कोरोना के खिलाफ जंग में नजीर बनकर उभरा आगरा
आगरा उत्तर प्रदेश में कोरोना का हॉटस्पॉट बन गया था. पर इसी के साथ आगरा में भी कोरोना संक्रमण के रोकथाम के लिए प्रयास तेज हो गए थे. अब कोरोना प्रसार की रोकथाम के लिए आगरा में किए जा रहे प्रयासों की केंद्र सरकार ने सराहना की है

दो मार्च को देश में सबसे पहले कोरोना मरीज के मिलने से सनसनी फैल गई थी. इसी के साथ आगरा में भी कोरोना संक्रमण के रोकथाम के लिए प्रयास तेज हो गए थे. रोकथाम के लिए आगरा में किए जा रहे प्रयासों की केंद्र सरकार ने सराहना की है.
केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय के अधीन आने वाले स्मार्ट सिटी मिशन निदेशालय ने देश भर में स्मार्ट सिटी के लिए चयनित शहरों में कोरोना संक्रमण के रोकथाम के लिहाज से रैंकिंग जारी की है. छह अप्रैल को जारी इस रैंकिंक में यूपी चयनित आठ शहरों में आगरा ने कोरोना महामारी की रोकथाम के लिए सबसे अच्छा काम किया है.
इस सर्वे में आगरा, कानपुर और लखनऊ के दो-दो प्रयासों को सराहा गया है. वाराणसी, प्रयागराज, अलीगढ़, मुरादाबाद और सहारनपुर के एक-एक कार्यों को स्मार्ट सिटी वाले सौ शहरों की सूची में नजीर के रूप में शामिल किया गया है.
यूपी में सबसे ज्यादा आगरा में कोरोना पाजिटिव मामले सामने आए हैं. इसके बाद सरकार ने यहां प्रदेश में सबसे पहले हॉटस्पॉट बनाए गए थे. छह अप्रैल को 22 हॉस्टस्पॉट जोन (रेड जोन) बनाए गए थे. वर्तमान में इनकी संख्या 29 है. मार्च ११ को स्वास्थ्य मंत्रलय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने नई दिल्ली में प्रेसवार्ता के दौरान आगरा को रोल मॉडल मानते हुए खुलकर तारीफ की.
संयुक्त सचिव ने बताया कि इटली से घूमकर आगरा आए एक परिवार के लोगों में सबसे पहले कोरोना की पुष्टि हुई थी. पुलिस-प्रशासन ने बेहतर तालमेल दिखाया. परिवार के सदस्य कहां-कहां गए. इसकी पूरी ट्रेसिंग की गई. तीन किमी को कंटेंटमेंट और पांच किमी को बफर जोन में बदला गया. फिर 1248 मेडिकल टीमों का गठन कर अब तक नौ लाख लोगों का सर्वे किया गया जिसमें 2500 लोग खांसी, जुकाम और बुखार से पीड़ित मिले. इन पर लगातार नजर रखी जा रही है. इनके ब्लड सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं. नगर निगम स्थित कमांड एंड कंट्रोल सेंटर में वाररूम बनाया गया.
कोरोना संकट बढ़ने के बाद आगरा जिला प्रशासन ने घर-घर राशन पहुंचाने के लिए 100 वार्डों के दुकानदारों के नंबरों को वेबसाइट पर डालकर स्थानीय लोगों की मदद की. कालाबाजारी रोकने और निर्धारित मूल्य पर सामान लोगों को पहुंचाने के लिए एजेंसियों से करार किया.
इसके साथ ही इंटीग्रेटेड कोरोना कमांड सेंटर की स्थापना कर लोगों की शिकायतें और उनके निस्तारण का कार्य युद्ध स्तर पर शुरू किया. प्रशासन ने रियायती दर पर लोगों को सेनेटाइजर और मास्क देने का काम भी किया.
ताजनगरी ऐसे लड़ रही कोरोना के खिलाफ जंग
-नगर निगम में कमांड एंड कंट्रोल रूम बनाया गया है. सेहत की जांच, आगरा लॉकडाउन मानीटरिंग एप, चेक ग्रॉसरी एप लांच किया जा चुका है.
-स्वास्थ्य विभाग ने टेली मेडिसिन की सुविधा शुरू की है. इसमें कोई भी मरीज डाक्टर से आनलाइन परामर्श ले सकता है. दवाओं की होम डिलीवरी की सुविधा शुरू की गई.
- स्थानीय प्रशासन ने ई-कामर्स पर फोकस किया है. आवश्यक वस्तुओं की होम डिलीवरी कराई जा रही है।
- आवश्यक सेवाओं में दिक्कत न हो, इसलिए जिलाधिकारी कार्यालय से पूरी सतर्कता के साथ मैनुअल पास जारी किए गए. इसके साथ ई-पास की भी सुविधा दी गई.
-नगर निगम में कम्युनिटी किचन शुरू किया गया है. जनसहयोग से पचास हजार के करीब खाने के पैकेटों का वितरण रोज कराया जा रहा है.
-डाक्टरों व अन्य संदिग्ध मरीजों को कोरंटाइन करने के लिए होटलों में 566 और अन्य में 3180 बेड रिजर्व किए गए हैं.
-पशुओं के लिए चारा की व्यवस्था की गई. हर दिन नगर निगम की टीम पशुओं-पक्षियों को दाना-पानी उपलब्ध करा रही है.
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