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कॉफी कल्‍चर: गर्मागर्म रिलेशनशिप एक्सप्रेस

किसी से मिलना या किसी से रिश्ते तोडऩा. शादी का प्रस्ताव और नौकरी के लिए इंटरव्यू. स्क्रैबल गेम या म्युजिकल मध्यांतर. कॉफी प्रेमियों को अब काफी कुछ करने को मिलेगा क्योंकि स्टारबक्स ने आस-पड़ोस के कॉफी शॉप की दुनिया में हलचल मचा दी है.

अपडेटेड 10 दिसंबर , 2012

उन्हें न्यूयॉर्क में ही स्टारबक्स से प्यार हो गया था. 26 वर्षीया राधिका मेहता किशोरावास्था के दौरान धारावाहिक फ्रेंड्स देखती थीं, जिसमें ''हर कोई कैफे में बैठा रहता था.” उन्हें तभी इस कॉफी चेन दिग्गज के आउटलेट में हॉट चॉकलेट को सिप करने का मौका मिला था. इसके बाद से वे दुनियाभर में स्टारबक्स के दो दर्जन से ज्यादा कैफे में अपने पसंदीदा ग्रैंडे पी चुकी हैं.

मुंबई में रहने वाली यह मीडिया कंसल्टेंट तब हजारों जावा जंकीज (कॉफी प्रेमियों का समुदाय) में शामिल हो गईं, जब उन्होंने हॉर्निमन सर्किल में नए खुले 4,500 वर्ग फुट के कॉफी शॉप में प्रवेश करने के लिए एक घंटे तक लाइन में लगे रहने का साहस दिखाया. कैफे में पहुंचते ही उन्होंने लोकेशन आधारित एक सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट फोरस्क्वायर खोली और अपने इस ऐतिहासिक क्षण के बारे में ट्वीट किया. दूसरे लोगों ने भी उत्साहपूर्वक फेसबुक और बीबीएम स्टेटस मैसेज पर अपना अपडेट किया: @फर्स्ट स्टारबक्स!

इसके कुछ घंटों के भीतर ही हरे रंग की जलपरी वाला सिग्नेचर कप शहर के कुलीन तबके का सबसे हॉट एक्सेसरी बन गया, फ्रैपुचिनो 'हफ्ते का ड्रिंक बन गया’ और बलुई पत्थरों से निर्मित पलाजो स्टाइल की इमारत (जहां यह कैफे है) कॉफी बीन प्रेमियों का तीर्थस्थल बन गई. कुछ इसके हाथ से नक्काशी किए लकडिय़ों के स्क्रीन वाली विशिष्ट सजावट पर लट्टू हो गए थे, तो दूसरे ''सस्ती दरों पर अफसोस भी जता रहे थे जिससे आम लोग आने लगे” और कुछ बस यह देखने के लिए धक्का-मुक्की कर रहे थे कि ''आखिर इतनी चर्चा किस लिए है.” भारतीय कॉफी बोर्ड से प्रशिक्षित कॉफी कोच साहिल जटाना कहते हैं, “कैफे में आना गर्व की बात है. कॉफी पीना तो बस बहाना है.’’ मुंबई में ऐसे दो और शॉप खोलने के बाद अब भारत में स्टारबक्स के तीन कैफे हो गए हैं.Cofee

शहरी भारत की लाटे (इटैलियन कॉफी का एक प्रकार) प्रेमी पूरी एक पीढ़ी आस-पड़ोस के कैफे को अपने घर, 'कॉफिस’ और खेल के मैदान जैसा बना रही है. यहां मुक्ति और निर्वाण का मतलब कॉफी होता है, सबसे ज्यादा मांग कॉर्नर टेबल की होती है, जो किसी को डेट पर बुलाने या किसी संभावित कर्मचारी के इंटरव्यू के लिए सबसे पसंदीदा जगह है.

27 वर्षीय उद्यमी जयवीर सभरवाल अपनी पत्नी से हैदराबाद के एक विशाल कैफे टेस्टा रोसा में मिले थे, जब 2011 में उन्होंने उन्हें कैपुचिनो और कोल्ड कॉफी क्रीम के लिए आमंत्रित किया था. हाल में इस जोड़े ने अपनी शादी की पहली वर्षगांठ उसी कैफे के, उसी टेबल पर, उसी कॉफी के साथ मनाई. सभरवाल कहते हैं, ''हम अकसर यहां आते हैं और अपने खास क्षणों को फिर से जीने के लिए उन्हीं चीजों का ऑर्डर करते हैं.”

