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रोहित-कोहली के टी20 से संन्यास के बाद जलवा दिखाने को बेताब नई पीढ़ी

दिग्गज क्रिकेटरों की विदाई के साथ उनके हुनर और कौशल की मशाल अब युवा खिलाड़ियों के हाथों में. टी20 में अब हमारी सारी उम्मीद इन्हीं के कंधों पर

हार्दिक पंड्या, ऑलराउंडर क्रिकेट खिलाड़ी
हार्दिक पंड्या, ऑलराउंडर क्रिकेट खिलाड़ी
अपडेटेड 22 जुलाई , 2024

विश्व कप ट्रॉफी के लिए टीम इंडिया का 13 साल लंबा सूखे का दौर कैलेंडर पर 30 जून की तारीख लगते ही खत्म हो गया. धूमधाम और गाजे-बाजे के बीच 37 वर्षीय रोहित शर्मा और 35 वर्षीय विराट कोहली के टी20 फॉर्मेट से संन्यास लेने की खबरें आईं.

एक दिन बाद रवींद्र जडेजा भी उनकी जमात में शामिल हो गए. दो करिश्माई बल्लेबाजों के जाने के साथ सवाल उठने लगे कि उनकी कमान कौन संभालेगा. शक्ति और सटीकता का संतुलन पाने के लिए टीम इंडिया के पास दो साल हैं, जब घरेलू मैदानों पर उसे अपना यह खिताब बचाना होगा.

जोश और रफ्तार से भरे हार्दिक पंड्या और अपराजेय जसप्रीत बुमराह अपनी जगह बने रह सकते हैं. सूर्य कुमार यादव की जादुई बहुमुखी प्रतिभा और ऋषभ पंत की कामयाबी की भूख के चलते उन्हें बदलना मुश्किल होगा. तो भी नए खून को तो लाना ही होगा और चयनकर्ताओं के लिए शिकार का कारगर मैदान होगी इंडियन प्रीमियर लीग यानी आईपीएल.

अलबत्ता 15 खिलाड़ियों की यह सूची अंतिम नहीं है. श्रेयस अय्यर, ऋतुराज गायकवाड़, तिलक वर्मा, विकेटकीपर बल्लेबाज के.एल. राहुल, ईशान किशन और साई किशोर सरीखे गेंदबाज को जगह मिल सकती है. कप हमारा है, और अगली पीढ़ी की आकुल-व्याकुल प्रतिभाओं के साथ शायद यह हमारा ही रहेगा.

हार्दिक पंड्या, 30 वर्ष, ऑलराउंडर

टी20* मैच: 100, रन: 1,492, स्ट्राइक रेट: 140.88, विकेट: 84, इकॉनमी रेट: 8.11

बिगडै़ल, बचकाना, गुरूर में डूबा...उन्हें किसी भी नाम से पुकारिए, पर हार्दिक पंड्या एक और पहचान पर खरे उतरते हैं जिस पर उनका कॉपीराइट है: 'गेम चेंजर'. विश्व कप फाइनल में टीम इंडिया के उपकप्तान ने इसी भूमिका को अंजाम दिया. उनके आखिरी दो ओवरों ने साबित कर दिया कि कई लोग उन्हें कप्तान के पद पर रोहित शर्मा के असली उत्तराधिकारी के तौर पर क्यों देखते हैं.

जीत के बाद मुंबई इंडियंस की टीम के ये दो साथी जिस तरह गले मिले, उसने बहुत कुछ कह दिया, खासकर आईपीएल 2024 के उस मुश्किल अभियान के संदर्भ में, जो हार्दिक ने झेला. सबके दुलारे रोहित की जगह लेने वाले मुंबई इंडियंस के नए कप्तान के तौर पर पंड्या टीम के लचर प्रदर्शन के लिए दोषी ठहराए जाने वाले पंचिंग बैग बन गए.

एक बुरा दौर वडोदरा के इस लड़के का हौसला नहीं तोड़ सकता—वह चुनौतियों के आगे और भी निखरकर आता है, चाहे वह पॉवर-हिटिंग हो, गेंदबाजों पर हमला बोलना या मैदान में गतिशीलता. पंड्या अलबत्ता अपनी प्लेलिस्ट में शामिल हिप-हॉप कलाकारों की तरह ही धूम मचाने के लिए जीते हैं.

