यूपी बोर्ड: परीक्षा केंद्रों से ज्यादा इनकी शि‍कायतें

यूपी बोर्ड की ओर से हाइस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा के लिए 27 जनवरी को 8,497 परीक्षा केंद्रों की प्रारंभि‍क सूची जारी कर दी गई है. इनसे जुड़ी शि‍कायतें भी 30 जनवरी तक जिला विद्यालय नि‍रीक्षक के कार्यालय में पहुंच चुकी हैं.

यूपी बोर्ड ने परीक्षा केंद्रों की प्रारंभि‍क सूची जारी कर दी है
यूपी बोर्ड ने परीक्षा केंद्रों की प्रारंभि‍क सूची जारी कर दी है

यूपी बोर्ड की ओर से हाइस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा के लिए 27 जनवरी को केंद्रों की प्रारंभि‍क सूची जारी कर दी गई है. इस वर्ष सूबे में 8,497 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा कराई जाएगी. बोर्ड परीक्षा केंद्रों की सूची आते ही इनसे जुड़ी शि‍कायतें भी जिला विद्यालय नि‍रीक्षक के कार्यालय में पहुंचने लगी हैं. फि‍रोजाबाद में हाइस्कूल एवं इंटरमीडिएट की परीक्षा कराने के लिए जितने बोर्ड की ओर से परीक्षा केंद्र नहीं बनाए हैं उससे ज्यादा आपत्तियां आ गई हैं. इस बार यूपी बोर्ड परीक्षा के लिए फि‍रोजाबाद में 112 परीक्षा केंद्रों की सूची बोर्ड की ओर से जारी हुई थी. सरकार ने परीक्षा केंद्रों को लेकर आपत्त‍ि दर्ज कराने के लिए 30 जनवरी तक का समय निर्धारित किया था. 30 जनवरी की शाम पांच बजे तक फि‍रोजाबाद के डीआइओएस कार्यालय में कुल 140 शि‍कायतें आई  हैं. फि‍रोजाबाद में जिस तरह से शि‍कायतें आई हैं उससे यह स्पष्ट है कि परीक्षाओं के निर्धारण में निर्धारित मानक का कड़ाई से पालन नहीं किया गया है. फि‍रोजाबाद के डीआइओएस बालमुकुंद प्रसाद कहते हैं, “परीक्षा केंद्र से जुड़ीं 140 आपत्तियां प्राप्त हुई हैं. सभी आपत्तियों पर विचार किया जाएगा. जो आपत्ति सही होगी, उसे शासन को अवगत कराया जाएगा.”

राजधानी लखनऊ में भी यूपी बोर्ड परीक्षा केंद्र बनाने में काफी गड़बड़ियां सामने आई हैं. लखनऊ के राजकीय दृष्टिबाधित स्कूल के बच्चों का परीक्षा केंद्र 10 किलोमीटर दूर बना दिया है जबकि इनके लिए स्वकेंद्र की व्यवस्था है. कॉलेज के प्रधानाचार्य ने इस पर 30 जनवरी को आपत्ति दर्ज कराई है. लखनऊ के मोहान रोड स्थित स्पर्श राजकीय दृष्टिबाधित बालक इंटर कॉलेज, यूपी बोर्ड परीक्षा के लिए परीक्षा केंद्र बनाया गया है. लेकिन इसी स्कूल के 34 छात्रों को बोर्ड परीक्षा के लिए दूसरे परीक्षा केंद्रों पर भेज दिया गया है. इनमें कुछ बच्चों को इंडस्ट्रीयल इंटर कॉलेज और कुछ को एमडी शुक्ला इंटर कॉलेज में भेजा गया है. स्पर्श राजकीय दृष्टिबाधित बालक इंटर कॉलेज से इन कॉलेजों की दूरी 10 से 15 किलोमीटर तक है. प्रिंसिपल डॉ. ओंकार नाथ शुक्ला ने बताया कि परीक्षा केंद्र निर्धारण नीति में साफ उल्लेख है कि दिव्यांग छात्रों को उन्हीं के स्कूल में परीक्षा देने की सुविधा दी जाएगी लेकिन लखनऊ में ही इसका पालन नहीं किया गया है.

