नूशरत भरुचा से नवीन कुमार की खास बातचीत के पेश हैं कुछ अंश
हिंदी सिनेमा में इधर आप किस तरह का बदलाव देख पा रही हैं?
खास तौर से इसकी स्टाइल और कहानी में. इसमें एक डार्क ह्यूमर का माहौल भी देखने को मिल रहा है. सोनू के टीटू की स्वीटी में भी बदलाव देखने को मिलेगा. लव रंजन ने बहुत ही प्यार से कहानी लिखी है और ऐसी कहानी वही लिख सकते हैं.
इस बदलाव में हीरोइनें आखिर कहां हैं?
हीरोइनों की भी स्थिति बदली है. हीरो से भी आगे निकल रही हैं वे. पहले की तरह अब पेड़ों के आगे-पीछे नाच-गाने नहीं होते. विद्या बालन और अनुष्का शर्मा ने भी अपनी फिल्मों में हीरोइनों के बदले हुए रूप को दिखाया है, दर्शकों ने उसे स्वीकार किया है.
साउथ की फिल्में करने का राज?
देखिए, सच कहूं तो वहां पैसे अच्छे मिलते हैं. किसी भी कलाकार के लिए बुरे वक्त में साउथ की इंडस्ट्री बहुत बड़ा सहारा है. वैसे, साउथ में
भी मैंने ज्यादा काम नहीं किया. अब तक दो ही फिल्में की हैं.
अब तक की किसी फिल्म का कोई ऐेसा किरदार जिसे आप करना चाहें?
मैं रणबीर कपूर से बहुत प्रभावित हूं. मुझे कभी मौका मिला तो मैं इम्तियाज अली की रॉकस्टार में रणबीर कपूर जैसा किरदार करना पसंद करूंगी.
आपकी कोई बॉर्डर लाइन है?
बिल्कुल. खासकर बोल्ड सीन के लिए. मुझे पता है कि बोल्डनेस की हद न्न्या है. मैं छोटे कपड़ों में भी गाने शूट करते समय अपनी बॉर्डर लाइन को क्रास नहीं करती हूं.
***

