विधा: एयर पिस्टल निशानेबाजी
श्रेणी: 10 मीटर और 25 मीटर व्यक्तिगत; 10 मीटर मिश्रित टीम स्पर्धा
कैसे किया क्वालिफाइ: मई, 2019 में म्यूनिख में इंटरनेशनल शूटिंग स्पोर्ट फेडरेशन वर्ल्ड कप फाइनल में चौथे स्थान पर रहकर 10 मीटर पिस्टल स्पर्धा में ओलंपिक में अपनी जगह बनाई. नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने उन्हें इवेंट में लगातार प्रदर्शन के लिए 25 मीटर पिस्टल के लिए चुना
उपलब्धि: 10 मीटर महिला पिस्टल में विश्व में दूसरा स्थान. 2019 में चीन में आइएसएसएफ विश्व कप फाइनल में 10 मीटर व्यक्तिगत और मिश्रित टीम स्पर्धा जीती. 2018 में 10 मीटर में युवा ओलंपिक और राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीता
मनु भाकर की रुचि 14 साल की उम्र तक मुक्केबाजी, कराटे, फुटबॉल, टेनिस और स्केटिंग में थी. हरियाणा में झज्जर जिले के गोरिया गांव की इस किशोरी का कहना है कि निशानेबाजी उन गतिविधियों में से एक थी, जिसे उसने ''यूं ही बेफिक्री वाले अंदाज में आजमाने की कोशिश की'' और अंत में पसंद आ गई. दिल्ली के लेडी श्रीराम कॉलेज में राजनीति विज्ञान में ऑनर्स की डिग्री के लिए अध्ययनरत भाकर कहती हैं, ''मुझे प्रतियोगिताएं पसंद हैं. अब मैं इतनी प्रतियोगिताओं में हूं कि दूसरे खेलों के लिए समय ही नहीं मिल रहा.'' हालांकि, उनके पिता रामकिशन का कहना है कि भाकर ने हाल ही में तीरअंदाजी में भी हाथ आजमाया है.
अपने पहले ओलंपिक में 19 वर्षीया यह खिलाड़ी प्रतियोगिताओं की अपनी भूख शांत करेगी क्योंकि उसे तीन स्पर्धाओं में उतारा गया है. क्या उन पर कोई अतिरिक्त दबाव है? ''मैं इतना नहीं सोचती. इस खेल से प्यार करती हूं और प्रतिस्पर्धाओं को पसंद करती हूं. मैं अच्छी शूटिंग करती हूं, इसलिए चयन हो जाता है.''
शूटिंग रेंज पर भी वे इसी तरह का जज्बा दिखाती हैं. इस खेल में बमुश्किल दो ही साल के भीतर उन्होंने 2018 में आइएसएसएफ (इंटरनेशनल शूटिंग स्पोर्ट फेडरेशन) विश्व कप में स्वर्ण पदक जीता. वे ऐसा करने वाली सबसे कम उम्र की भारतीय निशानेबाज थीं. उसी वर्ष 16 वर्ष की उम्र में उन्होंने राष्ट्रमंडल खेलों में दो स्वर्ण पदक जीते. लेकिन कुछ महीने बाद एशियाई खेलों में भाकर अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सकीं.
तीन साल बाद भाकर अधिक अनुभवी और शांतचित्त हैं. तोक्यो में भाकर 10 मीटर में अपनी हमवतन यशस्विनी सिंह देसवाल से; और 25 मीटर में एशियाई खेलों की स्वर्ण पदक विजेता राही सरनोबत से भिड़ेंगी; मिश्रित टीम स्पर्धा के लिए 19 वर्षीय सौरभ चौधरी के साथ होंगी. आइएसएसएफ विश्व कप में दोनों की शानदार फॉर्म (2019 में चार स्वर्ण, 2021 में एक स्वर्ण और रजत) को देखते हुए उन्हें पदक के लिए भारत का सर्वश्रेष्ठ दांव माना जाता है.
अगर भाकर ने अविश्वसनीय काम किया, तो वे भारतीय शूटिंग के लिए पोस्टर-गर्ल बन सकती हैं, जो दिमाग से तंदुरुस्त, फैशनेबल और सोशल मीडिया प्रेमी हैं (इंस्टाग्राम पर उनके 41,600 से अधिक फॉलोवर हैं). हालांकि, अभी वे सोशल मीडिया से दूर हैं और संगीत के लिए ही फोन खोलती हैं. वे कहती हैं, ''उम्मीद है मैं कुछ अच्छी खबरों के साथ सोशल मीडिया पर लौटूंगी.'' एक अरब लोग इंतजार कर रहे होंगे.