बोर्ड परीक्षा केंद्र निर्धारण में निर्धारित दूरी का ध्यान भी नहीं रखा गया है. मेरठ में मवाना कृषक इंटर कॉलेज का सेंटर करीब 19 किलोमीटर दूर बना दिया है, इसी तरह दौराला के इंटर कॉलेज का सेंटर भी 15 किलोमीटर से ज्यादा दूर है. जबकि यूपी बोर्ड के मानकों के अनुसार 10 किलोमीटर से अधिक दूरी पर परीक्षा केंद्र नहीं बनाया जाना चाहिए. बस्ती जिले में यूपी बोर्ड प्रशासन ने 120 विद्यालयों को परीक्षा केंद्र बनाया है. इनमें से कुछ विद्यालय ऐसे हैं, जहां परीक्षार्थियों के बैठने तक की व्यवस्था नहीं है. सीसीटीवी कैमरे भी नहीं लगे हैं, जबकि बोर्ड प्रशासन का सख्त निर्देश है कि जहां सीसीटीवी कैमरे नहीं हैं, ऐसे विद्यालयों को परीक्षा केंद्र नहीं बनाया जा सकता है. बस्ती शहर के पुरानी बस्ती स्थित महाजन उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के कमरे काफी जीर्ण-शीर्ण हो चुके हैं. वहां बुनियादी सुविधाएं तक नहीं हैं. इसी के साथ राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कछिया, जनता उच्चतर माध्यमिक विद्यालय इटवा कुनगाई, पंडित दीनदयाल उपाध्याय मॉडल विद्यालय श्रृंगीनारी में सीसीटीवी सहित अन्य सुविधाएं नहीं है, इसके बावजूद इन विद्यालयों को परीक्षा केंद्र की सूची में शामिल कर दिया गया है. बस्ती के डीआइओएस डीएस यादव बताते हैं, “परीक्षा केंद्रों से जुड़ी आपत्त‍ियों का परीक्षण कर उसे शासन के संज्ञान में लाया जाएगा.”

यूपी बोर्ड ने 2021 की हाइस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा के लिए 312 स्कूलों को केंद्र निर्धारण की प्रक्रिया से डिबार कर दिया है. बोर्ड ने डिबार स्कूलों की सूची भी जारी कर दी है. पिछले साल 433 स्कूलों को काली सूची में रखा गया था जबकि 2021 के लिए 312 स्कूल ही केंद्र निर्धारण से प्रतिबंधित किए गए हैं. सर्वाधिक 60 स्कूल अलीगढ़ के डिबार किए गए हैं. फिरोजाबाद के 24, प्रयागराज के 17, प्रतापगढ़ के 14, मथुरा के 11 और आगरा व गोरखपुर के 10-10 स्कूलों को केंद्र निर्धारण की प्रक्रिया से बाहर किया गया है. 312 स्कूलों की सूची में 51 स्कूल ऐसे हैं जिन्हें गंभीर अनियमितता के कारण आजीवन प्रतिबंधित किया गया है.

यूपी बोर्ड सचिव दिव्यकांत शुक्ल बताते हैं, “कोविड-19 की गाइडलाइन के पालन के लिए इस बार वर्ष 2020 की तुलना में 10 फीसद अधिक परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं. परीक्षा केंद्र निर्धारण समिति की ओर से 2020 के परीक्षा केंद्रों 7,783 के स्थानों पर अबकी बार 8,497 परीक्षा केंद्र बनाने की सिफारिश की गई है. विद्यालयों में संसाधनों की कमी को देखते हुए केंद्र नीति में बदलाव किया गया है.” यूपी बोर्ड ने जिला विद्यालय निरीक्षकों की ओर से प्रधानाचार्यों को 30 जनवरी तक परीक्षा केंद्रों के बारे अपनी आपत्ति उन्हें उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया था. यूपी बोर्ड के एक अधि‍कारी नाम न छापने की शर्त पर बताते हैं, “बोर्ड के सॉफ्टवेयर ने एरियल डिस्टेंस के आधार पर परीक्षा केंद्र तय कर दिया है, इस कारण से बड़ी संख्या में स्कूलों का परीक्षा केंद्र 30 से 40 किमी दूर चला गया है.” बोर्ड ने सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों से परीक्षा केंद्रों के बारे में आने वाली आपत्तियों का निस्तारण करके 18 फरवरी तक बोर्ड को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है. बोर्ड की केंद्र निर्धारण समिति, जिला समिति की रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद 22 फरवरी को परीक्षा केंद्रों की अंतिम सूची जारी कर दी जाएगी.

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