scorecardresearch

'सीनियर्स से डर भी लगता है’

क्रिकेटर यशस्वी जायसवाल अपने स्ट्रगल, टेस्ट टीम में चुनाव, मध्य क्रम के बल्लेबाज से ओपनर बनने और टीम इंडिया के माहौल पर.

यशस्वी जायसवाल
यशस्वी जायसवाल
अपडेटेड 3 जुलाई , 2023

 यशस्वी, वेस्ट इंडीज के खिलाफ टेस्ट सीरीज के लिए टीम इंडिया में शामिल होकर कैसा लग रहा है?

बहुत अच्छा. अच्छी फीलिंग है. मैं बहुत खुश हूं. पहली बार स्क्वॉड में शामिल हूं. भगवान का शुक्रिया. कैप्टन, सेलेक्टर्स और सपोर्टर्स का शुक्रिया. उन्होंने मुझ पर भरोसा जताया. मैं उन सबका शुक्रगुजार हूं जिन्होंने भी मुझे सपोर्ट किया और मेरे लिए कुछ किया. यह एक स्पेशल मोमेंट है. अभी शुरुआत है, मुझे आगे जाना है. मुझे खुद पर गर्व है पर मुझे अपने देश के लिए कुछ करना है.


 मिडल ऑर्डर बैटर से ओपनर कैसे बने?

फिफ्टी ओवर फॉर्मेट में नंबर चार पर बैटिंग करता था. पर मैं वहां अच्छा नहीं कर पा रहा था. मुझे लगता था कि ऊपर बैटिंग करने पर अच्छा खेल सकता हूं. मैंने अंडर-19 वर्ल्ड कप के दौरान टीम इंडिया के चेयरमैन आशीष कपूर सर से बात की. मैंने कहा, सर एक चांस दीजिए ओपनिंग का, अगर मिल सकता है तो उन्होंने हां कर दी. मैंने मौके का फायदा उठाया, शतक जड़ा. लेकिन फिर वापस दो-तीन मैच नंबर पांच पर बैडिंग की. बाद में  मुझे दोबारा ओपनिंग मिली, मैंने अच्छा किया. इस तरह से धीरे-धीरे मेरी जगह बनती गई.

 आप वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल के दौरान टीम इंडिया के साथ रहे. कैसा लगा?

टीम का माहौल बहुत ही रिलैक्स्ड है. बहुत ही अच्छा लगा. टीम के साथ फैमिली वाली फीलिंग आई. बहुत अच्छा रहा. लेकिन सीनियर्स से थोड़ा डर भी लगता है. आप सीधे जाकर बातचीत शुरू नहीं कर सकते. मुझे लगता है कि वह डर होना जरूरी भी है.

 स्ट्रगल के दिन किस तरह से याद आते हैं?

मुझे नहीं लगता कि मैंने स्ट्रगल किया है. वह मेरी जिंदगी का सबसे खूबसूरत हिस्सा था. मैंने बहुत कुछ सीखा. मैं मानसिक रूप से बहुत मजबूत हूं. मेरा आत्मविश्वास जब भी नीचे जाता है, तब वही दिन मुझे याद दिलाते हैं कि मैंने क्रिकेट क्यों शुरू किया था. क्या सोचकर शुरू किया था. क्यों मुझे मेहनत करनी है. उस समय एक ही ख्वाहिश थी, एक ही सोच थी. यही करना है, बाकी कुछ नहीं. क्रिकेट के लिए मैं सब कुछ छोड़ सकता हूं.

 कैप्टन रोहित शर्मा से कुछ स्पेशल बातचीत हुई?
रोहित भैया बोलते हैं कि वे मुझे ऑब्जर्व करते हैं, यही कि क्रिकेट (मैदान) से बाहर मैं क्या हूं, क्या कर रहा हूं. और ये सारी चीजें मैटर करती हैं.

—गरिमा भारद्वाज

Advertisement
Advertisement