जसप्रीत बुमराह

जसप्रीत बुमराह, 30 वर्ष, तेज गेंदबाज

टी20 मैच: 70, विकेट: 89, इकॉनमी रेट: 6.27

एक ऐसा घड़ा जो मीठे पानी से कभी खाली नहीं होता. 'देश का नगीना'. बीते कुछ सालों में बुमराह ने दिखा दिया कि उन्हें सभी फॉर्मेट में दुनिया के बेहतरीन तेज गेंदबाजों में से एक क्यों माना जाता है. बुमराह को बिल्कुल सटीक लेकिन अलग-अलग लेंथ पर गेंदें फेंकते देखना एक सुंदर कविता की तरह है.

पसोपेश में पड़े बदनसीब बल्लेबाजों को कुछेक सेकंड की कलाकारी से हक्का-बक्का कर देने की उनकी काबिलियत उन्हें सबसे ज्यादा भयभीत करने वाले गेंदबाजों में से एक बना देती है. ट्वेंटी20 विश्व कप में उन्होंने जब भी अपनी बांह घुमाई, हर बार अपनी मौजूदगी का अहसास करवाया—उनकी 110 डॉट गेंदों ने भारत के कुल रनों का पीछा करने वाली टीमों का दम घोंट दिया.

बल्लेबाजों के अनुकूल माने जाने वाले इस फॉर्मेट के आठ मैचों में महज 124 रन देकर—जो तकरीबन नामुमकिन कामयाबी है—बुमराह ही प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट का इनाम जीत सकते थे.

ऋषभ पंत

ऋषभ पंत, 26 वर्ष, विकेटकीपर-बल्लेबाज

टी20 मैच: 74, रन: 1,158, स्ट्राइक रेट: 126.7, कैच: 40

दिसंबर 2022 की 31 तारीख को चकनाचूर और बदरंग कार का नजारा देखकर कई लोग भौचक रह गए थे. तुड़-मुड़कर बेकार हो चुके घुटने के साथ वे खून से लथपथ पड़े थे और अपनी कलाई, माथे, टखने, पंजे और पीठ पर चोट खा चुके थे. ऐसे में कइयों ने भारतीय टीम के क्रिकेटर के तौर पर उनका मर्सिया पढ़ दिया था. चौदह महीनों बाद पंत ने धाक जमा देने वाली वापसी की पटकथा लिख दी, जो इतिहास से कभी मिट नहीं पाएगी.

पंत ने अभी-अभी आईपीएल में साबित किया था कि उन्होंने बल्लेबाज के तौर पर अपनी पकड़ और विकेटकीपर के तौर पर अपना दम-खम नहीं गंवाया है. दिल्ली कैपिटल्स की कप्तानी करते हुए पंत ने स्टंप के पीछे और आगे अपने काम को बखूबी अंजाम दिया.

के.एल. राहुल और उभरते सितारे ध्रुव जुरेल जब टीम में इस प्रतिष्ठित जगह के लिए होड़ कर रहे हैं, पंत को पता है कि उन्हें कड़ी मेहनत करनी होगी. पर वे ऐसे खिलाड़ी हैं जो मौत को मात देकर आए और विश्व कप जीतने में अपने हिस्से का योगदान दिया. यही तो हैं आपके चैंपियन.

अक्षर पटेल

अक्षर पटेल, 30 वर्ष, ऑल राउंडर

टी 20 मैच: 60, रन: 453, स्ट्राइक रेट: 143.3, विकेट: 58, इकॉनमी रेट: 7.33

इस टी20 विश्व कप ने एक बात तो साबित कर दी: अक्षर पटेल अब किसी के लिए बैक-अप खिलाड़ी नहीं हैं. वे अर्से तक रवींद्र जडेजा की छाया में रहे, पर अब यह साफ है कि उन्होंने जडेजा की जिम्मेदारी संभाल ली है. जब भी भारतीय टीम मुश्किल में पड़ी, रोहित ने अक्षर का रुख किया, और इस ऑलराउंडर ने कभी निराश नहीं किया.

बल्लेबाजी के क्रम में ऊपर आकर अक्षर ने दो बेहद अहम पारियां खेलीं—पाकिस्तान के खिलाफ कम रनों वाले रोमांचकारी मैच में और फाइनल में 47 रनों की पारी. उन्होंने सारे मैच खेले और एक को छोड़कर हर मौके पर विकेट चटकाए.

