सज्जन जिंदल, 62 वर्ष
क्योंकि देश की दूसरी सबसे बड़ी स्टील निर्माता जेएसडब्ल्यू स्टील ने पहले पायदान पर नजर गड़ा रखी है और इस साल अप्रैल में महाराष्ट्र के डोलवी संयंत्र में एक नए 5 करोड़ टन (एमटी) प्रति वर्ष क्षमता वाले हॉट स्ट्रिप मिल में उत्पादन शुरू कर दिया, जिससे कंपनी की स्टील निर्माण क्षमता 2.3 करोड़ टन हो गई है
क्योंकि जेएसडब्ल्यू स्टील दुनिया भर में स्टील सेक्टर की पहली कंपनी बन गई है, जिसने हार्ड करेंसी में सस्टेनेबिलिटी-लिंक्ड बॉन्ड जारी किया और सितंबर में डॉलर बॉन्ड मार्केट में एक अरब डॉलर (7,500 करोड़ रु.) जुटाए
क्योंकि समूह की फर्म जेएसडब्ल्यू एनर्जी अक्षय ऊर्जा पर बड़ा दांव लगा रही है. उसने अक्तूबर में जीई रिन्यूएबल एनर्जी के साथ अनुबंध पर हस्ताक्षर किए हैं और भारत में अक्षय ऊर्जा की इसकी लगभग 2.5 गीगावाट की निर्माणाधीन परियोजनाओं में से 810 मेगावट के लिए देश में बने विंड टर्बाइन की आपूर्ति का करार किया है.
जेएसडब्ल्यू एनर्जी ने 2030 तक कार्बन फुटप्रिंट में 50 प्रतिशत की कमी और 2050 तक पूरी तरह कार्बन मुक्त होने का लक्ष्य रखा है
क्योंकि वर्ल्ड स्टील एसोसिएशन ने जिंदल को 2021-22 के लिए अध्यक्ष चुना है, जो एसोसिएशन के शीर्ष पद पर पहुंचने वाले भारत के पहले प्रतिनिधि हैं
गौरव के पल जब जिंदल ग्रुप के इंस्पायर इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट्स में ट्रेनिंग करने वाले नीरज चोपड़ा ने ओलंपिक गोल्ड जीता. समूह जेएसडब्ल्यू स्पोर्ट्स के माध्यम से खेलों में सक्रिय रुचि लेता है और बेंगलूरू एफसी, दिल्ली कैपिटल्स और हरियाणा स्टीलर्स जैसी चैंपियन टीमों और चोपड़ा तथा साक्षी मलिक जैसे शीर्ष एथलीटों से जुड़ा है.

