भारत-जापान कॉन्क्लेव
—प्रदीप आर. सागर
क्रिसमस से एक दिन पहले भारत में अपने सबसे लंबे मेट्रो रेल नेटवर्क, दिल्ली मेट्रो, की 20वीं सालगिरह मनाई गई. जापानी महारत से निर्मित इस मेट्रो ने देश के शहरी परिवहन को क्रांतिकारी ढंग से बदल दिया. भारत और जापान के बीच वाकई अनोखा रिश्ता है, जिसने 2022 में कूटनीतिक संबंधों के 70 साल पूरे किए. तो भी, कारोबारी हो या रणनीतिक, कुल प्रदर्शन बहुत उत्साहजनक नहीं रहा.
नई दिल्ली में 19 दिसंबर को आयोजित इंडिया टुडे भारत-जापान कॉन्क्लेव 2022 में इस बहुआयामी रिश्ते के कई पहलुओं को छूते हुए ऊंची वृद्धि का एजेंडा तय किया गया. अपने उदघाद टन भाषण में विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि जापान और भारत का सकारात्मक इतिहास है जो भविष्य की पूंजी होगा. उन्होंने कहा कि जापान को भारत में आधुनिकता और परंपरा का सौहार्दपूर्ण मेल कराने वाले मॉडल के तौर पर देखा जाता है.
जयशंकर ने कहा, ''जापान के साथ रिश्ते विकसित करने को लेकर भारत में मजबूत राष्ट्रीय सर्वानुमति है.’’ दिवंगत शिंजो अबे को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उन्होंने कहा कि पूर्व जापानी प्रधानमंत्री ने व्यापार और संस्कृति से लेकर रणनीतिक भागीदारी तक भारत-जापान रिश्तों को निजी पुट दिया. भारतीय विदेश मंत्री का यह भी कहना था कि जापान हमेशा देश में बदलाव का उत्प्रेरक रहा है—मारुति जीवनशैली में बदलाव लाई, तो मेट्रो शहरीकरण के अनुभव में.
भारत में जापान के राजदूत हिरोशी सुजुकी ने हिंदी में अपना भाषण शुरू करते हुए कहा कि भारत और जापान ने अगले पांच साल के लिए 50 खरब येन की भागीदारी का लक्ष्य तय किया है. सुजुकी ने जोर देकर कहा कि उनकी इच्छा 2023 में भारत के साथ घनिष्ठता से मिलकर काम करने की है, क्योंकि जापान जी-7 की मेजबानी कर रहा है और भारत जी-20 का अध्यक्ष है.
भारत में जापानी निवेश तो बढ़ा, पर वह ज्यादा व्यापार में नहीं बदला. जापानी कंपनियां भारत में मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन सरीखी कई रेल और इन्फ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं पर काम कर रही हैं. जापानी कंपनियां पूर्वोत्तर में सड़कों के निर्माण के लिए भी भारत के साथ मिलकर काम कर रही हैं. भारत-जापान रणनीतिक रिश्ते भी हाल में गहरे हुए हैं.
दिन भर के आयोजन में कई सत्र हुए, जो बुनियादी ढांचे, हरित ऊर्जा की जरूरतों से लेकर उपभोक्ता वस्तुओं और भारत-प्रशांत क्षेत्र में भू-राजनीति तक फैले थे. इन सत्रों में दोनों देशों के विभिन्न क्षेत्रों के दिग्गजों ने हिस्सा लिया.
