वर्ष 2024 में हर कोई दिलजीत दोसांझ को देखने-सुनने को बेताब नजर आया. अंबानी परिवार ने अपने बेटे अनंत की शादी से पहले वंतारा में एक बड़ी पार्टी का आयोजन किया, जहां रिहाना के बाद इस पंजाबी गायक ने परफॉर्म किया.
कल्कि 2898 एडी, जिगरा, भूल भुलैया-3 और बेबी जॉन के फिल्म निर्माताओं ने अपने साउंडट्रैक में दिलजीत का एक-एक गाना जरूर शामिल किया. यही नहीं, देश-विदेश दोनों जगह हजारों लोग 'दिल-लुमिनाती' टुअर के दौरान उन्हें लाइव परफॉर्म करते देखने पहुंचे.
इन आयोजनों के दौरान दर्शक पूरे उत्साह के साथ उनकी धुनों पर थिरकते नजर आए. लेकिन दिलजीत की सबसे बड़ी सफलता यह है कि उन्होंने देश के अंदर ही पंजाबी पॉप को इस ऊंचाई पर पहुंचा दिया है. हैदराबाद, अहमदाबाद, कोलकाता और गुवाहाटी जैसे शहरों में आयोजित म्यूजिक प्रोग्राम दर्शाते हैं कि वे उत्तर भारत के ऐसे अनूठे कलाकार हैं, जिनका संगीत भाषाई बंधनों से परे है.
यहां तक कि गैर-पंजाबी भी उनके गानों को शब्दश: गुनगुनाते हैं. और मिली-जुली पंजाबी और हिंदी भाषा में बात करके भारत में कहीं भी दर्शकों के दिलों को छू लेना उनकी खूबी है. यही कारण है कि दिल-लुमिनाती के सफल आयोजन के अंत में 'मैं हूं पंजाब’ उनका एक शक्तिशाली उद्घोष बन गया है. यह एक सशक्त पहचान भी है.
दिलजीत पूरे साल अपने ही अंदाज में लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचकर सुर्खियों में बने रहे. चुनावी साल में विभाजनकारी राजनीति से अछूते रहना संभव नहीं था, लेकिन उन्होंने दिखाया कि कला कैसे लोगों को जोड़ने में सबसे आगे रहती है. ब्रिटेन के मैनचेस्टर में एक संगीत कार्यक्रम में एक पाकिस्तानी प्रशंसक को अपने जूते भेंट करने के बाद उन्होंने कहा, ''पंजाबियां दे दिलां विच सबदे लई प्यार ए" यानी हर पंजाबी के दिल में सबके लिए प्यार है.
भारत लौटने पर उन्होंने नैतिक पुलिसिंग और ड्रग्स और शराब का महिमामंडन करने वाले गानों से बचने की चेतावनी वाले नोटिसों को लेकर राज्य सरकारों को बेहद विनम्रता के साथ जवाब दिया. जब आयोजन स्थलों पर इन्फ्रास्ट्रक्चर खराब होने को लेकर सोशल मीडिया पर शिकायती पोस्ट की बाढ़ आ गई, तो उन्होंने अपने प्रशंसकों का समर्थन किया और दो टूक कह दिया कि जब तक स्थिति में सुधार नहीं होता, वे भारत में प्रदर्शन करना बंद कर देंगे.
मनोरंजन कार्यक्रमों की भीड़ के बीच अक्सर एक आवाज को दूसरे से अलग करना मुश्किल है, लेकिन दिलजीत एक ऑलराउंडर हैं, जो अपनी प्रतिभा, व्यक्तित्व और अपने चुटीले अंदाज से दर्शकों का मन मोह लेते हैं. अमेरिकी लेट-नाइट टॉक शो के होस्ट जिमी फॉलन ने तो उन्हें 'पूरी धरती का सबसे बड़ा पंजाबी कलाकार' करार दिया क्योंकि दिलजीत ने उन्हें अपनी मातृभाषा में एक-दो शब्द सिखाने की कोशिश की थी.
खुलकर सत्ता-विरोधी या आक्रामक तेवर न रखते हुए भी अपने सशक्त व्यक्तित्व के बलबूते दिलजीत ने न केवल एक गायक के तौर पर बल्कि एक अच्छे अभिनेता के रूप में भी लोगों का दिल जीता. नेटफ्लिक्स पर आई इम्तियाज अली की फिल्म अमर सिंह चमकीला में उन्होंने चमकीला के किरदार को बेहतरीन ढंग से निभाया. पंजाब लौटकर उन्होंने अपनी 12 साल पुरानी रोमांटिक कॉमेडी फ्रैंचाइजी जट्ट ऐंड जूलियट की तीसरी किस्त पूरी की और बॉक्स-ऑफिस के रिकॉर्ड तोड़ दिए.
दिलजीत भले ही स्पॉटिफाई के सबसे ज्यादा स्ट्रीम किए जाने वाले कलाकारों या 2024 के शीर्ष गानों की सूची में शामिल न हों लेकिन उनके गाने संगीत समारोहों, पार्टियों और शादियों की शान होते हैं. उनकी सफलता इस बात का सबूत है कि बनावटीपन न हो तो कला खूब बिकती है. यही वजह है कि हर कोई दिलजीत का प्रशंसक बन जाता है.
दिलजीत एक हरफनमौला कलाकार हैं जो अपनी प्रतिभा, व्यक्तित्व और बेबाक अंदाज से दर्शकों का मन मोह लेते हैं.
जुनून के दम पर चमका सितारा
● भारतीय पॉप कल्चर को दुनियाभर में पहुंचाने में सबसे आगे रहने वालों में दिलजीत दोसांझ ने अपने 'दिल-लुमिनाती' टुअर के दौरान अमेरिका, यूरोप और ऑस्ट्रेलिया के दर्शकों का दिल जीत लिया.
● उन्होंने जिमी फॉलन की मेजबानी में आयोजित अमेरिकी लेट-नाइट शो में अपने दो गाने 'बॉर्न टु शाइन' और 'जी.ओ.ए.टी.' भी पेश किए.
● देश में उन्होंने भाषाई बंधन तोड़ते हुए पूरे भारत में खचाखच भरे आयोजन स्थलों में परफॉर्म किया और दूसरे पंजाबी कलाकारों के लिए ऐसे म्यूजिक प्रोग्राम की राह खोली.
● बेहतरीन अभिनेता के तौर पर दिलजीत ने नेटफ्लिक्स पर आई बायोपिक में पंजाबी कलाकार अमर सिंह चमकीला की भूमिका निभाकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया; अपनी पंजाबी रोमांटिक कॉमेडी जट्ट ऐंड जूलियट की तीसरी किस्त के साथ बॉक्स-ऑफिस पर नए रिकॉर्ड बना रहे हैं.