ऑस्ट्रिया के इस कॉफी हाउस ने 2010 में अपनी शॉप खोली थी. यहां बहुत से फिल्म स्टार और खिलाड़ी आते हैं और यह प्यार-शादी के प्रस्ताव, बर्थडे और यहां तक कि मां-बाप से मिलने की भी जगह है. इसके ऑपरेशंस डायरेक्टर रेहान गुहा कहते हैं, ''हम प्राइवेट डाइनिंग एरिया में परिवारों को शादी के प्रस्तावों पर बातचीत करते देखते हैं, जबकि पहले यह काम घरों में ही किया जाता था.”

बढिय़ा सर्विस, शांत और अनौपचारिक माहौल की वजह से कैफे युवाओं की पसंदीदा जगह बन रहे हैं. जब वर्ष 2000 में पहली बार बरिस्ता यहां खुला तो उसने अपने ग्राहकों को लंबे समय तक बैठे रहने को प्रोत्साहित किया. उसने इसके लिए स्क्रैबल खेलने, मैगजीन पढऩे या गिटार की झंकार लगाने की व्यवस्था की. इसके अलावा पाइप्ड म्युजिक, वाइ-फाइ कनेक्शन और नम्र दोस्ताना व्यवहार वाले कर्मचारी अन्य आकर्षण थे. अब बरिस्ता के देशभर में 180 कॉफी शॉप हैं और उसने अपने मेन्यू को नए डिजाइन में पेश करने के लिए फैशन डिजाइनर रीना ढाका से गठजोड़ किया है.

बांद्रा के ग्लोरिया जींस कैफे में हर दिन सुबह का अखबार पढऩे वाले 31 वर्षीय इन्वेस्टमेंट बैंकर तेजस नंदा कहते हैं, ''यहां कोई भी इस बात पर ध्यान नहीं देता कि आप अपने आइपैड पर गेम खेल रहे हैं या आप अपने दोस्तों के साथ गपशप कर रहे कोई सेलिब्रिटी हैं.” उन्होंने यहां कैटरीना कैफ और विद्या बालन जैसी अभिनेत्रियों को बैठे देखा है. उन्होंने गोल्डमैन सैक्स के एक शीर्ष अधिकारी को यहां हर सुबह कुछ मैगजीन लेकर आते और उन्हें छोड़कर जाते देखा है ताकि दूसरे लोग भी उन्हें पढ़कर लाभ उठा सकें.

मुंबई के कार्टर रोड स्थित सीसीडी (कैफे कॉफी डे) में बैठकर अपने मरीजों के दिमाग की छानबीन करने वाली 38 वर्षीया मनोवैज्ञानिक प्रीति मेहता कहती हैं, ''ये कैफे आदान-प्रदान और एक समुदाय तैयार करने को प्रोत्साहित करते हैं. रोज आने वाले तो कैफे को अपना दूसरा घर जैसा समझ्ते हैं.” सीसीडी के भारत में करीब 1,300 कैफे हैं. प्रीति कहती हैं, ''कॉफी की सुगंध और कैफे का अनौपचारिक गर्मजोशी वाला माहौल लोगों को तत्काल सहज कर देता है.”

दिल्ली में बरिस्ता और सीसीडी कॉलेज लाइफ का अभिन्न हिस्सा हैं. गार्गी कॉलेज के सामने स्थित सीसीडी जैसे कैफे में छात्र फर्श पर बैठकर ट्यूटोरियल असाइनमेंट पूरा करते हुए चाय की चुस्कियां लेते और चिप्स चबाते नजर आते हैं. लेडी श्रीराम कॉलेज की पूर्व छात्रा 25 वर्षीया सिक्ता पटनायक कहती हैं, ''सीसीडी और बरिस्ता हमारी स्टुडेंट लाइफ के अनुभवों का हिस्सा हैं. वे हमारे आरामगाह थे.” 

बॉलीवुड में करियर बनाने के इच्छुक लोगों के लिए तो खार का कोस्टा कॉफी सबसे पसंदीदा जगह है. वे बस इस उम्मीद में बैठे रहते हैं कि करन जौहर, जिनका ऑफिस इसी इमारत में है, की नजर बस एक बार उन पर पड़ जाए. हैदराबाद में बैडमिंटन खिलाड़ी ज्वाला गट्टा अकसर टेस्टा रोसा में दिखाई दे जाती हैं क्योंकि कोई भी वहां उन्हें 'तंग’ नहीं करता. इसी तरह रणबीर कपूर और विवेक ओबेरॉय जैसे बॉलीवुड स्टार को अक्सर खार के कोस्टा कॉफी आउटलेट में देखा जा सकता है. 

