scorecardresearch

'दो बार अनकंफर्टेबल महसूस किया है: चित्रांगदा

फिल्म इनकार में ऑफिस में यौन उत्पीडऩ की शिकार लड़की का किरदार निभा रहीं चित्रांगदा सिंह से उनके किरदार और महिलाओं के खिलाफ अपराधों के बारे में बातचीत.

चित्रांगदा सिंह
चित्रांगदा सिंह
अपडेटेड 14 जनवरी , 2013

फिल्म इनकार में ऑफिस में यौन उत्पीडऩ की शिकार लड़की का किरदार निभा रहीं चित्रांगदा सिंह से उनके किरदार और महिलाओं के खिलाफ अपराधों के बारे में बातचीत.

• इनकार की कहानी क्या है?
एक मॉडर्न लव और हेट स्टोरी है. यह कहानी पॉवर स्ट्रगल की है, जो एक समय आने पर सेक्सुअल हरासमेंट में तब्दील हो जाती है.

• माया के रोल के लिए कैसे तैयारी की?
फिल्म में वर्कप्लेस पर सात साल का समय दिखाया गया है. फिल्म में शुरू में माया कॉलेज पासआउट लड़की है, समय के साथ बदलाव आते हैं. वह इमोशनली स्ट्रांग होती है. शुरू में वह चप्पल में होती है, आगे चलकर हाई हील में नजर आती है. मैंने कई एचआर कंपनियों के लोगों से भी बात की और खुद को तैयार किया.

• इनकार के बाद महिलाओं के संग छेडख़ानी को लेकर नजरिया बदला है?
सौ फीसदी. समझ आया है कि कुछ लड़कियां इसके खिलाफ आवाज उठा पाती हैं और कुछ की आवाज दबकर रह जाती है. लोअर तबका कई तरह की बाध्यताओं के चलते सब कुछ सह लेता है.

• आपको कभी बॉलीवुड में इस तरह की परिस्थितियों से रू-ब-रू होना पड़ा?
बेशक ऐसे दो मौके आए जब मैंने अनकंफर्टेबल महसूस किया. लेकिन यह कोई बंधी-बंधाई नौकरी नहीं है जो हमें मजबूरन सब सहना पड़े. हमें जो ठीक लगे, उसके साथ काम करने का ऑप्शन है.

• दिल्ली में हुए रेप के बाद इस मामले के दोषियों के लिए कानून में संशोधन कर मौत की सजा की मांग की जा रही है. आपकी राय?
छेड़छाड़ हो या रेप के मामले, कौलेटरल डैमेज से बचना चाहिए. दहेज कानून हमारे सामने मिसाल है. ब्लैंकेट कानून बनने से इनोसेंट लोगों के फंसने का खतरा भी रहता है. कोई भी कानून बनाते समय हर पहलू पर विचार जरूरी है.

• वर्कप्लेस पर छेडछाड़ से बचने के लिए क्या उपाय होने चाहिए?
आप इन्फोसिस का उदाहरण लें. इसके लिए उन्होंने अलग से डिपार्टमेंट बना रखा है. इसमें एक सरकारी रिप्रेजेंटेटिव आता है और इन मामलों में कार्रवाई होती है. ऐसा हर ऑफिस में होना चाहिए.

• सुधीर मिश्रा की फिल्म में आप एकदम अलग लगती हैं, ऐसा क्यों?
इसके लिए मैं सुधीर की शुक्रगुजार हूं. वे जिस तरह के फिमेल कैरेक्टर गढ़ते हैं, वह कमाल के होते हैं.

Advertisement
Advertisement