खुशी की खोज : गुरुवाणी
सिस्टर बी.के. शिवानी
मन की एक अवस्था है खुशी. लेकिन आज हम मानने लगे हैं कि खुशी कोई ऐसी चीज है जिसे हम हासिल करते या खरीदते हैं, जो बाहरी स्थितियों और उपलब्धियों पर निर्भर करती है. सच यह है कि खुशी हमारा स्वभाव है, हमारे होने का तरीका है. जब मन शांत और स्थिर होता है, यह स्वस्थ दशा में होता है, मन का यह स्वस्थ होना ही खुशी है.
मन की उस स्वस्थ दशा में होना हमारे हाथ में है. मसलन, अगर मैं ट्रैफिक जाम में फंस जाऊं तो या तो तनाव पैदा करना चुन सकती हूं या स्थिरचित्त रहना. जब चीजें मेरे मन मुताबिक नहीं होतीं, तो मैं आहत होने या स्वस्थ रहने में से कोई एक चुन सकती हूं. खुशी स्वस्थ मन है; जब मन आरामदायक अवस्था में होता है तो यह परेशान मन का उलटा होता है.
मेरे लिए यह मायने रखता है कि दिन की प्रत्येक स्थिति में मेरी मनोदशा क्या है. मैं बताती हूं क्यों. जब मेरे मन के ग्राफ में उतार-चढ़ाव नहीं आते, तब मैं पूरे दिन खुश रहती हूं. उतार-चढ़ाव से मेरा मतलब एक पल उत्साह और अगले ही पल उदास महसूस करना है.
सचमुच खुश रहने के लिए जरूरी है कि आप दोषारोपण का जीवन जीना बंद कर दें. इससे मेरा मतलब है अपनी परिस्थितियों के लिए लोगों और स्थितियों को दोषी ठहराना. आरोप का खेल भावनात्मक निर्भरता दर्शाता है. खुद अपने विचार और भावनाएं सृजित करना और किसी भी निर्भरता से दूर रहना खुशी से परिपूर्ण जीवन की ओर ले जाएगा.
मैं अब जागरूक जीवन जीती हूं, इसलिए जब गलती करती हूं, चाहे वह मन में ही हो, मैं तत्काल उसे सुधारती हूं. मेरी सलाह यह है कि मन के यातायात को नियंत्रित करने का अभ्यास करो. हर घंटे बाद एक मिनट के लिए ठहरो और अपने विचारों को काबू करो, इससे मन को अगले घंटे के लिए तैयार करने में मदद मिलती है.
आज सबसे बड़ी मुश्किल यह है कि लोगों ने अप्रसन्नता की मनोदशा को सामान्य मानकर स्वीकार कर लिया है. ऐसा मत करो. ईर्ष्या, क्रोध, चिंता और तनाव नहीं बल्कि प्रेम, खुशी और शांति सामान्य अवस्थाएं हैं. सामान्य की तुम्हारी परिभाषा बदलने का समय आ गया है. एक बार जब आप जान लेंगे कि सामान्य क्या है, आप खुद से (चेतन या अवचेतन ढंग से) इसे हासिल करने की तरफ ले जाने वाली चीजें करना शुरू कर देंगे.
खुशी के सूत्र
''अप्रसन्नता को मन की सामान्य अवस्था मानकर स्वीकार न करें. ईर्ष्या और क्रोध नहीं बल्कि प्रेम और शांति सामान्य अवस्थाएं हैं’’
(सिस्टर शिवानी राजयोग ध्यान की शिक्षिका और लोकप्रिय टीवी शो अवेकनिंग विद ब्रह्म कुमारीज की होस्ट हैं.)