अक्षर उस टीम में विरले खिलाड़ी हैं, जिसमें बहुत कम बल्लेबाज गेंदबाजी करते हैं और बहुत कम गेंदबाज बल्लेबाजी करते हैं. पॉवरप्ले में, जब 30 गज के दायरे के बाहर केवल दो फील्डर रखने की इजाजत होती है, गेंदबाजी करने की उनकी काबिलियत उन्हें बेशकीमती हीरा बना देती है. वैसे तो वे हमेशा ही जुझारू प्रतियोगी रहे हैं, पर इस टी20 विश्व कप ने उन्हें बेजोड़ खिलाड़ी बना दिया.

शुभमन गिल

शुभमन गिल, 24 वर्ष, बल्लेबाज

टी20 मैच: 14, रन: 335,  स्ट्राइक रेट: 147.57

भारत में जेन-जी यानी सहस्राब्दी में जन्मी पीढ़ी के लिए क्रिकेट के पोस्टर बॉय गिल इस टी20 विश्व कप के 15 खिलाड़ियों में भले जगह न बना पाए हों, पर बैकफुट पर लगाए गए पुल, ड्राइव और पंच के बलबूते गेंद को जमकर पीटने की उनकी मारक क्षमता से कोई इनकार नहीं कर सकता. टी20 से रोहित शर्मा की आसन्न विदाई के साथ गिल उस शून्य को भरने के लिए सबसे प्रबल दावेदार हैं जो कप्तान अपने पीछे छोड़ जाएंगे.

उन्हें एक कद्दावर शख्सियत की खाली जगह को भरना है, पर शुभमन ने दिखा दिया कि वे नई गेंद से निबटते हुए पारी को शानदार शुरुआत दे सकते हैं. पिछले साल आईपीएल में गुजरात टाइटंस के लिए खेलते हुए इस टीम के पहले ही सीजन में और 2023 की बॉर्डर-गावस्कर सीरीज में उनके ओपनिंग कारनामे सबूत हैं कि वे छक्के भी जड़ सकते हैं और 'दीवार' की तरह खड़े भी रह सकते हैं.

गिल चकाचौंध के इस दौर में होने का भरपूर आनंद लेते हैं—वे मशहूर हस्तियों के साथ दिखते हैं, स्पाइडर-मैन: एक्रॉस द स्पाइडर-वर्स की हिंदी डबिंग करते हैं और इंस्टाग्राम के जरिए परिधानों की नुमाइश भी करते हैं.

हर्षित राणा

हर्षित राणा, 22 वर्ष, तेज गेंदबाज

टी20 मैच: 20, विकेट: 25,  इकॉनमी रेट: 9.05

दो-एक साल पहले हर्षित घरेलू क्रिकेट में अपनी पहचान बनाने के लिए जूझ रहे थे. आज वे भारत के उन गेंदबाजों में हैं जिनकी सबसे ज्यादा मांग है. गुजरात टाइटंस के नेट बॉलर से हर्षित की किस्मत उस वक्त नाटकीय ढंग से बदली जब उन्होंने इस साल के आईपीएल के लिए कोलकाता नाइट राइडर्स की जर्सी पहनी.

उनका निर्णायक लम्हा उस वक्त आया जब उन्होंने केकेआर के उद्घाटन मैच में 13 रनों का बचाव किया और उनके इस प्रदर्शन ने टीम को अपना तीसरा आईपीएल खिताब जिताने में मदद की. 19 विकेट लेकर हर्षित शीर्ष पांच विकेट लेने वाले गेंदबाजों में रहे और उनका स्ट्राइक रेट जसप्रीत बुमराह से भी बेहतर था.

टी20 विश्व कप के जत्थे में शामिल होने से चूकने के बावजूद हर्षित ने जिंबॉब्वे के दौरे के लिए भारत का बुलावा आखिरकार हासिल कर ही लिया. 140 के दायरे में रफ्तार और मानसिक दमखम के साथ राणा सर्वोच्च स्तर पर कामयाबी के लिए तैयार हैं.

