दाएं की ओर कूच
लगता है कि राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा के साथ-साथ कांग्रेस से बाहर निकलने वालों की बाढ़ आ गई है, खासकर दूसरी पीढ़ी के नेताओं की. 14 जनवरी को, जिस दिन यात्रा इंफाल से शुरू हुई, पूर्व करीबी सहयोगी मिलिंद देवड़ा शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) में चले गए. 25 जनवरी को यात्रा के असम से रवाना होने के बाद समर्थन बढ़ने की बजाय, दो महिला नेता - असम में अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की महासचिव बिस्मिता गोगोई और राज्य युवा कांग्रेस की पूर्व प्रमुख अंगकिता दत्ता - भाजपा में चली गईं. गोगोई पूर्व विधानसभा अध्यक्ष जिबकांत गोगोई की बहू हैं और दत्ता असम कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अंजन दत्ता की बेटी हैं. चर्चा है कि असम कांग्रेस के मौजूदा अध्यक्ष राणा गोस्वामी भी पार्टी छोड़ सकते हैं. राहुल ने ही 2014 में गोस्वामी को एआईसीसी सचिव के रूप में चुना था.
जंग के लिए तैयार
गुजरात की भरूच लोकसभा सीट पर दिलचस्प जंग दिख सकती है. कांग्रेस के दिवंगत नेता और सोनिया गांधी के सलाहकार अहमद पटेल के बेटे फैसल पटेल ने जिले में 'मैं लड़ूंगा' लिखे पोस्टर लगवा दावेदारी पेश कर दी है. उनकी बहन मुमताज भी वहां से लड़ने की इच्छुक हैं और वहां उनके पिता की विरासत अभी कायम है. यह सब आम आदमी पार्टी (आप) के साथ सीट बंटवारे पर बातचीत के बीच हो रहा है. जनवरी की शुरुआत में आप ने फायरब्रांड आदिवासी विधायक चैतर बसावा को भरूच से उम्मीदवार घोषित किया था.
एक बार फिर कार्यवाहक डीजीपी
उत्तर प्रदेश में स्थायी पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) की तलाश इस बार भी पूरी नहीं हो सकी. 31 जनवरी को डीजीपी विजय कुमार के सेवानिवृत्त होने के बाद विशेष पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) प्रशांत कुमार को नया डीजीपी बनाया गया है. वे भी कार्यवाहक डीजीपी के तौर यूपी पुलिस की कमान संभालेंगे. 1990 बैच के आईपीएस अफसर प्रशांत कुमार योगी सरकार के भरोसेमंद अफसरों में माने जाते हैं. स्पेशल डीजी से पहले वे मेरठ के एडीजी भी रह चुके हैं. 26 जनवरी को प्रशांत कुमार को गैलेंट्री अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था. यह चौथी बार है, जब प्रशांत कुमार को इस मेडल से नवाजा गया है.
चुनाव की तारीख का पेच!
भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार 2024 के आम चुनावों की तैयारियों में व्यस्त हैं. सुनने में आ रहा है कि पहले चरण के चुनाव के लिए 19 अप्रैल पर विचार किया जा रहा है. इसे रामनवमी से जोड़कर भी देखा जा रहा है. 17 अप्रैल को रामनवमी है. अगर 19 अप्रैल को पहले चरण का मतदान होगा तो प्रचार की आखिरी तारीख 17 अप्रैल होगी. राम मंदिर निर्माण से बने सियासी माहौल और सत्ताधारी भाजपा के लिए इससे जुड़ी संभावनाओं को भी इन संभावित तारीखों से जोड़कर देखा जा रहा है.
सीएम बिन आवास
राजस्थान के सीएम भजनलाल शर्मा को अभी आधिकारिक आवास नहीं मिला है. वे अपने पूर्ववर्ती अशोक गहलोत के जयपुर में सिविल लाइंस स्थिति आधिकारिक आवास को खाली करने का इंतजार कर रहे हैं. दरअसल, गहलोत को आवंटित आवास का अभी नवीकरण हो रहा है. उसमें पूर्व स्पीकर सी.पी. जोशी रहते थे. नए स्पीकर वासुदेव देवनानी का आवास भी तैयार नहीं है. इस लिहाज से वसुंधरा राजे और सचिन पायलट को खुश होना चाहिए क्योंकि उन्हें आधिकारिक आवास खाली करने को नहीं कहा गया है.

