और स्थानीय कहानियां कब तक अपना दबदबा बना पाएंगी, तब तक भारतीय दर्शकों के पास चुनने के लिए कई विकल्प मौजूद हैं. मैक्सटन हॉल इस सीजन की पसंद है (अमेजन प्राइम इंडिया पर छठे नंबर पर ट्रेंड कर रहा) और स्ट्रेंजर थिंग्स का आखिरी सीजन भी बस दस्तक देने ही वाला है.
युवा वयस्कों के देखने योग्य देसी शो, इनमें से कुछ के सीजन अभी चल रहे हैं :
कॉलेज रोमान्स (सोनीलिव)- क्लासरूम में तीन दोस्तों और उनके रोमांच के बारे में द वायरल फीवर के इस शो को सोनीलिव ने चुना था, जिसने इसके तीन और सीजन चलाए थे.
बिग गर्ल्स डोंट क्राइ (प्राइम वीडियो)- अनीत पड्डा सय्यारा की वाणी के रूप में जानी जाती हैं पर लड़कियों के बोर्डिंग स्कूल वाले इस ड्रामे ने उन्हें ख्याति दिलाई.
फ्लेम्स (प्राइम वीडियो)- दिल्ली के एक कोचिंग सेंटर में रज्जो और इशिता के रोमांस ने दर्शकों को बांधे रखा है.
हॉस्टल डेज (प्राइम वीडियो)- आदर्श गौरव द व्हाइट टाइगर में काम करने से पहले द वायरल फीवर के इस शो में अंकित का रोल निभाकर चर्चित हो गए थे. यह हॉस्टल में रहने वालों की कहानी है.

