सैनिक स्कूल और अभ्युदय कोचिंग से युवाओं को रिझाएंगे योगी

चुनावी साल में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी युवाओं के लिए कुछ बड़ी योजनाएं लेकर सामने आए हैं. योगी ने मंडल स्‍तर पर सैनिक स्‍कूल बनाए जाने के लिए केन्‍द्र सरकार को प्रस्ताव भेजा है. अभ्युदय कोचिंग के लिए पंजीकरण प्रक्रिया 10 फरवरी से शुरू होगी.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

सस्ती और गुणवत्तापरक शिक्षा के जरिए देश की सेवा करने का सपना देखने वाले छात्रों के लिए सैनिक स्कूल में प्रवेश लेना एक सपना होता है. प्रदेश की आबादी के हिसाब से सैनिक स्कूल की संख्या काफी कम होने के कारण बड़ी संख्या में छात्र सैनिक स्कूल में दाखिला लेने से वंचित रह जाते हैं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने छात्रों में शुरूआत से ही देश भक्ति की भावना जागृत करने के लिए मंडल स्‍तर पर सैनिक स्‍कूल बनाए जाने के लिए केन्‍द्र सरकार को प्रस्‍ताव भेजा है. अभी प्रदेश में लखनऊ समेत तीन जिलों में सैनिक स्‍कूल संचालित किए जा रह हैं. रक्षा मंत्रालय की ओर से पूरे देश में 31 सैनिक स्‍कूल संचालित किए जाते हैं. इनमें मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ की पहल के चलते अन्‍य राज्‍यों की अपेक्षा यूपी में सैनिक स्‍कूल की संख्‍या अधिक है. यूपी में तीन सैनिक स्‍कूलों का संचालन अमेठी, झांसी, मैनपुरी में किया जा रहा है जबकि बागपत में सैनिक स्‍कूल का निर्माण प्रस्‍तावित है. इसके अलावा लखनऊ में यूपी सैनिक स्‍कूल का संचालन किया जाता है. ये सभी स्‍कूल सीबीएसई से मान्‍यता प्राप्‍त हैं.

उत्‍तर प्रदेश में 18 मंडल है. पिछले दिनों आम बजट के दौरान वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण ने देश भर में 100 सैनिक स्‍कूल बनाए जाने का प्रस्‍ताव रखा था. इसके बाद मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने हर मंडल में एक सैनिक स्‍कूल स्‍थापित किए जाने का प्रस्‍ताव केन्‍द्र को भेजा है. जानकारों की मानें तो सैनिक स्‍कूल में दाखिले के बाद छात्र कम फीस में उच्‍च गुणवत्‍ता की शिक्षा हासिल करते हैं. ऐसे में योगी सरकार के प्रस्‍ताव से उन अभिभावकों को बड़ी राहत मिलेगी जो अधिक फीस होने के चलते अपने बच्‍चों को अच्‍छे स्‍कूलों में नहीं पढ़ा पाते हैं. सैनिक स्‍कूलों की संख्‍या बढ़ने से ऐसे अभिभावकों के बच्‍चे बेहतर शिक्षा हासिल कर सकेंगे.

इतना ही नहीं प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए इस वर्ष बसंत पंचमी एक नई सौगात लेकर आएगी. सिविल सेवा, नीट और जेईई जैसी प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की 'अभ्युदय योजना' के तहत बसंत पंचमी से पढ़ाई शुरू होगी. पूरी तरह निःशुल्क इस खास कोचिंग का लाभ लेने के लिए पहले पंजीकरण कराना होगा, जिसकी प्रक्रिया 10 फरवरी से शुरू हो रही है. अभ्युदय के पोर्टल पर पंजीकरण के बाद 16 फरवरी से अध्ययन-अध्यापन का क्रम प्रारंभ होगा. संभव है कि पंजीकृत अभ्यर्थियों के साथ 15 फरवरी को सीएम योगी संवाद भी करें. मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी की ओर से इस संबंध में आदेश जारी कर दिया गया है.