ध्रुव जुरेल, 23 वर्ष, विकेटकीपर-बल्लेबाज

टी20 मैच: 27, रन: 347, स्ट्राइक रेट: 161.53,  मैच: 12

यह उनके आइडल महेंद्र सिंह धोनी का गृह मैदान रांची था, जहां उन्होंने दुनिया के सामने अपने आगमन का ऐलान किया. इंग्लैंड के खिलाफ आखिरी दो टेस्ट मैचों में बुलाए गए जुरेल ने 90 और 39 नाबाद रनों की दो दमदार पारियां खेलीं, जो भारत के सीरीज कब्जाने में मददगार रहीं. इन्हीं पारियों की बदौलत सुनील गावस्कर ने उन्हें अगला एम.एस धोनी करार दिया.

2024 इंडिया टुडे कॉक्न्लेव में जुरेल ने इंडिया टुडे मैग्जीन से कहा, "मैं उनका अनुसरण करने की कोशिश करता हूं, लेकिन यह बहुत मुश्किल है." करगिल युद्ध के सेनानी के इस बेटे और 2020 के अंडर19 विश्व कप की रनर-अप रही टीम के उपकप्तान ने आईपीएल में राजस्थान रॉयल्स के लिए खेलते हुए दस्तानों और बल्ले दोनों के साथ लगातार अपनी शानदार छाप छोड़ी.

बी. साई सुदर्शन

बी. साई सुदर्शन, 24 वर्ष, बल्लेबाज

टी20 मैच: 25, रन: 1,034, स्ट्राइक रेट: 139.17

चेन्नै में जन्मे इस बाएं हाथ के खब्बू बल्लेबाज के स्टार बनने की भविष्यवाणी उन सभी लोगों ने की है जिन्होंने उसके बल्ले का हुनर देखा है. उन्होंने दिसंबर में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ ओडीआई सीरीज में भारत की तरफ से खेला और तीन मैचों में दो अर्धशतक लगाए.

अंतरराष्ट्रीय पदार्पण से पहले साई के खाते में आईपीएल के दो फाइनल, तमिलनाडु के लिए इफरात से रन बनाना, इंडिया ए में खेलना, और पाकिस्तान के खिलाफ शतक के साथ इमर्जिंग एशिया कप दर्ज था. उनके पिता आर. भारद्वाज धावक थे, जिन्होंने 1993 के दक्षिण एशियाई खेलों में भारत की नुमाइंदगी की थी, जबकि उनकी मां ऊषा पेशेवर वॉलीबॉल खेलती थीं.

अर्शदीप सिंह

अर्शदीप सिंह, 25 वर्ष, तेज गेंदबाज

टी20 मैच: 52, विकेट: 79,  इकॉनमी रेट: 8.39

इस टी20 विश्व कप में जब भारत को जसप्रीत बुमराह के साथ नई गेंद साझा करने के लिए पेसर की जरूरत थी, तो उन्होंने ज्यादा अनुभवी मोहम्मद सिराज के बजाय बाएं हाथ के युवा गेंदबाज अर्शदीप सिंह को चुना. दिलचस्प है कि यह उनकी दूसरी आईसीसी ट्रॉफी थी जिसमें राहुल द्रविड़ कोच थे. 2018 में पंजाब का यह बांका नौजवान उस भारतीय टीम का हिस्सा था जिसने द्रविड़ की देखरेख में अंडर-19 विश्व कप जीता.

तो कोच को ठीक-ठीक पता था कि अर्शदीप क्या कर सकते हैं. उन्होंने टूर्नामेंट सबसे ज्यादा विकेट (17) लेने वाले संयुक्त गेंदबाज के रूप में खत्म किया और अपनी टीम को बेहद अहम शुरुआती सफलताएं दिलाईं. उनका यह सफर भले अभी शुरू ही हुआ है लेकिन दूसरे छोर पर बुमराह सरीखी क्षमता वाले गेंदबाज के साथ अर्शदीप अपनी मौजूदगी का एहसास करवाने में कामयाब रहे. यह सब गेंद को दोनों तरफ घुमाने की उसकी काबिलियत की बदौलत हुआ.

अभिषेक शर्मा, 23 वर्ष, ऑल राउंडर

आईपीएल मैच: 104, रन: 2,671,  स्ट्राइक रेट: 153.59, विकेट: 32, इकॉनमी: 7.11

युवराज सिंह की मेंटरशिप में तैयार अभिषेक ने लगातार विकसित हो रहे टी20 के फॉर्मेट को तेजी से अपनाया है. इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के पिछले सीजन ने उनके लिए मंच का काम किया जहां उन्होंने सनराइज हैदराबाद की तरफ से खेलते हुए ऑस्ट्रेलियाई ट्रैविस हेड के साथ पारियों की शुरुआत की.

