क्यों टूटे सोना-चांदी? कब बनेगा खरीदारी का मौका
सोने चांदी में आई ताजा गिरावट के तार डॉलर से जुड़े हैं. डॉलर में आई तेजी के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में तीखी गिरावट देखने को मिली और इसी का असर भारतीय बाजारों पर भी दिखा.

मंगलवार का सत्र लगातार चौथा कारोबारी सत्र रहा जब सोने की कीमतों में गिरावट जारी है. सोमवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर सोने के भाव 1,200 रुपए प्रति 10 ग्राम तक गिर गए. इसके बाद मंगलवार के सत्र में भी सोने की कीमतों पर दवाब देखने को मिल रहा है. शाम 7.30 बजे सोने की कीमतें 50 रुपए की गिरावट के साथ 50,400 रुपए के करीब कारोबार कर रही हैं, हालांकि दिन का निचला स्तर 50,129 रुपए का रहा.
चांदी की चाल को भी सोने की कीमतों से दिशा मिली. चांदी की कीमतों में सोमवार को 6,000 रुपए प्रति किलो से ज्यादा की गिरावट देखने को मिली. मंगलवार के सत्र में भी चांदी की कीमतें 1,200 रुपए से ज्यादा टूट गईं. हालांकि शाम के सत्र में निचले स्तर से कुछ वापसी देखने को मिली. शाम 7.30 बजे चांदी की कीमतें 700 रुपए प्रति किलो की गिरावट के साथ 62,900 रुपए के स्तर पर हैं.
अब क्या करें निवेशक?
बाजार विशेषज्ञ मौजूदा बाजार में किसी तरह के सौदे बनाने से बचने की सलाह दे रहे हैं. केडिया कमोडिटी के प्रबंध निदेशक अजय केडिया कहते हैं, ‘’बाजार में बड़े उतार चढ़ाव के बीच बिकवाली के सौदों से बचने की सलाह है. साथ ही खरीदारी के लिए बाजार में रिकवरी के संकेत मिलने का इंतजार करना ठीक रहेगा.’’ चार्ट पर स्तर के लिहाज से 50,200 रुपए का स्तर सोने के लिए अहम है. यह स्तर अगर बड़ी बिकवाली के साथ टूटता है तो 49,475-49,150 रुपए तक के स्तर तक जाने का खतरा है.
अचानक गिरावट क्यों?
सोने चांदी में आई ताजा गिरावट के तार डॉलर से जुड़े हैं. डॉलर में आई तेजी के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में तीखी गिरावट देखने को मिली और इसी का असर भारतीय बाजारों पर भी दिखा. अमेरिकी बाजार के एक्चेंज पर सोने की कीमतें 1,900 डॉलर प्रति औंस के स्तर तक पहुंच गईं. काबिल-ए-गौर है कि अगस्त के पहले हफ्ते में सोने के भाव 2,074 डॉलर प्रति औंस का उच्चतम स्तर छू चुके हैं.
कोविड-19 के बढ़ते मामले और अर्थव्यवस्था में छाई सुस्ती के बीच दुनियाभर में डॉलर की मांग बढ़ी है. बढ़ती मांग ने अन्य मुद्राओँ के मुकाबले डॉलर इंडेक्स को छह हफ्तों की ऊंचाई पर पहुंचा दिया. डॉलर की चमक ही सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट का बड़ा कारण बनी.
इसके अलावा सोने-चांदी में इस साल आई तेजी के बाद ऊपरी स्तर पर मुनाफावसूली भी गिरावट का एक बड़ा कारण है. सोने में निवेशकों को इस साल 26 फीसद रिटर्न मिला है.
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