तैयारी से जुड़ी हर समस्या का होगा समाधान

सीएम योगी की यह खास कोचिंग अभावग्रस्त अथवा वित्तीय संसाधनों की कमी वाले परिवार के बच्चों के लिए बड़ा संबल होगी. इस अभिनव कोचिंग में ऑनलाइन स्टडी मैटेरियल और लेक्चर आदि तो उपलब्ध होंगे ही, ऑफलाइन क्लास में आइएएस और पीसीएस परीक्षा के लिए प्रशिक्षु आइएएस, आइपीएस, आइएफएस (वन सेवा), पीसीएस अधिकारियों द्वारा मार्गदर्शन दिया जाएगा. जबकि एनडीए और सीडीएस की परीक्षा के लिए प्राचार्य, उत्तर प्रदेश सैनिक स्कूल द्वारा गाइडेंस मिलेगी. यह नहीं, नीट, जेईई, बैंक पीओ, एसएससी और टीईटी आदि परीक्षाओं के लिए भी कक्षाएं चलेंगी. तय व्यवस्था के अनुसार, विभिन्न विषयों के प्रतिष्ठित विशेषज्ञ भी अतिथि व्याख्याता के तौर पर आमंत्रित किए जाएंगे. यहां प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए विषय का चयन परीक्षा की तैयारी के तरीके, टिप्स, प्रश्नों के उत्तर लिखने की विधि, सामान्य अध्ययन के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा होगी. इसके अतिरिक्त, विषय विशेषज्ञ की उपलब्धता के आधार पर विभिन्न विषयों की कक्षायें भी चलेंगी.

मुख्यमंत्री अभ्युदय योजनान्तर्गत हर मंडल मुख्यालय पर निःशुल्क ऑफलाइन और ऑनलाइन प्रशिक्षण तथा विभिन्न परीक्षाओं के पाठ्यक्रम व परीक्षा पैटर्न आदि के संबंध में अभ्यर्थियों को पूरी जानकारी दी जाएगी. यही नहीं, विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए उत्तर प्रदेश प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी (उपाम) द्वारा क्वेश्चन बैंक, प्रश्नोत्तरी आदि भी तैयार कर वेबसाइट पर उपलब्ध कराया जाएगा. साथ ही, विभिन्न उच्च स्तरीय कोचिंग संस्थाओं के स्टडी मैटेरियल भी मुहैया कराए जाएंगे. मंडल स्तर पर प्रशिक्षण केंद्रों के संचालन व समन्वयन की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी (उपाम) को दी गई है. उपाम द्वारा हर साल एक तय समय पर पात्रता परीक्षा आयोजित कराई जाएगी, जिसके माध्यम से अभ्यर्थियों का चयन होगा.

अभ्यर्थियों को सहजता के साथ गुणवत्तापूर्ण स्टडी मैटेरियल मिल सके, इसके लिए राज्य स्तर पर ई-लर्निंग कन्टेन्ट प्लेटफार्म बनाया जा रहा है. इस प्लेटफार्म पर विभिन्न अधिकारियों द्वारा परीक्षा की तैयारी संबंधी अपने अनुभव साझा करते हुए वीडियो अपलोड किए जाएंगे. इसके अलावा, परीक्षा की तैयारी से संबंधित टिप्स सामग्री, पुस्तकों आदि से संबंधी मार्गदर्शन देते हुए वीडियो अपलोड होगा. लाइव सेशन एवं सेमिनार भी होंगे. ई-लर्निंग प्लेटफार्म पर छात्र अपनी जिज्ञासाएं एवं प्रश्न भी सबमिट कर सकेंगे. यहां विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित विषय वस्तु सामग्री एवं क्यूरेटिव कन्टेन्ट उपलब्ध होगा, जिसके लिए ख्याति प्राप्त संस्थाओं की सामग्री इकट्ठा की जा रही है. पंजीकृत अभ्यर्थियों को ई-लर्निंग प्लेटफार्म पर सवाल पूछने का भी मौका होगा. जिसका विशेषज्ञ समुचित निराकरण करेंगे.

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