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भारत और जापान रणनीतिक तौर पर, आर्थिक सहयोग का स्तर और ऊंचा उठा सकते हैं. सवाल सिर्फ यह है कि जापान अगर भारत के विकास को लक्ष्य की तरह देखे
एस. जयशंकर, विदेश मंत्री
जापान चाहता है कि एक जैसी सोच रखने वाले भारत जैसे देशों के साथ नीतिगत तालमेल कायम हो. उसका लक्ष्य अगले पांच साल में भारत में 50 खरब येन निवेश करने का है
हिरोशी सुजुकी, भारत में जापान के राजदूत
भारत को कई तरह के ई-व्हीकल की ही दरकार नहीं है, बल्कि उसे इथेनॉल जैसे कार्बन उर्त्सजन करने वाले ईंधन को विकसित करने या हाइब्रिड टेक्नोलॉजी अपनाने की जरूरत है
आर.सी. भार्गव
भारत-जापान साझेदारी: गेमचेंजर उपाय
प्रधानमंत्री मोदी की सरकार में जापानी कंपनियों के लिए जापान डेस्क स्थापित करने जैसे काफी काम हुए हैं. भारत को जापान से अपने कार्यबल को यथासंभव संपूर्ण हुनरमंद बनाने की क्षमता के बारे में सीखने की दरकार है. हमारे यहां मैन्युफैक्चरिंग के भारत-जापान इंस्टीट्यूट और ज्यादा होने चाहिए. वे हजारों भारतीयों को जापानी शैली का प्रशिक्षण दे रहे हैं और जापानी कंपनियां भारतीय स्टार्ट-अप में भारी निवेश कर रही हैं
सुजन आर. चेनॉय, जापान में भारत के पूर्व राजदूत
हम भारत के पूर्वोत्तर में फोकस कर रहे हैं. हम उस इलाके के विकास को भू-राजनैतिक और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मानते हैं. भारत और जापान आजादी और लोकतंत्र के मूल्यों को साझा करते हैं और हम हाथ से हाथ मिलाकर काम कर रहे हैं. भारत को जी-20 की अध्यक्षता और जापान के पास जी-7 की अध्यक्षता है. हम आयोजनों को सफल बनाने में सहयोग करेंगे. जापान में बुजुर्गों की आबादी ज्यादा है जबकि भारत नौजवानों का देश है. हम आदान-प्रदान कर सकते हैं
क्योको होकुगो, भारत के जापान दूतावास में आर्थिक और विकास सचिव
इन्फ्रास्ट्रक्चर: नया चमकीला पथ
क्या उपभोक्ता हाइ टेक इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए भुगतान कर सकते हैं? एक मिसाल, हम लिथियम आयन बैटरी बनाते हैं और इलेक्ट्रिक दोपहिया और तिपहिया वाहनों के लिए उनकी मांग भारी है
फैसल अशरफ, मैनेजिंग डायरेक्टर, मित्सुई ऐंड कंपनी, इंडिया
हम राष्ट्र-निर्माण के उसी दौर में हैं, जहां जापान 40-50 साल पहले था. हम उससे काफी कुछ सीख सकते हैं... डिजिटल उसमें बड़ी भूमिका निभा सकता है
आलोक कुमार, चेयरमैन, प्रेसिडेंट तथा सीईओ, एनईसी कॉर्पोरेशन इंडिया
भारत की कुछ बेहतरीन परियोजनाओं में जापान जुड़ा हुआ है. इन निजी और सरकारी दोनों तरह की परियोजनाओं में शानदार काम हो रहा है
भरत जोशी, चेयरमैन, कोनोइके ट्रासंपोर्ट ऐंड इन्फ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड
भारत को अपनी इन्फ्रास्ट्रक्चर की खाई को पाटना होगा, जो 50 खरब डॉलर की अर्थव्यवस्था का प्रमुख वाहक बनेगा. इसमें रेलवे बहुत महत्चपूर्ण भूमिका अदा करने जा रही है
मंगल देव, डायरेक्टर, हिटाची इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और प्रमुख, हिटाची रेल सिस्टम्स
साउथ एशिया
उपभोक्ता सामान: कैसे जापान फिर नंबर 1 बन सकता है