युवा और बेचैन लोगों को अपने कैफे में आकर्षित करने के लिए इस तरह के चेन कॉफी के अलावा काफी कुछ दे रहे हैं और मनोरंजक कार्यक्रमों और प्रतियोगिताओं का भी आयोजन कर रहे हैं. सीसीडी के हाल के 'बिग गेमिंग बर्ड चैलेंज’ में ग्राहकों को टैबलेट जीतने के लिए आइपैड पर एक ऑनलाइन गेम खेलते देखा जा सकता था. इसके मुंबई स्थित कैफे में रैन द फन 'फ्रैप बॉटम्स अप’ प्रतियोगिता आयोजित की गई थी जिसमें शामिल लोगों को रकम जीतने के लिए एक मिनट में पांच कैफे फ्रैप्स को पी जाना था.

बरिस्ता ने जुलाई माह में अपनी 12वीं सालगिरह कई शहरों में चलने वाले आयोजन 'बीन 13’ के साथ मनाई. इस आयोजन में दिल्ली, मुंबई और कोलकाता की सेलिब्रिटी ने टीनएज क्लब में अपने शामिल होने के अनुभव बांटे.Cofee

निश्चित रूप से नयापन लाना सफलता की कुंजी है. इसलिए अकसर मेन्यू में हल्की-फुल्की चीजें और शेक जरूर शामिल की जाती हैं ताकि लोगों को कॉफी की ऊब से बाहर निकाला जा सके. बरिस्ता ने गर्मियों से राहत देने वाले फ्रूटी स्मूदीज, शेक्स और संडेज और जाड़े के लिए स्पाइसी क्रीमी चिकन और गर्मागर्म पेय पेश किए हैं. 25 वर्षीया गुंजन भाटिया अपने ब्वॉयफ्रेंड से कहा-सुनी के बाद हर बार मुंबई में बैंडस्टैंड सीसीडी में द डार्क टेंपटेशन डेसर्ट का स्वाद लेती हैं. वे कहती हैं, ''वहां मुझे सलमान खान जैसे सेलेब्रिटी भी दिख जाते हैं. इससे मेरा मूड फौरन ठीक हो जाता है.”

भारत में कॉफी संस्कृति ने 2000 के दशक के शुरुआत में जोर पकड़ा जब बरिस्ता ने अपने एसप्रेसो बार खोले. यह फौरन हिट हो गया क्योंकि कॉलेज के छात्र लाइब्रेरी की जगह कैफे में अपने प्रोजेक्ट पूरे करने लगे, युवा प्रेमी जोड़े कैपुचिनो पीते हुए समय गुजारने लगे और प्रोफेशनल लोग एसप्रेसो के साथ कंपनी की बैठकें कैफे में ही करने लगे. मैनेजमेंट कंसल्टिंग फर्म टेक्नोपैक एडवाइजर्स के आंकड़े बताते हैं कि किस तरह से कॉफी की खुमारी पूरे भारत में तेजी से फैल रही है.

इसकी रिपोर्ट के अनुसार देश का कैफे सेक्टर 2007 के 4 करोड़ डॉलर (200 करोड़ रु.) से बढ़कर 23 करोड़ डॉलर (1,150 करोड़ रु.) तक पहुंच गया है. 2007 के 700 आउटलेट के मुकाबले अब देशभर में कैफे की संख्या 1,950 तक पहुंच गई है. टेस्टा रोसा के गुहा कहते हैं, ''कॉफी इस अर्थ में वाइन की तरह ही है कि इसे आपको समझ्ना पड़ता है. अब ज्यादा से ज्यादा लोग प्रयोग कर रहे हैं और पारंपरिक कैपुचिनो और लाटे की जगह अमेरिकानो और अफोगाटो का स्वाद ले रहे हैं.”

इनोवेशन कॉफी का जादू और बढ़ा रहे हैं. जापान के कैफे से प्रेरणा लेते हुए 26 वर्षीय सुशील मेहता और उनकी 25 वर्षीया गर्लफ्रेंड एकेमी रॉय अगले कुछ साल में बंगलुरू में एक पूच कैफे शुरू करने की योजना बना रहे हैं. मेहता ने कहा, ''बहुत से लोग जानवरों को प्यार करते हैं, लेकिन पेट्स को घर पर रखने के लिए उनके पास जगह या समय नहीं होता. मुझे लगता है कि किसी डॉग के साथ बैठकर कॉफी की चुस्की लेना अच्छा आइडिया है.’’ भारत कैफीन के तेज बहाव को सूंघने के लिए जग रहा है.

—साथ में सोनाली अचार्जी, मोना रामावत, तिथि सरकार, आयशा अलीम और एकता मारवाह

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