पी. चिदंबरम, 74 वर्ष
पूर्व गृह और वित्त मंत्री
इस साल, 2019 की जो तस्वीरें भूली नहीं जाएंगी उनमें केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआइ) के दो अधिकारियों का दिल्ली के जोर बाग में पी. चिदंबरम के घर की दीवारों को कूद कर पार करने वाला चित्र भी होगा. 21 अगस्त को सीबीआइ के अधिकारी, जिसे देश के उच्चतम न्यायालय ने कभी 'पिंजरे में बंद तोता' बताया था, आइएनएक्स मीडिया मामले में कांग्रेस के इस दिग्गज की कथित संलिप्तता की जांच के लिए उनके आवास पर पहुंचे थे. पूर्व केंद्रीय मंत्री चिदंबरम को अदालत से राहत का
इंतजार था और सीबाआइ अधिकारियों ने उनके घर का गेट बंद देखा तो वे अधीर हो गए और दीवार फांदकर भीतर पहुंच गए. आधे घंटे बाद वे चिदंबरम के साथ निकले, और उन्हें सीबीआइ मुख्यालय तक ले गए, जो वहां से केवल दो किलोमीटर दूर था.
इससे बड़ी विडंबना नहीं हो सकती है कि पूर्व गृह और वित्त मंत्री को उसी दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया जिसके कभी वह बॉस थे. गिरफ्तारी के बाद उन्हें जेल जाना पड़ा और वे वहां सौ दिनों से अधिक समय तक रहे. इस बीच प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), एक अन्य एजेंसी जिसके वह वित्त मंत्री के रूप में बॉस हुआ करते थे, ने भी उन्हें आइएनएक्स मामले में गिरफ्तार किया था. उनके लिए राहत की खबर दिसंबर के पहले हक्रते में ही आई, जब सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी. हालांकि, आइएनएक्स मीडिया एकमात्र ऐसा मामला नहीं है जिसमें उसकी भूमिका की जांच की जा रही है; सीबीआइ और ईडी एयरसेल-मैक्सिस सौदे में भी उनकी भूमिका की जांच कर रहे हैं.
चिदंबरम की गिरफ्तारी के साथ, भारतीय राजनीति ने एक पूरा चक्कर लगा लिया है. कांग्रेस और विपक्षी दल आरोप लगा रहे हैं कि सत्तारूढ़ दल बदले की राजनीति कर रहा है. सीबीआइ ने 2010 में सोहराबुद्दीन शेख मामले में अमित शाह को गिरफ्तार किया था, तब चिदंबरम उसी केंद्रीय गृह मंत्री की कुर्सी पर थे जिस पर आज शाह बैठे हैं. शाह ने तीन महीने जेल में बिताए थे और इस साल सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें क्लीन चिट दे दी.
इस बीच, चिदंबरम वहीं कर रहे हैं जो वह जेल जाने से पहले कर रहे थे. अखबार के स्तंभों में लगातार राजनीतिक और आर्थिक टिप्पणी कर रहे हैं और संसद में अपनी आवाज उठा रहे हैं.
सुर्खियों की वजह
एयरसेल मैक्सिस सौदे और आइएनएक्स मीडिया में उनकी कथित भूमिका की सीबीआइ और ईडी जांच कर रहा है
आइएनएक्स मामले में सीबीआइ ने अगस्त में उन्हें गिरफ्तार किया, उन्होंने 100 दिन जेल में बिताए, कई लोग इसे सियासी बदला मानते हैं
जेल की सजा ने भी उनकी हिम्मत को नहीं तोड़ा है, वे अब भी मोदी सरकार की मुखर आलोचना करते हैं, खासकर आर्थिक मसलों पर