जापानी लोग उपभोक्ताओं पर पूरा फोकस करते हैं, दाम किफायती रखते हैं और उत्पाद में अधिकतम नवाचार करते हैं. जापानी डीएनए और अमल करने की भारतीय शैली का दुनिया में बोलबाला हो सकता है
कंवलजीत जावा, एमडी तथा सीईओ, डाइकिन इंडिया
यहां बड़ा बाजार है, जिसमें 80 फीसद जापानी माल खप जाता है. भारत में करीब 1400 जापानी कंपनियां हैं जबकि चीन में 30,000-35,000 हैं. प्रगति की संभावना काफी है
अजय सेठी, मैनेजिंग पार्टनर, एएसए एसोसिएट्स
भारतीय बाजार पिछले दस साल में पूरी तरह बदल गया है. अगले पांच साल में शहरी मध्यमवर्गीय या उच्च आय वाले परिवारों में इजाफे से और अवसर खुलेंगे
मनाबु यमजाकी, प्रेसिडेंट तथा सीईओ, कैनन इंडिया
वित्त: जापानी निवेश का येन
भारत में प्रति व्यक्ति आय में बढ़ोतरी के साथ जापानी कंपनियां भारत में और भारत के लिए उत्पादन के मौके देखेंगी
कनव मोगा, एमडी, वर्गो कॉर्पोरेशन
जापानी कंपनियों को भारत के बारे में अधिक जानना चाहिए और इधर से भी वैसा ही होना चाहिए. लोगों के बीच ज्यादा संपर्क से मदद मिलेगी
सुजुकी तकाशी, चीफ डायरेक्टर जनरल, जेट्रो इंडिया
हर रोज नवाचार भारत के उद्योगों में उथल-पुथल मचा रहा है, जापानी कंपनियों के लिए बाजार बना रहा है
मयूर शाह, प्रमुख, बिजनेस डेवलपमेंट, बियॉन्ड नेक्सट वेंचर्स
भारत स्टार्ट-अप में निवेश का तीसरा सबसे बड़ा ठिकाना है. कई अच्छी गुणवत्ता वाले हैं
केंटा योशिदा, डायरेक्टर, एमयूएफजी बैंक
कोविड महामारी के बाद कारोबारी जगत के अगुआ लोगों को अधिक बिजनेस वीजा देने की दरकार है
तोशिहिको कुरिहारा, मुख्य प्रतिनिधि, जापान बैंक फॉर इंटरनेशनल कोऑपरेशन
ऑटो उद्योग: तीखी चर्चा
भारत के लोग जापानियों से अलग तरह से सोचते हैं, इसलिए मारुति में हमारा मुख्य काम रणनीति बनाना होता है. हमने प्रबंधन और कामगार के बीच काम के तरीके को बदला. जापान में वे साथ-साथ काम करते हैं. मजदूर और मैनेजमेंट के बीच सहयोगी साझेदारी जरूरी है. हमने यह जापान से सीखा है
हमने जब शुरुआत की तो कीमतें काफी प्रतिस्पर्धी थीं. पिछले कुछ साल से नियम-कायदों में बदलाव की वजह से कारों की कीमतें चढ़ रही हैं. इन बदलावों का फीसद फर्क बड़ी कारों के मुकाबले छोटी कारों पर अधिक है, क्योंकि बदलाव की कीमत बराबर है
आर.सी. भार्गव, चेयरमैन, मारुति सुजुकी
मारुति सुजुकी के चेयरमैन आर.सी. भार्गव (दाएं) के साथ मॉडरेटर एम.जी. अरुण
वाहन उद्योग: चुनौती के लिए तैयारी
हमारे जैसे ऑटो कंपोनेंट के मैन्युफैक्चरर्स हर हालात केलिए तैयार रहते हैं. कोविड के दौरान हमने पहले दुनिया भर के उपभोक्ताओं के लिए सप्लाइ शुरू की. भारतीय पार्टनर संसाधन, तरीके लेकर आए; जापानियों से टेक्नोलॉजी, अनुभव मिला
श्रद्धा सुरी मारवाह, सीएमडी, सुब्रोस लिमिटेड
भारत बाहर देखने को तैयार है. स्थानीय मैन्युफैक्चरिंग, मानक नियम-कायदे और नीतियों और वैश्विक बाजार के साथ भारत दुनिया भर की मांग पूरी करने में सक्षम होगा
प्रशांत के. बनर्जी, एग्जीक्युटिव डायरेक्टर, सियाम
