साल भर के लिए काशी से मुंह फेर लिया पर्यटकों ने
कोरोना वायरस के खिलाफ जंग भले ही जीत ली जाए लेकिन इसके दंश से काशी के घाट अपने चिरपरिचित पर्यटकों से फिलहाल इस वर्ष तो वंचित ही रहेंगे

पौराणिक नगरी बनारस विदेशी पर्यटकों के बीच हमेशा से एक उत्सुकता जगाती रही है. यही वजह है कि यूपी में विदेशी पर्यटकों के आने के लिहाज से काशी और ताज नगरी आगरा में हमेशा से कड़ी प्रतियोगिता रहती है.
लेकिन कोरोना महामारी के खिलाफ विश्व भर में बने माहौल ने पर्यटकों पर भी असर किया है. हाल यह है कि देश-विदेश के करीब तीन हजार पर्यटकों ने अपना काशी दौरा निरस्त कर दिया है.
कोरोना वायरस के खिलाफ जंग भले ही जीत ली जाए लेकिन इसके दंश से काशी के घाट अपने चिरपरिचित पर्यटकों से फिलहाल इस वर्ष तो वंचित ही रहेंगे. टूर एवं ट्रैवेल से जुड़े कारोबारियों के अनुसार अमेरिकी, स्पेन, इटली, जापान, चीन के पर्यटकों के साथ महाराष्ट्र, गुजरात और दक्षिण के दूसरे प्रदेशों से आने वाले पर्यटकों ने काशी में अपनी बुकिंग कैंसिल कराई है.
वाराणसी के टूर ट्रैवेल एजेंट समीर राय बताते हैं, “जून और जुलाई में औसत विदेशी सैलानी काशी घूमने आते हैं. इसके बाद सितंबर और अक्टूबर से विदेशी पर्यटकों की संख्या काशी में बढ़ने लगती है जो दिसंबर और जनवरी में अपने चरम पर होती है.”
कोरोना संकट फैलने के बाद आज स्थिति यह है कि वाराणसी के करीब 70 ट्रैवल एजेंटों के यहां रोज दस से पंद्रह बुकिंग कैंसिल करा रहे हैं. टूरिस्ट गाइड अमन मिश्रा बताते हैं कि पर्यटकों की संख्या में गिरावट अगले एक वर्ष तक दिखाई पड़ेगी जबतक पूरा विश्व करोना मुक्त नहीं हो जाता है. अगर सब सामान्य रहा तो अगले वर्ष की पयर्टन उद्योग तेजी पकड़ पाएगा.
अमेरिका से हर वर्ष वाराणसी आने वाले 76 सदस्यीय दल ने इस बार अक्टूबर के अपने प्रस्तावित टूर को रद कर दिया है. वाराणसी के लंका में ट्रैवल एजेंट का कार्य करने वाले राजेश चौरसिया बताते हैं “अगर ऐसे ही हालात बने रहे तो वाराणसी में होटल इंडस्ट्री अपने सबसे बुरे दौर से गुजरेगी. पर्यटकों को लुभाने के लिए होटल इंडस्ट्री कई नई योजनाएं लेकर सामने आ सकती है जिसमें स्थानीय पर्यटकों के लिए काफी सहूलियतें दी जाएं.”
यूपी के टूर एवं ट्रैवल एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने सोमवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए एक मीटिंग की. इस मीटिंग में पदाधिकारियों ने केंद्र और राज्य सरकार से मांग की कि पर्यटन स्थलों को प्रमोट किया जाए, जीएसटी में छूट, ट्रांसर्पोटर को ईएमआइ में छूट की व्यवस्था करने के लिए सरकार से मांग की है.
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