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उत्सवः दिल्ली में जुटेंगे दिग्गज कलाकार

विष्णु दिगंबर जयंती में मिलेगा कला क्षेत्र में भविष्य के महारथियों को मौका. सितारवादक अनुपमा भागवत और संगीत की दुनिया में उभर रहे भाग्येश मराठे को मिलेगा.

संग सितारः अनुपमा भागवत का सितारवादन आयोजन का अहम आकर्षण
संग सितारः अनुपमा भागवत का सितारवादन आयोजन का अहम आकर्षण

राजधानी दिल्ली के सांस्कृतिक आयोजनों के नक्शे पर विष्णु दिगंबर जयंती संगीत समारोह का विशेष महत्व है. वर्षा ऋतु में अक्सर इसी से यहां बड़े आयोजनों की शुरुआत होती है. दूसरे इसमें ऐसे चेहरे भी उतरते हैं जो भविष्य के महारथी बनते हैं. 17 से 19 अगस्त तक कमानी सभागार में हो रहे इस जलसे में तीन नए नाम आपको मिलेंगे. दिग्गज गायक और मराठी संगीत निर्देशक राम मराठे के पौत्र भाग्येश मराठे आइटी इंजीनियर हैं. चार साल की उम्र से ही उन्होंने संगीत सीखना शुरू कर दिया था.

दुर्लभ प्रतिभा

भाग्येश माराठे को भी मिलेगा मंच

वे सादगी के साथ हिंदुस्तानी मेलोडी गाते हैं. दूसरा नाम सितारवादिका अनुपमा भागवत का है. वे इमदादखानी घराने के पं. बिमलेंदु मुखर्जी की शिष्या हैं. वे अपने गायकी अंग और ध्यानोन्मुखी आलाप के लिए जानी जाती हैं. भारत में सितारवादन में स्त्री कलाकारों की सूची बहुत गिनी-चुनी ही है.

ऐसे में भागवत को सुनना सुखद अनुभव होगा. तीसरे नाम उन्मेश खैरे एकल हारमोनियम के साथ पेश होंगे. इस साज को सारंगी का सौतेला माना गया क्योंकि इसके सुर सारंगी के सुरों के आसपास पड़ते हैं.

लेकिन पुरुषोत्तम वालावलकर और अरविंद थत्ते सरीखे संगीतकारों ने साबित किया है कि इसे एकल में अहम जगह मिलनी चाहिए.

खैर, इनके अलावा दिग्गजों में कला रामनाथ (वायलिन), राकेश चौरसिया (बांसुरी), कलापिनी कोमकली, शाश्वती मंडल (शास्त्रीय गायन) और आखिर में कुशल दास का सितार सुनना न भूलें.

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