हमने अपनी 25 साल की साझेदारी में करीब 2 करोड़ वाहन सप्लाइ किए है. हम गुणवत्ता, टिकाऊपन और भरोसे के सिद्धांत पर काम करते हैं. टोयोटा में 2015 से ही हमारी प्रतिबद्धता 2035 तक शून्य कार्बन उत्सर्जन मैन्युफैक्चरिंग के प्रति है
विक्रम गुलाटी
कंट्री हेड तथा एग्जीन्न्युटिव वाइस प्रेसिडेंट, कॉर्पोरेट अफेयर्स ऐंड गवर्नेंस, टोयोटा किर्लोस्कर मोटर
सरकार को टेक्नोलॉजी अनुकूल नीतियां लानी चाहिए. अगर डीजल इंजन पाइप के सिरे से धुआं नहीं उगलता है, तो उसे कर रियायत मिलनी चाहिए. 'हाइब्रिड’शब्द का दुरुपयोग हुआ है. ट्रांजिशन एकदम सीधे नहीं होता. कंपनी को जिस टेक्नोलॉजी में सहूलत है, यह उससे हो सकता है
योगेंद्र प्रताप, एडिटर, ऑटो इंडिया
मेरा जूता है जापानी, फिर भी दिल है हिंदुस्तानी: साझा सांस्कृतिक सूत्र
भारत-जापान कॉक्न्लेव
‘‘ मैं जब भी दूसरी संस्कृति को अपनाने की कोशिश करता हूं या दूसरी परंपरा के संगीतकार से मिलता हूं, तो पहले फर्क को देखने की कोशिश करता हूं. जब मैं दूसरे संगीतकार के साथ साझा करता हूं तो उनसे कहता हूं, 'तुम जो हो, वही बने रहो और मैं अपना बनाए रखूंगा.’’ आइए हम अपने फर्क के साथ मिलें, तब जो रचना हम करेंगे, वह अनोखी और बहुत अलग होगी’’
पंडित गौरव मजूमदार, सितार वादक, संगीतकार तथा ग्रैमी
अवार्ड नॉमिनी
‘‘ मुझे ओडिशी नृत्य की सुंदरता और भव्यता ने मंत्रमुग्ध कर दिया. नृत्य सीखना लंबी यात्रा जैसा है क्योंकि उसमें बहुत गहराई है. मैं अभी खुद को शिष्य ही मानती हूं.’’
कयोरी नाका, जापान की ओडिशी नृत्यांगना
ऊर्जा: हरित क्षेत्र
‘‘भविष्य में हम उस टेक्नोलॉजी की ओर देख रहे हैं, जिसमें जापान अगुआ है, खासकर हरित हाइड्रोजन के क्षेत्र में’’
अजय माथुर, डायरेक्टर जनरल, इंटरनेशनल सोलर एलायंस
‘‘कार्बन उत्सर्जन से निजात पाने की दिशा में ज्यादा उद्योग बढ़ रहे हैं, हरित हाइड्रोजन मुख्य उत्प्रेरक बनेगा’’
कपिल माहेश्वरी, प्रेसिडेंट, रिन्युएबल एनर्जी डेवलपमेंट, रिलायंस
‘‘भारत-जापान गठजोड़ भारत को हरित मैन्युफैक्चरिंग से बने उत्पादों का महत्वपूर्ण निर्यातक बन सकता है’’
विक्रम कपूर, चीफ ग्रोथ्र ऑफिसर, रिन्यु पावर
‘‘हाइड्रोजन टेक्लॉनोजी में कीमत महत्वपूर्ण है. इस पर जापान से लेकर हर जगह चर्चा हो रही है’’
शुइचि इतो, एमडी, तोशिबा इंडिया प्राइवेट लिमिटेड
‘‘हम हाइड्रोजन से चलने वाली 10 बसों की बात करते हैं. यह तो 10,000 होनी चाहिए. इसी मामले में भारत और जापान हाथ मिला सकते हैं ’’
भरत सल्होत्रा, सह-संस्थापक तथा प्रेसिडेंट, इनसाइट्ज
भू-राजनीति: भारत-प्रशांत, नए दंगल का क्षेत्र
भारत-प्रशांत क्षेत्र में चीन के एकाधिकार कायम करने के मंसूबे के मद्देनजर जापान हिंद महासागर क्षेत्र में भारतीय नौसेना के दबदबे से बढ़त हासिल कर सकता है
एडमिरल अरुण प्रकाश, पूर्व नौसेना प्रमुख
बेल्ट और रोड पहल (बीआरआइ) चीन के बृहत्तर वैश्विक प्रभुत्व बनाने का औजार है. चीन की वैश्विक ताकत की काट के लिए भारत और जापान को दूसरे सहयोगियों साथ मिलकर काम करने की जरूरत है
कंवल सिब्बल, पूर्व विदेश सचिव
चीन के उदय से मौजूदा विश्व व्यवस्था को चुनौती मिल रही है, इसलिए भारत-जापान रिश्ते जरूरी हो गए हैं
विजय चौथाईवाले.