उन्होंने स्ट्रोक दर स्ट्रोक हेड की बराबरी की और उनके 200 से ज्यादा के स्ट्राइक रेट का मतलब था कि वे भारत की जर्सी पहनने को तैयार थे. फिर हैरानी क्या कि जिंबाब्वे के दौरे के लिए उन्हें भारत का पहले-पहल बुलावा आ गया. ठीक युवराज सिंह की तरह आक्रामक बल्लेबाज होने के अलावा अभिषेक बाएं हाथ के उपयोगी फिरकी गेंदबाज से कहीं ज्यादा हैं. उम्मीद करनी चाहिए कि पंजाब का यह 23 बरस का लड़का अपने आइडल की तरह ही कामयाबी हासिल करेगा.

रिंकू सिंह, 26 वर्ष, बल्लेबाज,

टी20 मैच: 15, रन: 356, स्ट्राइक रेट: 176.24

अप्रैल के आखिरी हफ्ते में जब टी20 विश्व कप के लिए भारतीय टीम का ऐलान हुआ, रिंकू सिंह को न चुना जाना चर्चा का विषय बन गया था. 2023 में आईपीएल के एक मैच में उन पांच लगातार छक्कों से यह तो हुआ ही कि इंटरनेट अब उनके बचपन के संघर्षों की कहानियों से नहीं भरा पड़ा था, बल्कि उनका क्रिकेट चर्चा का विषय बन गया था और टी20 विश्व कप से पहले उन्हें भारतीय टीम में ले लिया गया.

हालांकि वे इस टूर्नामेंट में खेलने से चूक गए, पर अब आगे भारतीय टीम में उनकी नियमित मौजूदगी निश्चित है. विश्व कप से पहले उन्हें टी20 की 11 पारियां खेलने को मिलीं, जिनमें उन्होंने 89 के औसत और 176 से ज्यादा के स्ट्राइक रेट से 356 रन बनाए. इन 11 में से सात पारियों में वे नाबाद रहे, जिसका मतलब है कि उन्होंने अपने काम को बखूबी अंजाम दिया.

यशस्वी जायसवाल, 22 वर्ष, बल्लेबाज

टी20 मैच: 17, रन: 502, स्ट्राइक रेट: 161.93

खाली जेब और बेआसरा, लेकिन क्रिकेट में शोहरत कमाने के सपनों और ढेर सारी प्रतिभा के साथ 10 साल की उम्र में मुंबई आए यशस्वी के पक्के इरादों ने उन्हें अनगिनत चुनौतियों के पार पहुंचा दिया. मुंबई के मैदानों से 2020 के अंडर-19 विश्व कप तक, जहां वे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बनकर उभरे, यशस्वी का उदय धूमकेतु की तरह रहा.

घरेलू हलकों में उनकी बेधड़क और बिंदास बल्लेबाजी ने चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा. उन्होंने निराश भी नहीं किया. हालांकि इस खब्बू नौजवान ने टी20 विश्व कप में भारत की हालिया कामयाबी डगआउट से देखी, पर उनका वक्त बेशक आ गया है. रोहित शर्मा और विराट कोहली सरीखे दिग्गज बल्लेबाजों के टी20 से रुखसत होने के साथ यह विलक्षण प्रतिभा भारतीय बल्लेबाजी की कमान संभालने के लिए तैयार है.

 

सूर्यकुमार यादव

सूर्यकुमार यादव, 33 वर्ष, बल्लेबाज

टी20 मैच: 68, रन: 2,340, स्ट्राइक रेट: 167.74

टी20 विश्व कप के फाइनल के आखिरी ओवर में मुश्किल कैच पकड़ने के लिए लॉन्ग-ऑफ सीमा के बाहर और अंदर छलांग लगाते सूर्यकुमार यादव की वह तस्वीर देखते ही देखते किस्से-कहानियों का विषय बन गई—आदतन जोखिम उठाने वाले खिलाड़ी के लिए भी यह गुस्ताख कोशिश थी. 360 डिग्री का संपूर्ण खिलाड़ी स्काई (एसकेवाइ) गेंदबाजों के लिए दु:स्वप्न बन सकता है. टी20 मैचों में सूर्या के परिदृश्य पर आने से पहले भारत पिछड़ता दिखाई देता था.

