इंडिया टुडे टीम
40 साल की दिल्ली की प्रियांशी कपूर ईश्वर का शुक्रिया अदा कर रही हैं कि वे संयुक्त परिवार में रहती हैं.
परिवार में छह वयस्क और चार बच्चे हैं और यहां कभी भी कोई बोझिल पल नहीं आता है. महामारी के दस्तक देने से ठीक पहले, उनके 71 वर्षीय ससुर की घुटने की सर्जरी हुई थी और वे इस बात से निराश थे कि कोई उनके एक जगह सिमटकर रह जाने की चुनौती समझ नहीं रहा है.
हालांकि लॉकडाउन के कारण अब हर कोई घर पर है तो वे उनकी समस्या को बेहतर समझ पा रहे हैं. कपूर कहती हैं, ''हम बोर्ड गेम और ऑनलाइन गेम खेलते हैं.
आप हर किसी के सेलफोन को कनेक्ट कर सकते हैं और एक-दूसरे के साथ रियल टाइम पर गेम खेल सकते हैं.''
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