
भारतीय खेल प्रेमियों के लिए बीते छह महीने खासे उतार-चढ़ाव भरे रहे. जुलाई के शुरू तक देश सातवें आसमान पर था. भारतीय क्रिकेट टीम ने दूसरा ट्वेंटी-20 विश्व कप जो जीता था. उस अपराजेय टीम के चार सितारों—विराट कोहली, रोहित शर्मा, सूर्यकुमार यादव और हार्दिक पंड्या—ने इंडिया टुडे देश का मिज़ाज सर्वे के शीर्ष पांच पुरुष क्रिकेटरों में जगह बनाई.
अपवाद हैं एम.एस धोनी, जिनका आभामंडल फीका पड़ने का नाम नहीं लेता. देश का मिज़ाज सर्वे के 49 फीसद उत्तरदाताओं के लिए विश्व कप की कीर्ति वन-मैन शो नहीं बल्कि पूरी टीम का सामूहिक प्रयास थी. महिला क्रिकेटरों में इस बार भी वही पांच शीर्ष पांच में हैं जो फरवरी में थीं. स्मृति मंधाना और हरमनप्रीत कौर सबसे आगे हैं.

हां, संन्यास ले चुकीं लेकिन अब भी लोकप्रिय मिताली राज खिसककर नंबर 4 पर आ गई हैं. कैरिबियाई देशों में फतह हासिल करने के महीने भर बाद उत्साह की जगह मायूसी ने ले ली जब पेरिस ओलंपिक खेलों का रुख कर चुके खेल के दीवानों ने देखा कि भारत पदकों के बेहद करीब आकर भी ऐन वक्त पर लड़खड़ाता गया और बहुत बारीक अंतर—एक अंक (निशानेबाजी और तीरअंदाजी में), एक बाउट (मुक्केबाजी में), एक किलो (वेटलिफ्टिंग में) और एक सौ ग्राम (विनेश फोगाट का वजन)—से एकाधिक पदकों से हाथ धो बैठा.
पर सबसे दिलखुश कहानी निशानेबाज मनु भाकर की रही, जिन्होंने तीन मुकाबलों के फाइनल में जगह बनाई और दो पदक लेकर लौटीं. देश का मिज़ाज सर्वे में क्रिकेट से अलहदा महिला खिलाड़ियों की रैंकिंग में पी.वी. सिंधु फिर शीर्ष पर हैं, तो उनके बाद दो नए चेहरे मनु और विनेश आ गए हैं. विनेश फाइनल में पहुंचने वाली भारत की पहली महिला पहलवान हैं, जिन्हें निर्मम तकदीर ने पदक से वंचित कर दिया. सर्वे में उनका प्रदर्शन बताता है कि उन्होंने लोगों के दिल जीत लिए.
पुरुष खिलाड़ियों में शीर्ष पर भाला फेंक एथलीट नीरज चोपड़ा का सिक्का कायम है, जो लगातार दो ओलंपिक में व्यक्तिगत पदक जीतने वाले तीसरे भारतीय बने. देश का मिज़ाज सर्वे के उत्तरदाताओं ने सेना के इस सूबेदार मेजर की देश सेवा का जश्न मनाया, तो कांस्य पदक-विजेता प्रदर्शन में 10 गोल करने वाले हरमनप्रीत सिंह और अहम कारनामे करने वाले गोलकीपर पी.आर. श्रीजेश का भी.
शीर्ष पांच में श्रीजेश के साथ फुटबॉलर सुनील छेत्री भी हैं. दोनों ने अपने-अपने खेलों में शिखर पर पहुंचने के बाद संन्यास का ऐलान कर दिया.