हैरतअंगेज स्ट्राइक रेट के साथ बल्ले से मैदान में लूटमार मचा देने का सूर्या का तरीका हर कोई देख चुका था, पर सवाल यह था कि आइसीसी के टूर्नामेंट में क्या वे इसे दोहरा सकेंगे. 2024 के टी20 विश्व कप से पहले स्काइ आइसीसी के तीन मुकाबलों में आए, पर अपने जबरदस्त कारनामों के बाद भी उनके पास दिखाने को ज्यादा कुछ नहीं था.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में देर से चमके स्काइ उस गंवाए गए वक्त की भरपाई कर रहे हैं. इस विश्व कप में वे रोहित शर्मा के बाद भारत के दूसरे सबसे ज्यादा रन लेने वाले बल्लेबाज थे और इससे ज्यादा अहम यह कि ये रन उन्होंने दबाव में बनाए. अगले कुछ साल वे भारत की कामयाबी के लिए बेहद अहम होंगे.

कुलदीप यादव, 29 वर्ष, स्पिनर

टी20 मैच: 40, विकेट: 69 स्ट्राइक: 6.77

वक्त ज्यादा नहीं हुआ, रोहित शर्मा के भारतीय टीम की कमान संभालने से पहले कुलदीप यादव का करियर दुविधा-भरे चौराहे पर था. यह रहस्य ही था कि बाएं हाथ का यह बेहतरीन स्पिनर मैदान पर क्यों दिखाई नहीं दे रहा. अलबत्ता कुछ शानदार प्रदर्शनों के बूते कुलदीप ने टीम में अपनी जगह पक्की कर ली. उनसे बेहतर 'अनऑर्थोडॉक्स' गेंदें फेंकने वाले गेंदबाज कम ही हैं. गेंद पर उनका नियंत्रण और फिरकी बेहतरीन से बेहतरीन बल्लेबाज को कसौटी पर कस सकती है.

कानपुर का यह लड़का अब केवल टी20आई में ही नहीं बल्कि हर फॉर्मेट में स्वाभाविक पसंद बन गया है. टीम इंडिया ने कुलदीप को टी20 विश्व कप के कैरेबियाई चरण में खुलकर खेलने का मौका दिया, जहां वे पांच मैचों में आए और दस विकेट झटककर भारत के तीसरे सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज बन गए.

सबसे छोटे फॉर्मेट में रविचंद्रन आश्विन और रवींद्र जडेजा सरीखे कुछ सीनियर्स के बाहर होने के साथ कुलदीप भारत के स्पिन आक्रमण की अगुआई करेंगे और 2026 में खिताब का बचाव करने उतरते हुए भारत की टीम के लिए बेहद अहम होंगे.

रवि बिश्नोई

रवि बिश्नोई, 23 वर्ष, स्पिनर

टी20 मैच: 24, विकेट: 36,  इकॉनमी रेट: 7.5

उनके इंस्टाग्राम पोस्ट के अनुसार, "जैसे हो वैसे ही रहो और दुनिया को एडजस्ट करने दो" रवि बिश्नोई का आदर्श वाक्य है. और इसमें गुगली और लेग-ब्रेक के साथ बल्लेबाजों को चकमा देना शामिल है. यही पटकथा थी जब जूनियर रैंक में, इस स्पिनर ने 2020 अंडर-19 क्रिकेट विश्व कप में 17 विकेट चटकाए और शीर्ष पर रहे.

जब उन्होंने लखनऊ सुपर जायंट्स की ओर से 16 विकेट चटकाए तो उन्हें आईपीएल के 2024 संस्करण में प्लेऑफ में जगह मिली. यह किसी ऐसे व्यक्ति के लिए एक प्रभावशाली प्रदर्शन है, जिसने अपने दोस्तों के साथ मिलकर राजस्थान के जोधपुर में एक क्रिकेट अकादमी स्थापित करने के लिए कड़ी मेहनत की और वहां पहुंचने के लिए दिन में दो बार 20 किलोमीटर साइकिल चलाई ताकि वह कड़ी ट्रेनिंग कर सके और अपने क्रिकेट के सपने को पूरा कर सके. अपने पहले टी20आइ में बिश्नोई ने वेस्टइंडीज के खिलाफ दो विकेट चटकाए, भारत को गेम जीतने में मदद की और प्लेयर ऑफ द मैच जीता.

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