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सुर्खियों के सरताजः हौसले की जीत

अभिनंदन वर्धमान ने पाकिस्तानी वायु सेना के जहाजों को भगाने के लिए मिग-21 उड़ाया. भारतीय वायु सेना (आइएएफ) कहती है कि वर्धमान ने पाकिस्तानी वायु सेना (पीएएफ) के एफ-16 को मार गिराया और इसके लिए उन्हें वीर चक्र से सम्मानित किया गया.

गर्व से पहनें  सूरत में कपड़ों की एक दुकान में अभिनंदन की तस्वीर वाली एक साड़ी
गर्व से पहनें सूरत में कपड़ों की एक दुकान में अभिनंदन की तस्वीर वाली एक साड़ी
अपडेटेड 1 जनवरी , 2020

अभिनंदन वर्धमान, 36 वर्ष

आइएएफ पाइलट

लड़ाकू विमान उड़ाने वाले पाइलटों को शारीरिक रूप से चुस्त और मानसिक रूप से दुरुस्त होना क्यों जरूरी है, उसके पीछे एक बड़ा कारण है. तेजी से आगे बढऩे वाले फाइटर जेट के कॉकपिट में बैठे पाइलट को दुश्मन से मुकाबला करने के लिए कई मशीनों को एक साथ चलाने से जुड़े फैसले पल भर से भी कम समय में लेने होते हैं. एक और कारण है—दुश्मन के इलाके में जहाज को मार गिराए जाने और दुश्मन के हत्थे चढ़कर भी अपनी जान की रक्षा कर लेना कष्टदायक अनुभव हो सकता है.

खासकर जब दुश्मन युद्ध के तय नियमों का पालन तक नहीं करता हो. 1999 में करगिल युद्ध के दौरान, पाकिस्तानी सैनिकों ने पाकिस्तान क्षेत्र में गिरे मिग-21 के पाइलट, स्क्वाड्रन लीडर अजय आहूजा की हत्या कर दी थी और एक अन्य, फ्लाइट लेफ्टिनेंट नचिकेता के साथ क्रूरता की थी. 27 फरवरी को विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान ने पाकिस्तानी वायु सेना के जहाजों को भगाने के लिए मिग-21 उड़ाया. भारतीय वायु सेना (आइएएफ) कहती है कि वर्धमान ने पाकिस्तानी वायु सेना (पीएएफ) के एफ-16 को मार गिराया और इसके लिए उन्हें वीर चक्र से सम्मानित किया गया. लेकिन अधिकतर भारतीय उन्हें दुश्मन की कैद में बिताए 60 घंटों के दौरान दिखाए असाधारण धैर्य के लिए याद करते हैं.

पाकिस्तानी अधिकारियों ने एक के बाद एक वीडियो की एक सीरीज प्रसारित की, जिसमें पाइलट को लगी चोट, चेहरे से बहता खून और आंखों पर बंधी पट्टी दिखाई दी थी और बाद में उनसे पूछताछ भी की जा रही थी. इस वीडियो को पाकिस्तान ने अपनी नैतिक जीत दिखाने के लिए तैयार किया था. लेकिन उन वीडियों में दिखते भारतीय पाइलट वर्धमान बहुत शांत मन से चाय की चुस्कियां ले रहे थे और पूछताछ करने वालों से कहते दिखे, ''मुझे माफ करें क्योंकि मैं आपको यह सब नहीं बता सकता हूं.'' इसका उलटा असर हुआ. विंग कमांडर वर्धमान राष्ट्रीय सनसनी बन गए. उनका यह कथन तकिया कलाम बन गया और हजारों भारतीय उनके जैसी मूंछें बनवाने लगे.

सुर्खियों की वजह

वे उस मिग-21 को उड़ा रहे थे जिसने पाकिस्तानी वायु सेना के हमलावर जहाजों को भगाया. पाकिस्तान में 60 घंटे तक बंधक रहे और इस दौरान उन्होंने असाधारण धैर्य का परिचय दिया. इसकी वजह से उन्हें घायल, रक्तरंजित और आंखों पर पट्टी के साथ दिखाकर पाकिस्तान की ओर से जीत की तरह पेश किए गए वीडियो का असर नहीं हुआ.

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